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Kanpur News: अक्तूबर 2021 में बनाया वोकेशनल सेंटर, कई जिलों में फैलाया मकड़जाल
Mon, 12 Jan 2026 01:24 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 12 Jan 2026 01:24 AM IST
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कानपुर देहात। धर्मांतरण का कुचक्र रचने की फिराक में घूम रहे शातिरों ने कोरोना महामारी को आपदा में अवसर के तौर पर प्रयोग किया। पुलिस के मुताबिक कोरोना में अकबरपुर के बाढ़ापुर स्थित एक स्कूल में ताला लटका देख शातिरों ने भवन का सौदा कर लिया। इसके बाद अक्तूबर 2021 में झांसी के कांतीलाल के नाम पर वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर का संचालन शुरू हुआ। फिर जून 2024 तक शातिरों ने जनपद समेत प्रदेश के कई जिलों में लोगों की मदद कर धर्मांतरण का मकड़जाल फैला दिया।
जनपद में धर्मांतरण के मकड़जाल का मंसूबा लेकर घूम रहे लोगों ने वर्ष 2015 में ही धर्मांतरण का खेल शुरू कर दिया था। धर्मांतरण के मामले में शनिवार को अकबरपुर थाना में निबौली निवासी रामभरोसे ने पुलिस को दी तहरीर दी थी। तहरीर में रामभरोसे ने वर्ष 2015 के करीब नवाकांति संस्था में शामिल अकबरपुर के पातेपुर निवासी हरिओम त्यागी के संपर्क में आने की बात पुलिस को बताई थी। वहीं पुलिस की जांच में पता चला कि बाढ़ापुर में वर्ष 2011 में नित्या फाउंडेशन स्कूल का संचालन शुरू हुआ था। इसमें नर्सरी से कक्षा आठ तक का शिक्षण कार्य होता था। कोरोना काल में स्कूल बंद हो गया।
वर्ष 2021 में झांसी के कांतिलाल ने जमीन का सौदा तय कर लिया। अक्तूबर में शुरू हुए नवाकांति वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर में नेहरू नगर अकबरपुर निवासी स्कूल की प्रधानाचार्य सावित्री शर्मा को प्रार्थना सभा के आयोजक के तौर पर जिम्मेदारी दी गई। वहीं, स्कूल में वैन चालक रहे हरिओम त्यागी ने पादरी का काम किया और झांसी के डेनियल शरद सिंह ने मैनेजमेंट से लेकर संस्था के आय-व्यय व फंडिंग आदि के कार्य संभाले। इन लोगों ने करीब 18 बिंदुओं पर काम कर धर्मांतरण को बढ़ावा देते हुए अपने मंसूबों को पूरा करने में जुट गए।
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जून 2024 तक गिरोह के सदस्यों ने कानपुर देहात, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, कन्नौज, उन्नाव, फतेहपुर, आदि स्थानों पर अपना मकड़ जाल फैला लिया। कई स्थानों पर बोरवेल करवाए तो कहीं हैंडपंप की सौगात देकर विश्वास जीता तो कहीं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर गरीब तबके के लोगों को दिल में जगह बनाई। साथ ही कई जिलों में धर्मांतरण का कार्य भी करवाया। पुलिस के हाथों संस्था के कुछ अभिलेख व अन्य सामग्री भी हाथ लगी है। एसआईटी अब इन जिलों में धर्मांतरण कराए जाने की जांच व चेन सिस्टम में बंधे गिरोह के सदस्यों की धर पकड़ के लिए जुटी है।
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कानपुर देहात के अलावा कानपुर नगर व इटावा में संस्था ने लगवाएं हैंडपंप
सूत्रों से अनुसार नवाकांति सोसायटी के वोरबेल क्लब की ओर से जिले में रसूलाबाद, अकबरपुर, आलमचंदपुर, लालपुर, देवीपुर, भवानीपुर सहित करीब 50 स्थानों पर हैंडपंप लगवाए। इसके अलावा कानपुर नगर, घाटमपुर और इटावा सहित अन्य जिलों में भी हैंडपंप लगवाए। एक हैंडपंप को लगाने में करीब 50, 000 रुपये तक का खर्चा आता है। संस्था की ओर से इस बात का भी ध्यान रखा जाता था कि एक हैंडपंप से कितने लोगों को राहत मिली है।
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घाटमपुर सहित अन्य स्थानों पर खोले गए थे प्रौढ़ शिक्षा केंद्र
नवाकांति संस्था की ओर से जून 2024 से पहले अकबरपुर व कानपुर नगर के घाटमपुर क्षेत्र में प्रौढ़ शिक्षा केंद्र खोला गया। इसके अलावा 10 जिलों के अंदर करीब 35 प्रौढ़ शिक्षा केंद्र खोले जाने की जानकारी मिली है। संस्था के सदस्य इन केंद्रों के जरिये पहले लोगों को कौशल संबंधी प्रशिक्षण देते थे। इसके बाद उन्हें धीरे-धीरे अपने धर्म के बारे में जानकारी देकर उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते थे। इसके अलावा नवाकांति संस्था की ओर से सिलाई प्रशिक्षण केंद्र, सिलाई मशीन मुहैया करवाना सहित अन्य जरूरी सामान लोगों को उपलब्ध करवाते थे। इसके साथ ही संस्था की ओर अपनी गतिविधियों को तेज करने के लिए फील्ड स्तर पर भी टीम बना रखी है।
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जिले में संचालित हो रहीं 21 चर्च
जनपद में वर्तमान समय में करीब 21 चर्च का संचालन किया जा रहा है। इनमें से कुछ चर्च निर्माण के दौरान शासन से भी अनुमति नहीं ली गई है। धर्मांतरण मामले की जांच में जुटी एसआईटी अब इन चर्च की पत्रावलियों की खंगालने में जुटी है।
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एसआईटी की रडार पर वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर के ट्रेनर
अकबरपुर के बाढ़ापुर में हाईवे किनारे संचालित नवाकांति वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर में धर्मांतरण कराए जाने के खेल का खुलासा कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। एसआईटी को आरोपियों के पास मिले फोटोग्राफ्स में कई विदेशी लोगों के संस्था में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होने के सुराग मिले थे। वहीं निबौली निवासी पीड़ित रामभरोसे ने भी संस्था में पहले कौशल संबंधी प्रशिक्षण दिए जाने के बहाने विश्वास जीतने बाद में धीरे-धीरे धर्मांतरण करवा देने के आरोप लगाए थे। एसआईटी अब आरोपियों के पास बरामद हुई फोटोग्राफ्स के जरिए ट्रेनरों को चिह्नित करने में जुटे हैं।
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बैंक बंद होने के चलते नहीं चल सका विदेशी फंडिंग का पता
एसआईटी ने नवाकांति संस्था के मैनेजर डेनियल शरद सिंह की गिरफ्तारी के साथ कुछ अभिलेख भी कब्जे में लिए थे। पुलिस संस्था के बैंक खाता व आरोपियों की बैंक खातों में विदेशी फंडिंग होने के संकेत मिले थे मगर रविवार के चलते बैंक शाखाएं बंद होने के चलते आरोपियों व संस्था के खातों की जांच नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारी सोमवार को बैंक शाखाएं खुलने पर आरोपियों के खातों की जांच आदि करवाए जाने की बात कह रहे हैं।
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वर्जन.......
धर्मांतरण के मामले में पुलिस टीम अब तक मिले अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर कड़ी से कड़ी मिलाकर जांच कर रही है। इसमें लोगों की संलिप्ता, इस कार्य में जुड़े लोगों और फंडिग को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जो भी साक्ष्य मिलेंगे उसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। - श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, एसपी
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जनपद में धर्मांतरण के मकड़जाल का मंसूबा लेकर घूम रहे लोगों ने वर्ष 2015 में ही धर्मांतरण का खेल शुरू कर दिया था। धर्मांतरण के मामले में शनिवार को अकबरपुर थाना में निबौली निवासी रामभरोसे ने पुलिस को दी तहरीर दी थी। तहरीर में रामभरोसे ने वर्ष 2015 के करीब नवाकांति संस्था में शामिल अकबरपुर के पातेपुर निवासी हरिओम त्यागी के संपर्क में आने की बात पुलिस को बताई थी। वहीं पुलिस की जांच में पता चला कि बाढ़ापुर में वर्ष 2011 में नित्या फाउंडेशन स्कूल का संचालन शुरू हुआ था। इसमें नर्सरी से कक्षा आठ तक का शिक्षण कार्य होता था। कोरोना काल में स्कूल बंद हो गया।
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वर्ष 2021 में झांसी के कांतिलाल ने जमीन का सौदा तय कर लिया। अक्तूबर में शुरू हुए नवाकांति वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर में नेहरू नगर अकबरपुर निवासी स्कूल की प्रधानाचार्य सावित्री शर्मा को प्रार्थना सभा के आयोजक के तौर पर जिम्मेदारी दी गई। वहीं, स्कूल में वैन चालक रहे हरिओम त्यागी ने पादरी का काम किया और झांसी के डेनियल शरद सिंह ने मैनेजमेंट से लेकर संस्था के आय-व्यय व फंडिंग आदि के कार्य संभाले। इन लोगों ने करीब 18 बिंदुओं पर काम कर धर्मांतरण को बढ़ावा देते हुए अपने मंसूबों को पूरा करने में जुट गए।
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जून 2024 तक गिरोह के सदस्यों ने कानपुर देहात, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, कन्नौज, उन्नाव, फतेहपुर, आदि स्थानों पर अपना मकड़ जाल फैला लिया। कई स्थानों पर बोरवेल करवाए तो कहीं हैंडपंप की सौगात देकर विश्वास जीता तो कहीं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर गरीब तबके के लोगों को दिल में जगह बनाई। साथ ही कई जिलों में धर्मांतरण का कार्य भी करवाया। पुलिस के हाथों संस्था के कुछ अभिलेख व अन्य सामग्री भी हाथ लगी है। एसआईटी अब इन जिलों में धर्मांतरण कराए जाने की जांच व चेन सिस्टम में बंधे गिरोह के सदस्यों की धर पकड़ के लिए जुटी है।
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कानपुर देहात के अलावा कानपुर नगर व इटावा में संस्था ने लगवाएं हैंडपंप
सूत्रों से अनुसार नवाकांति सोसायटी के वोरबेल क्लब की ओर से जिले में रसूलाबाद, अकबरपुर, आलमचंदपुर, लालपुर, देवीपुर, भवानीपुर सहित करीब 50 स्थानों पर हैंडपंप लगवाए। इसके अलावा कानपुर नगर, घाटमपुर और इटावा सहित अन्य जिलों में भी हैंडपंप लगवाए। एक हैंडपंप को लगाने में करीब 50, 000 रुपये तक का खर्चा आता है। संस्था की ओर से इस बात का भी ध्यान रखा जाता था कि एक हैंडपंप से कितने लोगों को राहत मिली है।
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घाटमपुर सहित अन्य स्थानों पर खोले गए थे प्रौढ़ शिक्षा केंद्र
नवाकांति संस्था की ओर से जून 2024 से पहले अकबरपुर व कानपुर नगर के घाटमपुर क्षेत्र में प्रौढ़ शिक्षा केंद्र खोला गया। इसके अलावा 10 जिलों के अंदर करीब 35 प्रौढ़ शिक्षा केंद्र खोले जाने की जानकारी मिली है। संस्था के सदस्य इन केंद्रों के जरिये पहले लोगों को कौशल संबंधी प्रशिक्षण देते थे। इसके बाद उन्हें धीरे-धीरे अपने धर्म के बारे में जानकारी देकर उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते थे। इसके अलावा नवाकांति संस्था की ओर से सिलाई प्रशिक्षण केंद्र, सिलाई मशीन मुहैया करवाना सहित अन्य जरूरी सामान लोगों को उपलब्ध करवाते थे। इसके साथ ही संस्था की ओर अपनी गतिविधियों को तेज करने के लिए फील्ड स्तर पर भी टीम बना रखी है।
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जिले में संचालित हो रहीं 21 चर्च
जनपद में वर्तमान समय में करीब 21 चर्च का संचालन किया जा रहा है। इनमें से कुछ चर्च निर्माण के दौरान शासन से भी अनुमति नहीं ली गई है। धर्मांतरण मामले की जांच में जुटी एसआईटी अब इन चर्च की पत्रावलियों की खंगालने में जुटी है।
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एसआईटी की रडार पर वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर के ट्रेनर
अकबरपुर के बाढ़ापुर में हाईवे किनारे संचालित नवाकांति वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर में धर्मांतरण कराए जाने के खेल का खुलासा कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। एसआईटी को आरोपियों के पास मिले फोटोग्राफ्स में कई विदेशी लोगों के संस्था में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होने के सुराग मिले थे। वहीं निबौली निवासी पीड़ित रामभरोसे ने भी संस्था में पहले कौशल संबंधी प्रशिक्षण दिए जाने के बहाने विश्वास जीतने बाद में धीरे-धीरे धर्मांतरण करवा देने के आरोप लगाए थे। एसआईटी अब आरोपियों के पास बरामद हुई फोटोग्राफ्स के जरिए ट्रेनरों को चिह्नित करने में जुटे हैं।
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बैंक बंद होने के चलते नहीं चल सका विदेशी फंडिंग का पता
एसआईटी ने नवाकांति संस्था के मैनेजर डेनियल शरद सिंह की गिरफ्तारी के साथ कुछ अभिलेख भी कब्जे में लिए थे। पुलिस संस्था के बैंक खाता व आरोपियों की बैंक खातों में विदेशी फंडिंग होने के संकेत मिले थे मगर रविवार के चलते बैंक शाखाएं बंद होने के चलते आरोपियों व संस्था के खातों की जांच नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारी सोमवार को बैंक शाखाएं खुलने पर आरोपियों के खातों की जांच आदि करवाए जाने की बात कह रहे हैं।
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वर्जन.......
धर्मांतरण के मामले में पुलिस टीम अब तक मिले अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर कड़ी से कड़ी मिलाकर जांच कर रही है। इसमें लोगों की संलिप्ता, इस कार्य में जुड़े लोगों और फंडिग को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जो भी साक्ष्य मिलेंगे उसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। - श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, एसपी