फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   The device will give pulse status in 90 seconds report will come on mobile IIT incubated startup developed it

UP: 90 सेकेंड में नाड़ी का हाल देगी डिवाइस, मोबाइल पर आएगी रिपोर्ट…IIT इन्क्यूबेटेड स्टार्टअप ने की है विकसित

Wed, 26 Mar 2025 11:22 AM IST
हिमांशु अवस्थी शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 26 Mar 2025 11:22 AM IST
सार

Kanpur News: आयुर्वेद में चिकित्सा पद्धति वात, पित्त और कफ पर आधारित है। शरीर में उपस्थित या संभावित बीमारी इन्हीं तीन रूप में दिखती है। इनमें होने वाले बदलाव को नाड़ी की गति, बल, ताल, गमन, साम-निराम व अंग ऊर्जा से मापा जाता है।

विज्ञापन
The device will give pulse status in 90 seconds report will come on mobile IIT incubated startup developed it
काजल श्रीवास्तव और डिवाइस - फोटो : amar ujala

विस्तार

आईआईटी कानपुर की डिवाइस से अब घर बैठे वात, पित्त, कफ का हाल आप जान पाएंंगे। नाड़ी दिखाने के लिए किसी आयुर्वेदाचार्य के पास जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कलाई पर बंधने के साथ डिवाइस 90 सेकेंड में इसकी रिपोर्ट मोबाइल पर उपलब्ध करा देगी। यह डिवाइस बाजार में आ गई है। डॉक्टर और मरीज इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

विज्ञापन

आईआईटी से इन्क्यूबेटेड काजल श्रीवास्तव का नाड़ी पल्स स्टार्टअप धड़कन के साथ साथ शरीर में वात, कफ एवं पित्त की प्रकृति पता कर स्वास्थ्य का हाल भी बता देगा। कलाई में बंधने वाली डिवाइस एक सेंसरयुक्त बैंड है, जो 90 में पूरी गणना कर देगा। इस बैंड को एप से जोड़ा गया है, जिससे इसकी पूरी जानकारी मोबाइल पर आ जाएगी। अगर बीमारी गंभीर है तो डिवाइस डॉक्टरी सलाह के लिए सुझाव भी देगी।

विज्ञापन

इस्राइल के प्रधानमंत्री कर चुके हैं सराहना
बैंड आयुष चिकित्सकों के साथ किए जा रहे बीटा टेस्ट (रैंडम टेस्ट) में 97 प्रतिशत शुद्धता के साथ काम कर रहा है। इसके क्लीनिकल ट्रायल के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से वार्ता चल रही है। 2019 में दिल्ली में हुए स्टार्टअप समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बैंड के प्रोटोटाइप की सराहना कर चुके हैं।

विज्ञापन

करीब 17 हजार रुपये है कीमत
इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियर काजल श्रीवास्तव कुशीनगर की रहने वाली हैं। पिता कृष्ण मोहन श्रीवास्तव आयुर्वेदाचार्य हैं। उनके अनुभव के सहयोग और तकनीक का ज्ञान लेकर इस डिवाइस को तैयार किया गया है। काजल कहती हैं कि अनुभव किया कि अलग-अलग प्रकृति वाले व्यक्तियों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक तौर पर समझने की क्षमता सिर्फ आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में ही है। अधिक लोगों तक पहुंच हो सके, इसके लिए इस स्टार्टअप की शुरुआत की थी। अब यह डिवाइस वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध है। इसकी कीमत करीब 17 हजार रुपये है।

विज्ञापन

ऐसे करता है काम
आयुर्वेद में चिकित्सा पद्धति वात, पित्त और कफ पर आधारित है। शरीर में उपस्थित या संभावित बीमारी इन्हीं तीन रूप में दिखती है। इनमें होने वाले बदलाव को नाड़ी की गति, बल, ताल, गमन, साम-निराम व अंग ऊर्जा से मापा जाता है। कलाई में बांधने पर बैंड इन्हीं मापकों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करता है।

नाड़ी में इनका होता परीक्षण
गति– नाड़ी की धड़कन की तीव्रता तेज, मध्यम या धीमी हो सकती है।
बल– नाड़ी स्पर्श पर कितनी स्पष्ट या मजबूत महसूस हो रही है।
ताल– धड़कन की नियमितता लयबद्ध है या असामान्य।
गमन– नाड़ी के स्पर्श पर अनुभव होने वाली गति से वात, पित्त, कफ का आकलन
साम/निराम (Toxins)– नाड़ी का भारी या धीमी और सुस्त होना।
निराम– नाड़ी स्पष्ट, हल्की और गतिशील होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed