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फर्रुखाबाद: सूबेदार मेजर जीवित, बेटा मृतक आश्रित में भर्ती, फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से किया खेल
Tue, 07 Jan 2020 09:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 07 Jan 2020 09:00 PM IST
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सेना भर्ती (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद में राजपूत रेजीमेंट सेंटर फतेहगढ़ में तैनाती के दौरान सूबेदार मेजर ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे पुत्र को मृतक आश्रित में सेना में भर्ती करवा दिया। सत्यापन में इसका खुलासा हुआ। सोमवार रात नायब सूबेदार ने पिता पुत्र पर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र व पुत्र का जन्म प्रमाण पत्र लगाकर सेना में भर्ती कराने का मामला दर्ज कराया है।
राजस्थान जनपद नागौर थाना मकराना के गांव नावाद निवासी सूबेदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन)अजीत सिंह 15 जून 2013 से 6 जून 2014 तक फतेहगढ़ स्थित राजपूत रेजीमेंट सेंटर की ट्रेंनिग बटालियन में तैनात थे। इस दौरान उन्होंने अपने पुत्र पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ को अपने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र व उसके फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से सेना में सिपाही पद पर भर्ती करा दिया।
जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र 13 फरवरी 2014 को नागौर जिले के निर्गमन प्राधिकारी रजिस्ट्रार अजीत सिंह ने जारी किए थे। दोनों प्रमाण पत्रों को सत्यापन के लिए नागौर भेजा गया। वहां पता चला कि दोनों ही प्रमाण पत्र फर्जी हैं। सूबेदार मेजर अजीत सिंह 31 जुलाई 2015 को सेवानिवृत्त हो गए थे।
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पूरे मामले की जांच के बाद लेफ्टीनेंट कर्नल मेजर अजित ओआईसी लीगल सेल के आदेश पर नायब सूबेदार कमरुद्दीन ने फतेहगढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाल जसंवत सिंह ने बताया कि तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की छानबीन शुरू कर दी गई है।
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राजस्थान जनपद नागौर थाना मकराना के गांव नावाद निवासी सूबेदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन)अजीत सिंह 15 जून 2013 से 6 जून 2014 तक फतेहगढ़ स्थित राजपूत रेजीमेंट सेंटर की ट्रेंनिग बटालियन में तैनात थे। इस दौरान उन्होंने अपने पुत्र पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ को अपने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र व उसके फर्जी जन्म प्रमाण पत्र से सेना में सिपाही पद पर भर्ती करा दिया।
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जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र 13 फरवरी 2014 को नागौर जिले के निर्गमन प्राधिकारी रजिस्ट्रार अजीत सिंह ने जारी किए थे। दोनों प्रमाण पत्रों को सत्यापन के लिए नागौर भेजा गया। वहां पता चला कि दोनों ही प्रमाण पत्र फर्जी हैं। सूबेदार मेजर अजीत सिंह 31 जुलाई 2015 को सेवानिवृत्त हो गए थे।
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पूरे मामले की जांच के बाद लेफ्टीनेंट कर्नल मेजर अजित ओआईसी लीगल सेल के आदेश पर नायब सूबेदार कमरुद्दीन ने फतेहगढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाल जसंवत सिंह ने बताया कि तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की छानबीन शुरू कर दी गई है।