Kanpur: किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, पीड़िता ने दे दी जान, जानें पूरा मामला
बिधनू गांव में पांच सितंबर की रात 16 वर्षीय किशोरी लापता हुई थी। दूसरे दिन घर पहुंचकर उसने परिजनों को आपबीती सुनाई थी। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि आरोपी युवकों ने घर में घुसकर धमकाया था। वहीं, मामले में पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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कानपुर में बिधनू के गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी को बुलाकर उसके दोस्त ने अपने साथियों संग दुष्कर्म किया। डरी सहमी पीड़िता एक दिन खामोश रही। जब पूरी घटना उसने बताई, तब परिजनों ने न्यू आजाद नगर चौकी में शिकायत की। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इधर शनिवार को पीड़िता ने डाई पी ली थी। सोमवार देर शाम उसकी मौत हो गई।
मंगलवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। परिजनों ने पांच युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। गांव निवासी महिला ने बताया कि पांच सितंबर की रात उनकी बेटी लापता हो गई थी। दूसरे दिन वह घर पहुंची थी। काफी पूछताछ करने के बाद भी उसने कुछ नहीं बताया था। सात सितंबर को उसने बताया कि उसके परिचित नीशू उसको बहलाफुसलाकर ले गया था, जहां पर उसके चार और दोस्त आए।
सभी ने मिलकर दुष्कर्म किया। शनिवार को पीड़िता ने डाई पी ली थी। तब से उसका इलाज चल रहा था। सोमवार को पीड़िता की इलाज के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। भैंरव घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने बताया कि जब बेटी ने आरोपियों की करतूत बताई थी तो नीशू अपने दर्जनों साथियों के साथ उनके घर आया था। धमकी दी थी कि पुलिस से शिकायत नहीं होनी चाहिए।
परिजनों का दावा: चौकी में की थी शिकायत, सुनवाई नहीं हुई
मृतका की मां ने दावा किया कि जब बेटी ने बताया था कि उसके साथ गलत हुआ है, तब उन्होंने न्यू आजाद नगर पुलिस चौकी में शिकायत की थी। हालांकि कोई कार्रवाई नहीं की गई। बिधनू पुलिस जब मृतका के शव का पोस्टमार्टम करवा रही थी, तब थानेदार योगेश सिंह का कहना था कि किशोरी के साथ क्या हुआ ये नहीं पता। थानेदार के ऐसे बयान पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एसपी बोले....झूठ बोल रहा है परिवार
एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह का कहना है कि पीड़ित परिवार ने कोई शिकायत पुलिस से नहीं की थी। वह झूठ बोल रहे हैं। तहरीर मिलेगी, तो एफआईआर दर्ज की जाएगी। अब यह जांच का विषय है कि आखिर सच क्या है। परिवार वालों का कहना है कि सात तारीख को ही पुलिस से शिकायत की थी।