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सुभाष का नाम, किया ‘बदनाम’

Sun, 25 Jan 2015 03:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Sun, 25 Jan 2015 03:06 AM IST
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swindle in Subhash Memorial Education
साकेत नगर स्थित सुभाष मेमोरियल एजूकेशन सेंटर में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों से ठगाई की जा रही है। पीड़ित अभिभावक की शिकायत पर प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा ने ज्वाइंट डायरेक्टर को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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आरोप है कि यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स से फीस तो सुभाष मेमोरियल एजूकेशन सेंटर के नाम पर ली जाती है, लेकिन रिपोर्ट कार्ड उन्हें सुभाष बालिका इंटर कॉलेज का दिया जाता है। दोनों ही स्कूल आसपास है, लेकिन दोनों की फीस में बड़ा अंतर है।
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सुभाष मेमोरियल (सीबीएसई बोर्ड ) की फीस जहां 2700 रुपये तिमाही है वहीं सुभाष बालिका इंटर कॉलेज (यूपी बोर्ड) की फीस 1200 रुपये तिमाही है। ऐसे 10 मामले सामने आए हैं, जिसमें फीस तो सुभाष मेमोरियल की ली गई है, लेकिन रिपोर्ट कार्ड सुभाष बालिका इंटर कॉलेज से दिया जा रहा है। यह संख्या जांच के बाद और बढ़ सकती है।
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सुभाष मेमोरियल स्कूल की छात्रा रही श्रद्धा मिश्रा के पिता रवि मिश्र ने प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा को भेजे गए अपने शिकायती पत्र में लिखा है कि उनकी बेटी का छठवीं कक्षा में दाखिला सुभाष मेमोरियल एजूकेशन सेंटर साकेत नगर स्कूल में कराया था।

दाखिला लेते समय स्कूल ने खुद को सीबीएसई से संबद्ध (स्कूल का ब्रोशर रवि के पास सुरक्षित है)  बताया। छठवीं से लेकर कक्षा आठ तक तो उसकी फीस मेमोरियल एजूकेशन सेंटर स्कूल में जमा होती रही और रिपोर्ट कार्ड भी उसे स्कूल का मिलता रहा।

लेकिन नवीं कक्षा में फीस तो मेमोरियल एजूकेशन के नाम पर जमा हुई, लेकिन रिपोर्ट कार्ड सुभाष बालिका इंटर कॉलेज के नाम पर जारी कर दिया गया, जब स्कूल की प्रिंसिपल मनोरमा द्विवेदी से इस संबंध में बात की तो बोली कि क्लर्क की गलती से हो गया होगा।  

रवि बोले प्रधानाचार्य के भरोसा जताने पर लगा कि शायद गलती ही हुई होगी। लेकिन दसवीं में जब फार्म भरने की बारी आई तो स्कूल ने यूपी बोर्ड का फार्म थमा दिया। इस बार जब वो प्रधानाचार्य के पास गए तो बोलीं, हमारा स्कूल तो यूपी बोर्ड से संचालित है।

प्रधानाचार्य के इस बयान से रवि ने अपने को ठगा महसूस किया और मामले की जांच के लिए आरटीआई लगा दी। आरटीआई में मिले जवाब से रवि और स्तब्ध हो गए। मालूम पड़ा कि सुभाष मेमोरियल यूपी बोर्ड से भी सिर्फ पांचवीं तक की ही मान्यता प्राप्त है।

इसके बाद रवि ने ऐसे ही कई और केस खंगाले, मालूम चला इस समस्या से मेमोरियल के सभी स्टूडेंट् जूझ रहे हैं।  रवि ने फिर प्रिंसिपल से बात की और कहा कि छठी से लेकर आठवीं तक का स्कूल किस मान्यता पर है, इस पर प्रिंसिपल ने कोई भी जवाब देने से मना कर दिया।

बीएसए से लेकर जेडी तक शिकायत करी, लेकिन कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिला। इसलिए प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की।


अरे ये श्रद्धा मिश्रा ने तो परेशान कर दिया है, इसका बाप पैसे मांग रहा है। रिपोर्ट कार्ड देते समय गलती हो गई थी, सुभाष बालिका के कार्ड में मेमोरियल का रिजल्ट निकाल दिया। लड़कों को भी बालिका का रिपोर्ट कार्ड जारी हो गया है।

इनके साथ हुआ धोखा

स्टूडेंट श्रद्धा राय, आकांक्ष्ाा माथुर, पूजा सैनी, प्राची गुप्ता, अमिषा गौतम, हिंदुजा मिश्रा, सलाउद्दीन अंसारी, कपिल निगम, कामरान अहमद समेत कई स्टूडेंट्स को सुभाष बालिका इंटर कॉलेज का रिपोर्ट कार्ड दिया गया है, जबकि इनसे फीस सुभाष मेमोरियल की ली गई है।     


जिम्मेदारों का कहना

गलती करने वाले क्लर्क को भी निकाल दिया है। डीआईओएस भी जांच कर गए है, अब आप काहे परेशान है। स्कूल हमारा यूपी बोर्ड से संबद्घ है।

- मनोरमा द्विवेदी, स्कूल प्रधानाचार्य

सुभाष बालिका इंटर कॉलेज और सुभाष मेमोरियल एजूकेशन सेंटर में स्कूलों में गड़बड़ी की जानकारी हुई है। प्रमुख सचिव की ओर से भी मामले की जांच का आदेश आया है। जल्द ही मामले की जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंपी जायेगी।

- डॉ अंजना गोयल, संयुक्त शिक्षा निदेशक
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