{"_id":"69b71066763773363a0bcc90","slug":"the-scoundrel-used-to-trap-the-youth-by-luring-them-with-the-promise-of-a-job-abroad-kanpur-news-c-362-1-ka11002-143487-2026-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को फंसाता था शातिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को फंसाता था शातिर
विज्ञापन
कानपुर। लिंकडइन और अन्य माध्यमों से युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कंबोडिया ले जाने वाले आरोपी कृष्ण कुमार लखवानी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि वह कानपुर समेत कई शहरों के युवकों को अपने जाल में फंसाकर कंबोडिया ले जाता था और वहां उनसे साइबर ठगी कराने के लिए मजबूर करता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी युवकों को थाईलैंड या अन्य देशों में अच्छी सैलरी वाली नौकरी का लालच देता था। भरोसा दिलाने के बाद उन्हें विदेश बुलाया जाता और फिर कंबोडिया के साइबर ठगी गिरोहों के हवाले कर दिया जाता था। वहां पहुंचने के बाद युवकों के पासपोर्ट और पैसे छीन लिए जाते थे और उन्हें एक तरह से बंधक बनाकर रखा जाता था। उनसे दिन-रात ऑनलाइन ठगी के काम कराए जाते थे। काकादेव के नई बस्ती निवासी ओसामा खान भी ऐसे ही झांसे में फंस गया था। उसे नौकरी का लालच देकर पहले दिल्ली फिर चेन्नई और बैंकॉक होते हुए म्यांमार तक पहुंचा दिया गया था जहां उससे जबरन साइबर ठगी से जुड़े काम कराए गए। 22 अक्तूबर को आरोपियों के चंगुल से निकलने के बाद वह छह नवंबर को कानपुर आ पाया था।
सीबीआई की जांच में पता चला है कि कृष्ण कुमार लखवानी ने इसी तरह कई युवकों को विदेश भेजा और उन्हें साइबर ठगी के गिरोहों के लिए काम करने पर मजबूर किया। एजेंसी अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जांच में सामने आया है कि आरोपी युवकों को थाईलैंड या अन्य देशों में अच्छी सैलरी वाली नौकरी का लालच देता था। भरोसा दिलाने के बाद उन्हें विदेश बुलाया जाता और फिर कंबोडिया के साइबर ठगी गिरोहों के हवाले कर दिया जाता था। वहां पहुंचने के बाद युवकों के पासपोर्ट और पैसे छीन लिए जाते थे और उन्हें एक तरह से बंधक बनाकर रखा जाता था। उनसे दिन-रात ऑनलाइन ठगी के काम कराए जाते थे। काकादेव के नई बस्ती निवासी ओसामा खान भी ऐसे ही झांसे में फंस गया था। उसे नौकरी का लालच देकर पहले दिल्ली फिर चेन्नई और बैंकॉक होते हुए म्यांमार तक पहुंचा दिया गया था जहां उससे जबरन साइबर ठगी से जुड़े काम कराए गए। 22 अक्तूबर को आरोपियों के चंगुल से निकलने के बाद वह छह नवंबर को कानपुर आ पाया था।
विज्ञापन
सीबीआई की जांच में पता चला है कि कृष्ण कुमार लखवानी ने इसी तरह कई युवकों को विदेश भेजा और उन्हें साइबर ठगी के गिरोहों के लिए काम करने पर मजबूर किया। एजेंसी अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
विज्ञापन