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टेनरी विवाद: जेल में नारायण का दबदबा, लिवर में दिक्कत के चलते अस्पताल में भर्ती, मुलाकात करने पहुंच रहे करीबी

Fri, 05 Aug 2022 08:00 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 05 Aug 2022 08:00 AM IST
सार

टेनरी कब्जाने में फंसा पूर्व भाजपा नेता नारायण सिंह भदौरिया जेल पहुंचने के दो दिन बाद ही जेल अस्पताल में भर्ती हो गया था। अपने रसूख के दम पर जेल में रौब झाड़ रहा है। कुछ दिन पहले उससे मिलने एक पूर्व जेल मंत्री पहुंचे थे।

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Tannery controversy,  Narayan singh Bhadauria  dominated in jail, admitted to hospital in collusion
जाजमऊ टेनरी बवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में टेनरी कब्जाने को लेकर हुए बवाल के मामले में जेल भेजा गया पूर्व भाजपा नेता नारायण सिंह भदौरिया का दबदबा जेल में भी कायम है। अपने रसूख के जरिये सांठगांठ कर वह जेल अस्पताल में भर्ती हो गया है। जहां पर वह आराम फरमा रहा है। कुछ दिन पहले एक पूर्व जेल मंत्री लावलश्कर के साथ उससे मिलने पहुंचे थे। हर दिन नारायण से मिलने के लिए लोगों का तांता लगा रहता है। एक तरह से वह जेल में मौज कर रहा है।

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जाजमऊ में 13 जुलाई को शालीमार टेनरी पर कब्जे को लेकर बवाल हो गया था। शहनाज जहां व उनके भतीजे के पक्ष के लोग आमने सामने हो गए थे। इसमें शहनाज की तरफ से नारायण सिंह भदौरिया और उसके गुर्गे थे, तो दूसरे पक्ष से सपा नेता। दोनों के बीच जमकर बवाल और मारपीट हुई थी।

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मामले में पहले नारायण सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई थी। 26 जुलाई को सुनवाई के दौरान जमानत खारिज कर दी गई थी। तब उसे जेल भेजा गया था। जेल सूत्रों के मुताबिक जेल में नारायण ने सांठगांठ कर ली। कुछ बड़े नेताओं ने उसकी पैरवी की, जिसके बाद तबीयत खराब होने के नाम पर वह जेल अस्पताल में भर्ती हो गया। यहां पर उसको हर एक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

कई सत्ताधारी करीबी मदद में जुटे
पूर्व जेल मंत्री नारायण से जब मिलने पहुंचे थे, तो उनके साथ एक दर्जन से अधिक लोग थे। काफी देर तक उन्होंने नारायण से मुलाकात कर बातचीत की। सूत्रों के मुताबिक पूरा प्रोटोकॉल उनको दिया गया। इसके अलावा कई सत्ताधारी भी नारायण के करीबी हैं, जो हर संभव मदद के प्रयास में जुटे हैं।

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दो दिन में त्रस्त हुआ, फिर ली चैन की सांस
सूत्रों के मुताबिक जब नारायण जेल पहुंचा, तो वह दो दिनों तक बेचैन रहा। एक तरह से वह वहां के माहौल को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। इसलिए जल्द से जल्द उसने रसूखदारों को संदेशा भिजवाया। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। तब से वह आराम से जेल काट रहा है।

आखिर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं कर रही पुलिस
नारायण पर टेनरी कब्जे वाले मामले के अलावा आठ केस दर्ज हैं। पुलिस ने खुद यह तथ्य कोर्ट में रखा था। यह भी दावा किया था कि अगर नारायण बाहर रहा तो वह ऐसी घटनाओं को अंजाम दे सकता है। तब पुलिस अफसरों का कहना था कि वह नारायण व उसके गुर्गों पर गैंगस्टर की कार्रवाई करेंगे, लेकिन अब मामला धीरे धीरे ठंडा पड़ गया है। सूत्रों के मुताबिक सत्ताधारियों की पैरवी की वजह से ऐसा हो रहा है।

कुछ दिन पहले नारायण सिंह को जेल अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। उसको लीवर संबंधी कुछ दिक्कत है।  - बीडी पांडेय, जेल अधीक्षक

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