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ब्लड शुगर, पेट और गुर्दे के मरीजों को स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा खतरा, रहें सावधान

Mon, 25 Mar 2019 12:20 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 25 Mar 2019 12:20 PM IST
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Swine flu threat to blood sugar, stomach and kidney patients
प्रतीकात्मक फोटो
कानपुर में स्वाइन फ्लू का हमला हाई ब्लड शुगर, पेट और गुर्दे के मरीजों पर अधिक हुआ है। इसके साथ ही जिन बच्चों का स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आया है, उन्हें अस्थमा और निमोनिया की शिकायत रही है।
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पांच नए रोगियों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद आंकड़ा 51 हो गया है। साथ ही 10 रोगियों की मौत हो चुकी है। संक्रामक रोग अस्पताल में एक साल का बच्चा अभी गंभीर हालत में भर्ती है। स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले कई रोगियों का इलाज विभिन्न नर्सिंगहोम में चल रहा है।
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कौशलपुरी के एक परिवार के तीन सदस्यों समेत रूरा और कल्याणपुर के बच्चे को माइक्रोबायोलॉजी से पुष्टि के बाद रोगियों की संख्या अर्द्ध शतक पार कर गई है। इनका इलाज करने वाले डाक्टरों का कहना है कि क्रोनिक मरीजों को रोग का अधिक खतरा बना हुआ है। जो रोगी गिरफ्त में आए हैं, उनमें कई डायबिटीज के पुराने मरीज रहे हैं। इसके गुर्दे, लिवर की दवा खाने वाले रोगियों को संक्रमण अधिक गंभीर हो गया।
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बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता वैसे ही कम रहती। जिन बच्चों को अस्थमा हुआ, वे संक्रमण की गिरफ्त में आ गए। मेडिसिन विभाग के डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि उनके अंडर में भर्ती रोगी का हेमोग्लोबिन ढाई ग्राम हो गया। उनका कहना है कि जब तक फ्लू का मौसम है, लोग खानपान दुरुस्त रखें।

एएच1एन1 सीजनल फ्लू
गर्मी बढ़ने के बाद भी स्वाइन फ्लू रोगियों की संख्या कम नहीं हो रही है। इस पर स्वास्थ्य विभाग के वेक्टर बोर्न डिसीजेस अभियान के महामारी विशेषज्ञ डॉ. देव कुमार सिंह का मानना है कि यह फ्लू का मौसम है, एएच1एन1 फ्लू है। यह स्वाइन फ्लू से अलग होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे सीजनल फ्लू माना है।

स्वाइन फ्लू ग्रसित मेडिकल छात्रों के लिए अलग कमरा
एमबीबीएस तृतीय वर्ष की परीक्षा सोमवार से शुरू होने वाली है। रविवार को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने तय किया है कि स्वाइन फ्लू की चपेट में आए दोनों मेडिकल छात्रों को अलग कमरे में परीक्षा दिलाई जाएगी। इन छात्रों के लिए परीक्षा के दिन एक अलग कमरा खोला जाएगा। छात्रों के लिए स्वाइन फ्लू मास्क की व्यवस्था करा दी गई है। कक्ष परीक्षक भी स्वाइन फ्लू मास्क पहनकर कक्ष में जाएंगे। छात्रावास में सभी छात्रों से मास्क पहनने के निर्देश मिले हैं।
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