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Kanpur News: शिक्षकों ने सीखीं शिक्षण कार्य की नई विधियां
Sat, 23 Aug 2025 01:44 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 23 Aug 2025 01:44 AM IST
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सरवनखेड़ा। बीआरसी सरवनखेड़ा में शुक्रवार को पांच दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण का द्वितीय चरण पूरा हुआ। इसमें प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को शिक्षण कार्य की नई विधियों को समझाया। जिससे शिक्षक बच्चों को सरल भाषा में उनके पाठ याद करवा सकें।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन विशेषज्ञ प्रशिक्षक अंकित मिश्रा ने एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी) के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। एनसीईआरटी आधारित नवीन पाठ्य पुस्तकों पर कार्य पुस्तिका, पठन अभ्यास एवं प्रवाहपूर्ण पठन पर समझ, एकेडमिक वर्ष के शिक्षक संदर्शिका की समग्र समझ के बारे में विस्तार से समझाया। अग्नीश कुमार ने कक्षा में उसके क्रियान्वयन के लिए बेहतर प्रयोग और उपाय भी बताए। जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर निपुण श्रेणी में लाया जा सके।
प्रशिक्षक स्वेता वाजपेई ने शिक्षकों को बच्चों में पढ़ने-लिखने और गणित के मूलभूत कौशल विकसित करने की नवीनतम तकनीक से अवगत कराया। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कक्षा शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले शिक्षकों ने अपने शिक्षण कौशल को और बेहतर बनाने का संकल्प लिया।
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वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसमें बच्चों को पढ़ने-लिखने और बुनियादी गणितीय कौशल सिखाने के लिए प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों तथा शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित किया जाता है। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों पर केंद्रित होता है जिससे उनमें बुनियादी भाषा और गणितीय कौशल का विकास हो सके। प्रशिक्षण में एआरपी संदर्भदाता अंकित मिश्रा, अग्नीश कुमार, शिप्रा पांडे, श्वेता बाजपेई, अंजली शुक्ला एवं अनुज कुमार, गीतांजलि, रितु गुप्ता आदि रहीं।
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प्रशिक्षण के अंतिम दिन विशेषज्ञ प्रशिक्षक अंकित मिश्रा ने एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी) के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। एनसीईआरटी आधारित नवीन पाठ्य पुस्तकों पर कार्य पुस्तिका, पठन अभ्यास एवं प्रवाहपूर्ण पठन पर समझ, एकेडमिक वर्ष के शिक्षक संदर्शिका की समग्र समझ के बारे में विस्तार से समझाया। अग्नीश कुमार ने कक्षा में उसके क्रियान्वयन के लिए बेहतर प्रयोग और उपाय भी बताए। जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर निपुण श्रेणी में लाया जा सके।
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प्रशिक्षक स्वेता वाजपेई ने शिक्षकों को बच्चों में पढ़ने-लिखने और गणित के मूलभूत कौशल विकसित करने की नवीनतम तकनीक से अवगत कराया। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कक्षा शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले शिक्षकों ने अपने शिक्षण कौशल को और बेहतर बनाने का संकल्प लिया।
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वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसमें बच्चों को पढ़ने-लिखने और बुनियादी गणितीय कौशल सिखाने के लिए प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों तथा शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित किया जाता है। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों पर केंद्रित होता है जिससे उनमें बुनियादी भाषा और गणितीय कौशल का विकास हो सके। प्रशिक्षण में एआरपी संदर्भदाता अंकित मिश्रा, अग्नीश कुमार, शिप्रा पांडे, श्वेता बाजपेई, अंजली शुक्ला एवं अनुज कुमार, गीतांजलि, रितु गुप्ता आदि रहीं।