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रूस में नौकरी लगवाने का झांसा दे महाराष्ट्र के छात्र से 90 हजार रुपये हड़पे फर्जी वीजा भी थमाया
Wed, 24 Jul 2019 12:05 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 24 Jul 2019 12:05 AM IST
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यूपी पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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रूस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर महाराष्ट्र के छात्र के साथ 90 हजार रुपये की ठगी की गई। रतनलाल नगर की एक कंसल्टेंट कंपनी ने उसको फर्जी वीजा व टिकट भी थमा दिया। जानकारी होने पर पीड़ित छात्र मंगलवार को शहर पहुंचकर एसएसपी से शिकायत की।
इसके बाद मामले की जांच सीओ गोविंद नगर को सौंपी गई। जांच में कंपनी का पता भी फर्जी निकला है। कोल्हापुर, महाराष्ट्र के सांगली निवासी शैलेष एमसीए पास हैं। शैलेष के मुताबिक करीब दो महीने पहले फेसबुक पर उसकी दोस्ती समीर सिद्दीकी नाम के युवक से हुई।
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इसके बाद मामले की जांच सीओ गोविंद नगर को सौंपी गई। जांच में कंपनी का पता भी फर्जी निकला है। कोल्हापुर, महाराष्ट्र के सांगली निवासी शैलेष एमसीए पास हैं। शैलेष के मुताबिक करीब दो महीने पहले फेसबुक पर उसकी दोस्ती समीर सिद्दीकी नाम के युवक से हुई।
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समीर ने बताया था कि वह कानपुर के रतनलाल नगर में ग्लोबल ग्रुप ऑफ स्टडीज कंसल्टेंसी का संचालन करता है। इसके बाद शैलेष की उससे व्हाट्सऐप पर भी बातचीत होने लगी। इस बीच शैलेष से समीर ने रूस में नौकरी लगवाने की बता कही।
शैलेष ने अपना पासपोर्ट भी उसे पोस्ट से भेज दिया। पहले वीजा और फिर टिकट के नाम पर समीर ने कुल 90 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। फिर उसने फेसबुक अकाउंट डिलीट कर मोबाइल भी बंद कर लिया। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि जांच गोविंद नगर सीओ चक्रेश मिश्रा को सौंपी गई है।
बिहार का निकला खाता
जांच में पता चला है कि समीर ने जो पता बताया था वह फर्जी निकला। वहां पर इस नाम का कोई भी दफ्तर नहीं मिला। सीओ के मुताबिक जिस खाते में रकम जमा करवाई गई है वह बिहार का है।
शैलेष ने अपना पासपोर्ट भी उसे पोस्ट से भेज दिया। पहले वीजा और फिर टिकट के नाम पर समीर ने कुल 90 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। फिर उसने फेसबुक अकाउंट डिलीट कर मोबाइल भी बंद कर लिया। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि जांच गोविंद नगर सीओ चक्रेश मिश्रा को सौंपी गई है।
बिहार का निकला खाता
जांच में पता चला है कि समीर ने जो पता बताया था वह फर्जी निकला। वहां पर इस नाम का कोई भी दफ्तर नहीं मिला। सीओ के मुताबिक जिस खाते में रकम जमा करवाई गई है वह बिहार का है।