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बल्ब की रोशनी में लग रही चौपाल, बच्चे कर रहे पढ़ाई
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राजपुर (कानपुर देहात)। सिहुरा गांव के मजरा बछाठी में दस साल बाद बिजली आने से ढिबरी व लालटेन की रोशनी पर ग्रामीणों की निर्भरता काफी हद तक कम हो गई है। अब तक रात में लालटेन की रोशनी में होने वाली ग्रामीणों की चौपाल एलईडी बल्ब की रोशनी के नीचे पहुंच गई है।
घरों में बल्ब लगने से बच्चों की पढ़ाई की दिक्कत भी खत्म हुई है। गांव की गलियां व मोहल्ले भी रात में अब जगमग नजर आते हैं। विद्युत महकमा शेड्यूल के अनुसार गांव में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रहा है।
यमुना नदी के बीहट पट्टी के सिहुरा गांव के मजरा बछाटी में आंधी आने पर 2011 में बिजली लाइन टूट गई थी। एक्सईएन पुखरायां कुलदीप यादव व एसडीओ सिकंदरा अमितेश कुमार ने समस्या हल करने की पहल की। गांव के पास 42 सीमेंटेड खंभे लगाकर ढाई किलोमीटर लंबी बिजली लाइन डाली गई। खंभे से केबल जोड़कर घरों को रोशन किया गया है।
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गांव के मंदिर में भी रोशनी के लिए बल्ब व केबल का इंतजाम विद्युत विभाग की ओर से किया गया है। यहां खंभे पर स्ट्रीट लाइट पर लगाया गया है। आबादी के हिस्से वाले सात खंभों पर लगी एलईडी बल्ब की दूधिया रोशनी से रास्ते व मोहल्ले रोशन हो गए हैं। इससे अब लोगों की सहूलियत बढ़ गई है। सुबह छह बजे से दोपहर तीन बजे तक फिर रात 9 बजे से सुबह छह बजे तक बिजली आपूर्ति की जा रही है। वहीं घरों में एलईडी बल्ब की रोशनी में बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
ढिबरी व लालटेन की मंद रोशनी से निजात और आंखों की रोशनी बरकरार रहने को लेकर अभिभावक भी खुश हैं। उधर गांव के चौक चौराहों पर लालटेन की रोशनी में लगने वाली ग्रामीणों की चौपाल भी अब विद्युत पोल के आसपास रोशनी में सिमट गई है। रामआसरे, बलबीर पाल, रमेश व रामेश्वर ने बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल होने पर बेहद अच्छा लग रहा है।
एसडीओ ने बताया कि गांव में सभी पचास घरों में बिजली कनेक्शन के लिए लोगों को जागरूक किया गया है। बिजली कनेक्शन अब पोर्टल के माध्यम से ही होता है। फिलहाल दस लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। जल्द और लोगों के आवेदन आने की उम्मीद है।
बिजली बहाल होने से है बेहद खुशी
बछाटी के किशन पाल कहते हैं कि भले ही देर से सुनवाई हुई लेकिन अब बल्ब की रोशनी से सहूलियत बढ़ गई है। मंगल सिंह ने बताया कि अब कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया है। पुत्तन दुबे कहते हैं कि लगातार जिम्मेदार अफसरों तक समस्या पहुंचाने के बाद बिजली बहाल की गई। पूर्व प्रधान सुभाष चंद्र पाल ने बताया कि मजरा में बिजली बहाल हो इसके लिए कई पटलों पर शिकायत की गई। लगातार प्रयास से गांव में बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
इटावा सांसद ने जताई थी नाराजगी
इटावा सांसद रामशंकर कठेरिया दो सप्ताह पहले रसधान गांव आए थे। यहां ग्रामीणों से बछाटी में बिजली ठप होने की समस्या बताई थी। इस पर सासंद ने विद्युत अफसरों से नाराजगी जताई थी। इसके बाद खंभे लगाकर लाइन डाली गई और बुधवार को गांव रोशन कर दिया गया।
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घरों में बल्ब लगने से बच्चों की पढ़ाई की दिक्कत भी खत्म हुई है। गांव की गलियां व मोहल्ले भी रात में अब जगमग नजर आते हैं। विद्युत महकमा शेड्यूल के अनुसार गांव में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रहा है।
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यमुना नदी के बीहट पट्टी के सिहुरा गांव के मजरा बछाटी में आंधी आने पर 2011 में बिजली लाइन टूट गई थी। एक्सईएन पुखरायां कुलदीप यादव व एसडीओ सिकंदरा अमितेश कुमार ने समस्या हल करने की पहल की। गांव के पास 42 सीमेंटेड खंभे लगाकर ढाई किलोमीटर लंबी बिजली लाइन डाली गई। खंभे से केबल जोड़कर घरों को रोशन किया गया है।
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गांव के मंदिर में भी रोशनी के लिए बल्ब व केबल का इंतजाम विद्युत विभाग की ओर से किया गया है। यहां खंभे पर स्ट्रीट लाइट पर लगाया गया है। आबादी के हिस्से वाले सात खंभों पर लगी एलईडी बल्ब की दूधिया रोशनी से रास्ते व मोहल्ले रोशन हो गए हैं। इससे अब लोगों की सहूलियत बढ़ गई है। सुबह छह बजे से दोपहर तीन बजे तक फिर रात 9 बजे से सुबह छह बजे तक बिजली आपूर्ति की जा रही है। वहीं घरों में एलईडी बल्ब की रोशनी में बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
ढिबरी व लालटेन की मंद रोशनी से निजात और आंखों की रोशनी बरकरार रहने को लेकर अभिभावक भी खुश हैं। उधर गांव के चौक चौराहों पर लालटेन की रोशनी में लगने वाली ग्रामीणों की चौपाल भी अब विद्युत पोल के आसपास रोशनी में सिमट गई है। रामआसरे, बलबीर पाल, रमेश व रामेश्वर ने बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल होने पर बेहद अच्छा लग रहा है।
एसडीओ ने बताया कि गांव में सभी पचास घरों में बिजली कनेक्शन के लिए लोगों को जागरूक किया गया है। बिजली कनेक्शन अब पोर्टल के माध्यम से ही होता है। फिलहाल दस लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। जल्द और लोगों के आवेदन आने की उम्मीद है।
बिजली बहाल होने से है बेहद खुशी
बछाटी के किशन पाल कहते हैं कि भले ही देर से सुनवाई हुई लेकिन अब बल्ब की रोशनी से सहूलियत बढ़ गई है। मंगल सिंह ने बताया कि अब कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया है। पुत्तन दुबे कहते हैं कि लगातार जिम्मेदार अफसरों तक समस्या पहुंचाने के बाद बिजली बहाल की गई। पूर्व प्रधान सुभाष चंद्र पाल ने बताया कि मजरा में बिजली बहाल हो इसके लिए कई पटलों पर शिकायत की गई। लगातार प्रयास से गांव में बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
इटावा सांसद ने जताई थी नाराजगी
इटावा सांसद रामशंकर कठेरिया दो सप्ताह पहले रसधान गांव आए थे। यहां ग्रामीणों से बछाटी में बिजली ठप होने की समस्या बताई थी। इस पर सासंद ने विद्युत अफसरों से नाराजगी जताई थी। इसके बाद खंभे लगाकर लाइन डाली गई और बुधवार को गांव रोशन कर दिया गया।