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Kanpur News: एसोसिएशन की शिकायत के आधार पर बढ़ रही तकनीक ऑडिट जांच
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कानपुर। सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और नियामक शर्तों का पालन न करने के आरोपों से घिरी गर्ग एविएशन का एयर सुरक्षा और तकनीकी ऑडिट शनिवार को भी जारी रहा। एसोसिएशन ऑफ फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन की शिकायतों के आधार पर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की टीम कैंट स्थित गर्ग एविएशन की जांच कर रही है। गर्ग एविएशन की उड़ानों पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय पहले ही रोक लगा चुका है।
सूत्रों के अनुसार एसोसिएशन ने नागरिक उड्डयन मंत्री और सचिव को पत्र भेजकर कंपनी पर लगे आरोपों की जांच की मांग की थी। एसोसिएशन का दावा है कि उसने वर्ष 2024 से डीजीसीए को 14 शिकायतें दी हैं। इनमें नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया कि प्रशिक्षण उड़ानें करीब 2500 से 3000 मीटर की दृश्यता में संचालित की गईं, जबकि न्यूनतम 5000 मीटर दृश्यता जरूरी है।
इसके अलावा प्रशिक्षण विमानों को अनिवार्य मोड ए/सी ट्रांसपोंडर के बिना उड़ाए जाने का भी आरोप लगाया गया। यह उपकरण एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क के लिए महत्वपूर्ण है। एसोसिएशन ने गर्ग एविएशन के स्वतंत्र ऑडिट के साथ संचार व्यवस्था और कानपुर हवाई अड्डे के रनवे की प्रशिक्षण उड़ानों के लिए उपयुक्तता की जांच की मांग की थी। सूत्रों के मुताबिक डीजीसीए टीम इन्हीं बिंदुओं पर जांच कर रही है और ऑडिट प्रक्रिया जल्द पूरी होने की संभावना है।
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सूत्रों के अनुसार एसोसिएशन ने नागरिक उड्डयन मंत्री और सचिव को पत्र भेजकर कंपनी पर लगे आरोपों की जांच की मांग की थी। एसोसिएशन का दावा है कि उसने वर्ष 2024 से डीजीसीए को 14 शिकायतें दी हैं। इनमें नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया कि प्रशिक्षण उड़ानें करीब 2500 से 3000 मीटर की दृश्यता में संचालित की गईं, जबकि न्यूनतम 5000 मीटर दृश्यता जरूरी है।
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इसके अलावा प्रशिक्षण विमानों को अनिवार्य मोड ए/सी ट्रांसपोंडर के बिना उड़ाए जाने का भी आरोप लगाया गया। यह उपकरण एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क के लिए महत्वपूर्ण है। एसोसिएशन ने गर्ग एविएशन के स्वतंत्र ऑडिट के साथ संचार व्यवस्था और कानपुर हवाई अड्डे के रनवे की प्रशिक्षण उड़ानों के लिए उपयुक्तता की जांच की मांग की थी। सूत्रों के मुताबिक डीजीसीए टीम इन्हीं बिंदुओं पर जांच कर रही है और ऑडिट प्रक्रिया जल्द पूरी होने की संभावना है।
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