Suresh Murder Case: हरकतों से परेशान पिता और भाई ने की थी हत्या, सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से हुआ खुलासा
Hardoi News: रेहरियामऊ में गोली मारकर मजदूर की हत्या की गई थी। मामले में नामजद किए गए दो लोग बेगुनाह निकले हैं। वहीं, पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया है कि भाई और पिता ने मिलकर उसकी हत्या की थी।
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हरदोई जिले में अतरौली थाना क्षेत्र के रेहरियामऊ में बीती 19 मार्च को गोली मारकर मजदूर की हत्या किए जाने का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। मजदूर की हरकतों और चाल-चलन से परेशान होकर भाई और पिता ने मिलकर उसकी हत्या की थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के जरिए पूरी घटना का खुलासा कर दिया।
आरोपी पिता और भाई को पुलिस ने तेरवा पहलवान गांव के आगे माइनर पुलिया के पास से गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन तमंचा, कारतूस और खोखा बरामद किया है। बीती 19 मार्च की सुबह रेहरियामऊ गांव में सुरेश (42) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव उसकी ही अर्द्धनिर्मित दुकानों में चारपाई के पास पड़ा मिला था।
जानकारी पर एसपी केसी गोस्वामी भी मौके पर पहुंचे थे। मृतक के पिता पुत्तू की तहरीर पर सुरेश की कथित पत्नी रामरती और चिरंजीखेड़ा निवासी बलराम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। एसपी ने अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र कुमार के नेतृत्व में घटना का खुलासा करने के लिए टीम लगाई थी। अपर पुलिस अधीक्षक नृपेंद्र ने बताया कि नामजद आरोपियों को लेकर तलाश की गई, तो उनकी मौजूदगी दिल्ली में मिली।
सुरेश के चाल-चलन से थे परेशान
वहां अलग-अलग सीसीटीवी फुटेज में वह घटना के समय नजर आए। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस के जरिए छानबीन शुरू की, तो चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। इसी आधार पर मुखबिर की सूचना पर मृतक के पिता पुत्तू और भाई दिनेश को गिरफ्तार कर लिया गया। इन लोगों ने बताया कि सुरेश के चाल-चलन से काफी परेशान थे। रामरती अपनी बेटी को लेकर बलराम के पास चली गई थी, लेकिन सुरेश दोनों को वापस बुलाने पर आमादा था।
गोली मारकर कर दी थी हत्या
साथ ही, उसने रामरती की बेटी की शादी बलराम से तय कर 18 अप्रैल को अपने पिता के घर से शादी करने की जिद पकड़ ली थी। यह बात सुरेश के पिता पुत्तू और भाई दिनेश को बर्दाश्त नहीं हो रही थी। काफी समझाने पर भी सुरेश नहीं माना, तो उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। खुलासा करने वाली टीम में अतरौली के प्रभारी निरीक्षक दिलेश सिंह, उपनिरीक्षक रमेश सिंह सेंगर, दीवान राज कपूर, सिपाही श्रवण और अनूप की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बीस साल पहले भी पिता ने सुरेश को मारी थी गोली
सुरेश से उसके पिता पुत्तू लंबे समय से नाराज रहते थे। बीस साल पहले भी पुत्तू ने सुरेश को गोली मार दी थी। तब घटना में सुरेश गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुत्तू ने इस घटना में अपने विरोधियों को फंसाने की साजिश रची थी। तब मल्हर यादव नाम के शख्स के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। हालांकि जांच में पता चला था कि पुत्तू ने ही बेटे सुरेश को गोली मारी थी। इस मामले में भी पुत्तू के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई थी।