{"_id":"6aa3e51e37559c01a7093724","slug":"suvidhaon-ka-khaka-taiyar-kanpur-news-c-12-1-knp1052-1647305-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनगणना-2027: गांव-शहर की सुविधाओं का खाका तैयार, अब आबादी के आंकड़ों का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनगणना-2027: गांव-शहर की सुविधाओं का खाका तैयार, अब आबादी के आंकड़ों का इंतजार
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला जनगणना हस्त पुस्तिका के लिए सर्वे पूरा, शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर सड़क, बिजली, बैंकिंग और रोजगार तक जुटाई गई जानकारी
कानपुर। जनगणना-2027 के तहत जिले की जिला जनगणना हस्त पुस्तिका (डीसीएचबी) तैयार करने की दिशा में सुविधाओं और संसाधनों से जुड़े आंकड़े जुटाने का काम पूरा हो गया है। गांवों और शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का सर्वे 14 अगस्त को पूरा कर लिया गया। अब पुस्तिका को अंतिम रूप देने के लिए दूसरे चरण की जनगणना में मिलने वाले जनसंख्या संबंधी आंकड़ों का इंतजार रहेगा।
जनगणना के नोडल अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)डॉ विवेक चतुर्वेदी ने बताया की सर्वे में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति का विस्तृत ब्योरा दर्ज किया गया है। लेखपालों को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई थी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, बिजली, बैंकिंग, परिवहन, संचार और स्वच्छता जैसी सुविधाओं के साथ कृषि, उद्योग, रोजगार, सिंचाई और ईंधन से जुड़े आंकड़े भी जुटाए गए हैं। डीसीएचबी के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अलग-अलग दस्तावेज तैयार होंगे। गांवों के लिए विलेज डायरेक्टरी और शहरों के लिए टाउन डायरेक्टरी बनाई जाएगी। इनमें संबंधित क्षेत्रों के मानचित्र भी शामिल किए जाएंगे। इससे किसी गांव या शहरी क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों की स्थिति को एक नजर में समझना आसान होगा। डीसीएचबी महज आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होगी, बल्कि जिले के सामाजिक-आर्थिक और आधारभूत विकास की तस्वीर सामने रखेगी। कहां स्कूल, अस्पताल, सड़क, पेयजल, बैंक या अन्य सुविधाओं की कमी है, इसकी पहचान में आंकड़े मददगार होंगे। इसी आधार पर भविष्य में विकास योजनाओं, निवेश, औद्योगिक विस्तार और गांव-शहर के संतुलित विकास की प्राथमिकताएं तय करने में भी सहायता मिलेगी।
दो हिस्सों में होगी पुस्तिका
जिला जनगणना हस्त पुस्तिका दो भागों में प्रकाशित होगी। पहले भाग में जिले का इतिहास, भौगोलिक स्थिति, प्रशासनिक व्यवस्था, कृषि, उद्योग, परिवहन और नागरिक सुविधाओं का विवरण होगा। दूसरे भाग में गांव और नगरवार जनसंख्या, परिवार, लिंगानुपात समेत अन्य जनसांख्यिकीय आंकड़े शामिल किए जाएंगे। ये आंकड़े दूसरे चरण की जनगणना पूरी होने के बाद उपलब्ध होंगे।
विज्ञापन
कानपुर। जनगणना-2027 के तहत जिले की जिला जनगणना हस्त पुस्तिका (डीसीएचबी) तैयार करने की दिशा में सुविधाओं और संसाधनों से जुड़े आंकड़े जुटाने का काम पूरा हो गया है। गांवों और शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का सर्वे 14 अगस्त को पूरा कर लिया गया। अब पुस्तिका को अंतिम रूप देने के लिए दूसरे चरण की जनगणना में मिलने वाले जनसंख्या संबंधी आंकड़ों का इंतजार रहेगा।
जनगणना के नोडल अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)डॉ विवेक चतुर्वेदी ने बताया की सर्वे में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति का विस्तृत ब्योरा दर्ज किया गया है। लेखपालों को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई थी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, बिजली, बैंकिंग, परिवहन, संचार और स्वच्छता जैसी सुविधाओं के साथ कृषि, उद्योग, रोजगार, सिंचाई और ईंधन से जुड़े आंकड़े भी जुटाए गए हैं। डीसीएचबी के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अलग-अलग दस्तावेज तैयार होंगे। गांवों के लिए विलेज डायरेक्टरी और शहरों के लिए टाउन डायरेक्टरी बनाई जाएगी। इनमें संबंधित क्षेत्रों के मानचित्र भी शामिल किए जाएंगे। इससे किसी गांव या शहरी क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों की स्थिति को एक नजर में समझना आसान होगा। डीसीएचबी महज आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होगी, बल्कि जिले के सामाजिक-आर्थिक और आधारभूत विकास की तस्वीर सामने रखेगी। कहां स्कूल, अस्पताल, सड़क, पेयजल, बैंक या अन्य सुविधाओं की कमी है, इसकी पहचान में आंकड़े मददगार होंगे। इसी आधार पर भविष्य में विकास योजनाओं, निवेश, औद्योगिक विस्तार और गांव-शहर के संतुलित विकास की प्राथमिकताएं तय करने में भी सहायता मिलेगी।
विज्ञापन
दो हिस्सों में होगी पुस्तिका
जिला जनगणना हस्त पुस्तिका दो भागों में प्रकाशित होगी। पहले भाग में जिले का इतिहास, भौगोलिक स्थिति, प्रशासनिक व्यवस्था, कृषि, उद्योग, परिवहन और नागरिक सुविधाओं का विवरण होगा। दूसरे भाग में गांव और नगरवार जनसंख्या, परिवार, लिंगानुपात समेत अन्य जनसांख्यिकीय आंकड़े शामिल किए जाएंगे। ये आंकड़े दूसरे चरण की जनगणना पूरी होने के बाद उपलब्ध होंगे।
विज्ञापन