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Police Files में जिसका 30 पहले हुआ मर्डर वो 2017 में फिर मर गया
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 14 Aug 2017 06:42 PM IST
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पुलिस रिकॉर्ड में जिस बदमाश का मर्डर 1987 में हो गया था लेकिन साल 2017 अगस्त में वही बदमाश फिर बीमारी से मर गया। इस अजीबोगरीब मामले ने शासन-प्रशासन को हिला कर रख दिया है। रिकॉर्ड में खेल का ये ताजा मामला यूपी के चित्रकूट (मानिकपुर) जिले का है।
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पुलिस रिकॉर्ड के रूप में दर्ज रमेश यादव की हत्या तो 1987 में हो गई थी लेकिन सबकी आंखे तब चौंधिया गई और सभी अवाक रह गए जब पता चला कि वह जिंदा था और उसकी रविवार को बीमारी से मौत हुई है। पुलिस अधिकारी रिकार्ड देखकर ही कुछ बताने की बात कर रहे हैं।
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चित्रकूट मानिकपुर थानाक्षेत्र के महावीर नगर में रविवार को रमेश यादव (55) पुत्र मथुरा प्रसाद की बीमारी के चलते मौत हो गई। यह नाम सुनते ही स्थानीय बड़े बुजुर्र्गों को शक हुआ। जानकारी करने पर पता चला कि लगभग 30 साल पहले यह रमेश यादव चलती ट्रेन और कुछ स्थानों पर लूट व छिनैती की घटनाओं में पुलिस रिकार्ड में वांछित था। इस पर मझगंवा थाना पुलिस ने इनाम भी घोषित किया था।
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1987 में टिकरिया गांव के एक तालाब के पास सिर कटी लाश मिली थी। जिस पर पुलिस ने छानबीन की तो उसकी शिनाख्त रमेश यादव के रूप में की गई थी। इसकी जानकारी होने पर जीवित रमेश सतना मप्र में नाम बदलकर परिवार के साथ रहने लगा। मानिकपुर में उसके भाई व अन्य परिवार रहता है। जिनसे मिलने के लिए कभीकभार आता था।
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रविवार को उसकी मानिकपुर में ही मौत हो गई। उसके भाई कौशल व जयकरण ने बताया कि रमेश की ही मौत बीमारी से हुई है। अभी तक यह सतना में रहता था। इस मामले में थानाध्यक्ष साजिद खान ने बताया कि कई लोगों ने यह बताया है कि रविवार को मृत रमेश पहले बदमाश था और उसकी मौत की पुष्टि पुलिस रिकार्ड में है। पुलिस रिकार्ड अभी मिल नहीं पाया है। जिसकी छानबीन की जा रही है।