{"_id":"654543c9d4c1a6507a0354a4","slug":"the-rift-had-been-going-on-since-the-family-split-kanpur-news-c-220-1-akb1006-4897-2023-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: पारिवारिक बंटवारे के बाद से चला आ रहा था मनमुटाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: पारिवारिक बंटवारे के बाद से चला आ रहा था मनमुटाव
Sat, 04 Nov 2023 12:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 04 Nov 2023 12:32 AM IST
विज्ञापन
पुखरायां। देवराहट थाना क्षेत्र के गौरी गांव किसान राजेश की हत्या के बाद पारिवारिक बंटवारे को लेकर चले आ रहे मनमुटाव की बात सामने आई है। अक्सर दोनों परिवारों के बीच छोटी-छोटी बातों पर विवाद होता था। आए दिन का विवाद इतना बड़ा रूप ले लेगा, इसकी किसी को अंदाजा भी नहीं था।
गौरी निवासी कैलाश यादव व रतीराम यादव दो भाई हैं। कैलाश ने बताया कि बड़े भाई रतीराम से काफी पहले पारिवारिक बंटवारा हो चुका था। अपनी- अपनी जमीन पर कब्जा है। दोनों लोगों के अलग-अलग मकान बराबर ही बने हुए हैं। छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद किया जाता रहा। चाहे वह मकान बनाने में हो या खेतों में कार्य करते समय हो। कैलाश के छोटे बेटे अरविंद ने बताया कि खेत समतल कराया है, शुक्रवार को उसकी मेड़ साफ कर रहे थे। अचानक कमलेश, अमलेश और कल्लू उर्फ कालिका प्रसाद आकर मारपीट करने लगे। धमकी देकर गए लेकिन यह एहसास नहीं था की वह जानलेवा हमला कर देंगे। जब वह लोग आ गए तब देवराहट थाने को फोन किया था, लेकिन फाेन नहीं उठा। बड़े भाई राजेश के आ जाने पर उनपर फरसा कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। बड़े भाई की शादी नहीं हुई थी। अरविंद की पत्नी ज्योति ने बताया कि किसी को यह अंदाजा नहीं था कि छोटी से बात पर हुआ विवाद इतना बड़ा रूप ले लेगा। बड़े भइया राजेश कभी किसी से कहासुनी नहीं करते थे। थानाध्यक्ष रीना सिंह ने बताया कि आपसी झगड़े की कभी कोई तहरीर दोनों परिवारों में से किसी ने नहीं दी थीं।
-- -- -
पंचायत की बात भी नहीं मानी दोनों पक्षों ने
संवाद न्यूज एजेंसी
पुखरायां। किसान राजेश की हत्या को लेकर गांव के लोग बताते हैं कि दोनों परिवारों के बीच छोटी- छाेटी बातों को लेकर अक्सर विवाद होता था। इसको लेकर एक बार पंचायत भी हुई। इसमें गांव व परिवार के लोग बुलाए गए थे। कैलाश व रतीराम के साथ ही उनके बेटों को बुलाकर अक्सर गांव में रह विवाद न करने की बात समझाई गई। पंचायत में किसी भी पक्ष ने कुछ नहीं कहा, लेकिन पंचायत में रखी गई बात किसी ने नहीं मानी। यही वजह रही कि परिवार के एक सदस्य की हत्या हो गई।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
बड़े भाई रतीराम के पांच और कैलाश के तीन पुत्र
मूसानगर। रतीराम के पुत्र कमलेश, अमलेश, कल्लू और राजबहादुर और भूप सिंह हैं। जिसमें राजबहादुर बाहर रहकर नौकरी करता है। भूप सिंह बाबा हो जाने के कारण बाहर ही रहता है। वहीं छोटे भाई कैलाश के राजेश, अरविंद और नरेंद्र के तीन बेटे हैं। जिसमें नरेंद्र बाहर रहकर नौकरी करता है। पहले सभी एक दूसरे के साथ मिल जुलकर रहते थे। बंटवारे के बाद धीरे धीरे मनमुटाव हो गया। तीज त्योहार में मिलते थे लेकिन पहले जैसी खुशी नहीं थी।
-- --
घटना का एससास होता तो रोकने के लिए कुछ भी करती
बेटे राजेश की मौत के बाद मां गंगादेई रोती बिलखती रही। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाती रही। उसने पुलिस के सामने बताया कि दिन में जब खेत पर छोटे बेटे अरविंद से विवाद हुआ तो उसे लोगों ने बताया कि सभी को समझाकर शांत करा दिया। दोपहर जब परिवार के कमलेश, अमलेश व कल्लू फरसा कुल्हाड़ी लेकर खेतों की ओर जा रहे थे तभी उसे इतनी बड़ी घटना हो जाएगी एहसास नहीं हुआ, बोली नहीं तो रोकने के लिए कुछ भी करती।
विज्ञापन
गौरी निवासी कैलाश यादव व रतीराम यादव दो भाई हैं। कैलाश ने बताया कि बड़े भाई रतीराम से काफी पहले पारिवारिक बंटवारा हो चुका था। अपनी- अपनी जमीन पर कब्जा है। दोनों लोगों के अलग-अलग मकान बराबर ही बने हुए हैं। छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद किया जाता रहा। चाहे वह मकान बनाने में हो या खेतों में कार्य करते समय हो। कैलाश के छोटे बेटे अरविंद ने बताया कि खेत समतल कराया है, शुक्रवार को उसकी मेड़ साफ कर रहे थे। अचानक कमलेश, अमलेश और कल्लू उर्फ कालिका प्रसाद आकर मारपीट करने लगे। धमकी देकर गए लेकिन यह एहसास नहीं था की वह जानलेवा हमला कर देंगे। जब वह लोग आ गए तब देवराहट थाने को फोन किया था, लेकिन फाेन नहीं उठा। बड़े भाई राजेश के आ जाने पर उनपर फरसा कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। बड़े भाई की शादी नहीं हुई थी। अरविंद की पत्नी ज्योति ने बताया कि किसी को यह अंदाजा नहीं था कि छोटी से बात पर हुआ विवाद इतना बड़ा रूप ले लेगा। बड़े भइया राजेश कभी किसी से कहासुनी नहीं करते थे। थानाध्यक्ष रीना सिंह ने बताया कि आपसी झगड़े की कभी कोई तहरीर दोनों परिवारों में से किसी ने नहीं दी थीं।
विज्ञापन
पंचायत की बात भी नहीं मानी दोनों पक्षों ने
संवाद न्यूज एजेंसी
पुखरायां। किसान राजेश की हत्या को लेकर गांव के लोग बताते हैं कि दोनों परिवारों के बीच छोटी- छाेटी बातों को लेकर अक्सर विवाद होता था। इसको लेकर एक बार पंचायत भी हुई। इसमें गांव व परिवार के लोग बुलाए गए थे। कैलाश व रतीराम के साथ ही उनके बेटों को बुलाकर अक्सर गांव में रह विवाद न करने की बात समझाई गई। पंचायत में किसी भी पक्ष ने कुछ नहीं कहा, लेकिन पंचायत में रखी गई बात किसी ने नहीं मानी। यही वजह रही कि परिवार के एक सदस्य की हत्या हो गई।
विज्ञापन
बड़े भाई रतीराम के पांच और कैलाश के तीन पुत्र
मूसानगर। रतीराम के पुत्र कमलेश, अमलेश, कल्लू और राजबहादुर और भूप सिंह हैं। जिसमें राजबहादुर बाहर रहकर नौकरी करता है। भूप सिंह बाबा हो जाने के कारण बाहर ही रहता है। वहीं छोटे भाई कैलाश के राजेश, अरविंद और नरेंद्र के तीन बेटे हैं। जिसमें नरेंद्र बाहर रहकर नौकरी करता है। पहले सभी एक दूसरे के साथ मिल जुलकर रहते थे। बंटवारे के बाद धीरे धीरे मनमुटाव हो गया। तीज त्योहार में मिलते थे लेकिन पहले जैसी खुशी नहीं थी।
घटना का एससास होता तो रोकने के लिए कुछ भी करती
बेटे राजेश की मौत के बाद मां गंगादेई रोती बिलखती रही। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाती रही। उसने पुलिस के सामने बताया कि दिन में जब खेत पर छोटे बेटे अरविंद से विवाद हुआ तो उसे लोगों ने बताया कि सभी को समझाकर शांत करा दिया। दोपहर जब परिवार के कमलेश, अमलेश व कल्लू फरसा कुल्हाड़ी लेकर खेतों की ओर जा रहे थे तभी उसे इतनी बड़ी घटना हो जाएगी एहसास नहीं हुआ, बोली नहीं तो रोकने के लिए कुछ भी करती।