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विनीत मिनोचा हत्याकांड: ‘150 सवाल, 19 दिन और 24 घंटे रिमांड’, पुलिस ने यूं बेनकाब की साजिश, पढ़ें इनसाइड स्टोरी

Fri, 25 Sep 2026 08:53 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Fri, 25 Sep 2026 08:53 AM IST
सार

Kanpur Murder News: विनीत मिनोचा हत्याकांड का सही मकसद और असली साजिशकर्ता बेनकाब करने में पुलिस को 19 दिन की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी की अगुवाई में 150 से अधिक सवालों और कस्टडी रिमांड पर हुए आमने-सामने की पूछताछ के बाद साफ हुआ कि मास्टरमाइंड बेटा सुब्रत ही था।

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Kanpur Vineet Minocha Murder Case 150 questions 19 days and 24 hour remand  heres how the police exposed plot
दवा कारोबारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर पुलिस ने विनीत मिनोचा हत्याकांड का छह अगस्त को ही खुलासा कर दिया था, लेकिन दोनों आरोपियों विशाल और राजकिशोर की गिरफ्तारी और विशाल की ओर से शालू का नाम लिया जाना पुलिस के लिए काफी नहीं था। पुलिस को शालू की गिरफ्तारी के पीछे बंदिशों की वजह समझ नहीं आ रही थी। बस, यहीं से पुलिस ने हत्या के कारण का पता लगाने के लिए अपनी जांच को जारी रखा।

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पुलिस को खुलासे में 19 दिन लग गए। सुब्रत, उसकी बहन शुभांगी और मां पुनीता से पूछताछ की। सुब्रत से थाने और पुलिस कमिश्नर दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई। जेल में शालू से भी सवाल-जवाब किए गए।  इसके साथ ही सुब्रत की फर्म पर पहुंचकर कर्मचारियों को भी घेरा। बुधवार को 24 घंटे का रिमांड लिया।

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दुकान में चोरी और पिता-पुत्र के बीच विवाद
यहां सुब्रत व विशाल का सामना कराया, तो 19 दिन पहले शालू का नाम लेने वाले विशाल की जुबान पर सुब्रत का नाम आ गया। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि दुकान में चोरी और पिता-पुत्र के बीच विवाद की बात, वहीं के कर्मचारियों से पता लगी थी। इस दाैरान 150 सवाल किए गए, तब जाकर हत्या का सही साजिशकर्ता और वजह सामने आ सकी।

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पुलिस की जांच में ये तथ्य आए थे सामने

  • पांच सितंबर की रात 9:38 बजे शालू और सुब्रत पार्टी के लिए घर से निकले थे।
  • रात 9:46 बजे दोनों हत्यारोपियों ने फ्लैट में प्रवेश किया।
  • विशाल ड्राइंग रूम में रहा और राजकिशोर दंपती के कमरे में छिपा। दोनों ने चार बार मोबाइल से बात की।
  • इसके बाद विशाल भी दंपती के कमरे में छिप गया। लाइट जलती देख विनीत भी उसी कमरे में प्रवेश कर गए।
  • दोनों आरोपियों को देखते ही विनीत चीखे तो राजकिशोर ने हाथ पकड़े और विशाल ने चाकुओं से गोद दिया।
  • छह सितंबर की सुबह 4:23 बजे शालू और सुब्रत बेटे के साथ पार्टी से लौटे।
  • सुबह 4:32 बजे अपार्टमेंट का गार्ड पहुंचा और फिर पुलिस को सूचना दी गई।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट, सिर व गले में निकले थे चोटों के 17 घाव।
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19 दिन तक इन लोगों ने केस में बहाया पसीना

  • पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल (आईपीएस)
  • डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी (आईपीएस)
  • विवेचक केशव कुमार तिवारी (इंस्पेक्टर)
  • दरोगा अमित मलिक
  • दरोग सुभाष चंद्र वर्मा
  • कांस्टेबल परशुराम व संजय कुमार

अदालत न वकील, पुलिस ने दिलाया इंसाफ
रतन आर्बिट अपार्टमेंट के लोगों का कहना है कि शालू ने जितने दिन भी दिन जेल में गुजारे हैं, उसका तो कोई मुआवजा नहीं मिलेगा, लेकिन पुलिस ने बिना वकील और अदालत के शालू को इंसाफ दिलाया वह सराहनीय है। कानून भी यही कहता है कि किसी बेगुनाह को सजा नहीं मिलनी चाहिए।

बेटे को बचाने के लिए पुनीता आगे आईं
पुलिस ने बताया कि विनीत की पत्नी पुनीता ने पुलिस के सामने खुलकर कोई बात नहीं कही। वह सिर्फ बहू शालू को ही आरोपी मानती रहीं। अब वह बेटे सुब्रत को बचाने के लिए अधिवक्ताओं के संपर्क में हैं। पूरे हालात से साफ है कि विनीत की अपनी पत्नी से भी नहीं पटरी खाती थी। यही वजह थी कि वह कानपुर कभी कदार ही आती थीं और कुछ दिन रुककर अपने काउंसलिंग के काम के लिए कभी लखनऊ तो कभी गाजियाबाद चली जाती थीं।

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