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कानपुर: बढ़ते कोरोना से तीन लाख कोमॉर्बिड रोगियों के लिए बढ़ा खतरा

Fri, 28 Jan 2022 07:26 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 28 Jan 2022 07:26 PM IST
सार

अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा ने बताया कि नई गाइडलाइन में कोमॉर्बिड रोगी के संक्रमित होने पर उसे अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। इसके साथ ही कोमॉर्बिड को अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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Kanpur: Increased risk for three lakh comorbid patients due to rising corona
कोरोना संक्रमण वैरिएंट की जांच करती एक्सपर्टों की टीम - फोटो : PTI

विस्तार

उत्तर प्रदेश का कानपुर जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण से तीन लाख कोमॉर्बिड रोगियों को खतरा बढ़ रहा है। इनमें सबसे अधिक रोगी डायबिटीज और ब्लडप्रेशर के हैं। कई रोगी ऐसे हैं जिन्हें डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के साथ गुर्दे और लिवर के रोग भी हैं। कुछ रोगियों को हृदय रोग है और इसके साथ दमा और अस्थमा है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि सिंड्रोम एक्स के रोगियों के लिए संक्रमण अधिक घातक होता है। सिंड्रोम एक्स में रोगी डायबिटीज के साथ और दूसरे रोगों की भी चपेट में होता है। कोविड गाइडलाइन में ऐसे रोगियों के कोविड संक्रमित होते ही अस्पताल में भर्ती किए जाने की व्यवस्था की गई है जिससे जटिलताएं अधिक न बढ़ने पाएं।
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कोरोना संक्रमित आठ रोगियों की अभी तक मौत हुई है। ये रोगी डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हाई ब्लड प्रेशर, दमा, अस्थमा, गुर्दा रोग आदि के रोगी रहे हैं। कोरोना संक्रमण होने के बाद इनके जटिलताएं उभर आईं और हालत बिगड़ी। रोगियों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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हैलट, उर्सला और दूसरे अस्पतालों में आ रहे रोगियों के आकलन के लिहाज से स्वास्थ्य विभाग करीब तीन लाख रोगियों को कोमॉर्बिड मान रहा है। इनके वैक्सीनेशन कवरेज को प्राथमिकता पर रखा गया है। अब इन्हें बूस्टर डोज भी लगाई जा रही है।


अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा ने बताया कि नई गाइडलाइन में कोमॉर्बिड रोगी के संक्रमित होने पर उसे अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। इसके साथ ही कोमॉर्बिड को अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है।

जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि उन्हीं रोगियों को अधिक दिक्कत हुई है जो कॉमॉर्बिड रहे हैं। 
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