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आईआईटी में फाइटर प्लेन बनाकर उड़ाया
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 12 Jan 2015 09:21 AM IST
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एयर स्ट्रिप पर एडवांस फाइटर प्लेन की भरमार। प्लेन हवा में गोते लगाते आगे बढ़ते और कुछ ऊपर जाकर 8 के आकर में तब्दील हो जाते। सीधे उड़ान के बाद उल्टा होकर स्टंट बाजी करने लगते।
जी हां! यह नजारा रविवार को आईआईटी कानपुर के एयर स्ट्रिप पर देखने को मिला, जहां प्लेन बनाकर उड़ाने का प्रशिक्षण चल रहा था।
रिमोट कंट्रोल से संचालित प्लेन ऐसा करतब दिखा रहे थे मानो सीमा पर जंग छिड़ी हो और दुश्मन को मार गिराने का लक्ष्य मिला हो।
आईआईटी का टेकफेस्ट 19-22 मार्च तक होना है। इसके तहत अमेरिका की बोइंग कंपनी और आईआईटी के एयरो मॉडलिंग क्लब ने दो दिवसीय प्रशिक्षक शिविर लगाया। इस फेस्ट का मीडिया पार्टनर ‘अमर उजाला’ है।
पहले दिन (शनिवार को) प्लेन बनवाया गया। दूसरे रविवार को प्लेन बनाकर उड़ाने का गुरुमंत्र दिया गया। इसमें कानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (केआईटी) कानपुर सहित यूपी, देश के 28 कॉलेजों की टीमों ने हिस्सा लिया।
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सभी ने प्लेन बनाया और उड़ाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जिन कॉलेजों ने प्लेन बनाकर उड़ाया है, वह टेककृति की प्लेन मेकिंग, फ्लाइंग प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं।
एयरो मॉडलिंग क्लब के सचिव और टेककृति के सीनियर मेंबर शुभम मित्तल ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में देश के विभिन्न शहरों के 130 कॉलेजों के स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया।
सबने प्लेन बनाना सीखा है, जो बेसिक ट्रेनिंग की श्रेणी में आता है। 28 टीमों को एडवांस फाइटर प्लेन बनाने और उसे रिमोट कंट्रोल की मदद से उड़ाने की सीख दी गई है।
इन सबने रविवार को एयर स्ट्रिप प्लेन उड़ाया। ज्यादातर प्लेन जमीन से 100-200 फीट की ऊंचाई पर उड़ाए गए। पहली बार दो विंग का प्लेन बनवाया गया है। अभी तक एक विंग का प्लेन बनाया और उड़ाया जाता रहा है।
आईआईटी का दीक्षांत समारोह 23 फरवरी को
आईआईटी का 47वां दीक्षांत समारोह 23 फरवरी को होगा। इसमें एमटेक, एमडैस और पीएचडी के स्कॉलर को डिग्री दी जाएगी।
यही वजह है कि 6 फरवरी तक स्टूडेंट्स का नो ड्यूज सर्टिफिकेट और 10 फरवरी तक वायवा कराके मार्क्स का ब्यौरा देने को कहा गया है। आईआईटी का दीक्षांत समारोह अब दो चरणों में होगा।
पहले चरण में पोस्ट ग्रेजुएट (एमटेक, एमडैस, पीएचडी) को डिग्री दी जाएगी। यह समारोह हर साल फरवरी माह में होगा।
दूसरे चरण में बीटेक, बीटेक एमटेक डुवल डिग्री प्रोग्राम, बीटेक-एमएससी डुवल डिग्री प्रोग्राम, बीएससी-एमएससी (इंटीग्रेटेड एमएससी) की डिग्री दी जाएगी।
यह समारोह हर साल मई-जून महीने में होगा। इसी क्रम में ही पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स के पहले चरण का दीक्षांत समारोह 23 फरवरी को कराया जा रहा है।
डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. धीरज सांगी ने बताया कि दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि क्वालिटी काउंसिल के चेयरमैन अदिल जैनुलभाई होंगे।
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जी हां! यह नजारा रविवार को आईआईटी कानपुर के एयर स्ट्रिप पर देखने को मिला, जहां प्लेन बनाकर उड़ाने का प्रशिक्षण चल रहा था।
रिमोट कंट्रोल से संचालित प्लेन ऐसा करतब दिखा रहे थे मानो सीमा पर जंग छिड़ी हो और दुश्मन को मार गिराने का लक्ष्य मिला हो।
आईआईटी का टेकफेस्ट 19-22 मार्च तक होना है। इसके तहत अमेरिका की बोइंग कंपनी और आईआईटी के एयरो मॉडलिंग क्लब ने दो दिवसीय प्रशिक्षक शिविर लगाया। इस फेस्ट का मीडिया पार्टनर ‘अमर उजाला’ है।
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पहले दिन (शनिवार को) प्लेन बनवाया गया। दूसरे रविवार को प्लेन बनाकर उड़ाने का गुरुमंत्र दिया गया। इसमें कानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (केआईटी) कानपुर सहित यूपी, देश के 28 कॉलेजों की टीमों ने हिस्सा लिया।
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सभी ने प्लेन बनाया और उड़ाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जिन कॉलेजों ने प्लेन बनाकर उड़ाया है, वह टेककृति की प्लेन मेकिंग, फ्लाइंग प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं।
एयरो मॉडलिंग क्लब के सचिव और टेककृति के सीनियर मेंबर शुभम मित्तल ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में देश के विभिन्न शहरों के 130 कॉलेजों के स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया।
सबने प्लेन बनाना सीखा है, जो बेसिक ट्रेनिंग की श्रेणी में आता है। 28 टीमों को एडवांस फाइटर प्लेन बनाने और उसे रिमोट कंट्रोल की मदद से उड़ाने की सीख दी गई है।
इन सबने रविवार को एयर स्ट्रिप प्लेन उड़ाया। ज्यादातर प्लेन जमीन से 100-200 फीट की ऊंचाई पर उड़ाए गए। पहली बार दो विंग का प्लेन बनवाया गया है। अभी तक एक विंग का प्लेन बनाया और उड़ाया जाता रहा है।
आईआईटी का दीक्षांत समारोह 23 फरवरी को
आईआईटी का 47वां दीक्षांत समारोह 23 फरवरी को होगा। इसमें एमटेक, एमडैस और पीएचडी के स्कॉलर को डिग्री दी जाएगी।
यही वजह है कि 6 फरवरी तक स्टूडेंट्स का नो ड्यूज सर्टिफिकेट और 10 फरवरी तक वायवा कराके मार्क्स का ब्यौरा देने को कहा गया है। आईआईटी का दीक्षांत समारोह अब दो चरणों में होगा।
पहले चरण में पोस्ट ग्रेजुएट (एमटेक, एमडैस, पीएचडी) को डिग्री दी जाएगी। यह समारोह हर साल फरवरी माह में होगा।
दूसरे चरण में बीटेक, बीटेक एमटेक डुवल डिग्री प्रोग्राम, बीटेक-एमएससी डुवल डिग्री प्रोग्राम, बीएससी-एमएससी (इंटीग्रेटेड एमएससी) की डिग्री दी जाएगी।
यह समारोह हर साल मई-जून महीने में होगा। इसी क्रम में ही पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स के पहले चरण का दीक्षांत समारोह 23 फरवरी को कराया जा रहा है।
डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. धीरज सांगी ने बताया कि दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि क्वालिटी काउंसिल के चेयरमैन अदिल जैनुलभाई होंगे।