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रिमझिम इस्पात पर स्टेट जीएसटी का छापा, मिला करोड़ों रुपये का अघोषित स्टॉक
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 14 Mar 2018 12:28 PM IST
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रिमझिम इस्पात पर स्टेट जीएसटी का छापा
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य वस्तु एवं सेवाकर विभाग (स्टेट जीएसटी) की टीमों ने मंगलवार को कानपुर के बड़े इस्पात कारोबारी योगेश अग्रवाल की दो फर्मों रिमझिम इस्पात और जूही एलॉय के चार प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापामारी कर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी। हमीरपुर जिले के भरुआ सुमेरपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित दो फैक्ट्रियों और फजलगंज व विष्णुपुरी स्थित हेड ऑफिसों में जांच चल रही है। अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर दस्तावेज और जब्त किए हैं। फैक्ट्रियों ने आठ से 10 करोड़ रुपये का अघोषित स्टॉक मिला है।
स्टेट जीएसटी के अफसरों को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि रिमझिम इस्पात में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के जरिये माल सप्लाई हो रहा है। इस पर स्टेट जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने सक्रियता दिखाई। मंगलवार को एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 भानुप्रकाश मिश्रा के निर्देश पर वरिष्ठ अफसरों की 12 टीमें बनाई गईं। इनकी अगुवाई ज्वाइंट कमिश्नर सुशील कुमार सिंह, डीपी सिंह, डिप्टी कमिश्नर विकास बहादुर, धर्मेंद्र बहादुर, सुरेंद्र सिंह, एपी सिंह आदि ने की।
आठ टीमें भरुआ सुमेरपुर रवाना की गईं। यहां रिमझिम इस्पात के नाम से सरिया बनाने वाली फैक्ट्री और जूही एलॉय के नाम से लोहे के अन्य आइटम बनाने वाली फैक्ट्री की जांच शुरू की गई। चार टीमों में एक विष्णुपुरी और तीन टीमें फजलगंज स्थित कार्यालय में जांच पड़ताल के लिए लगाई गईं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि फैक्ट्रियों में आठ से 10 करोड़ रुपये का अघोषित स्टॉक मिला है। स्टॉक इतना ज्यादा है कि मिलान में 24 घंटे से अधिक का समय लग सकता है।
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फैक्ट्रियों में स्टॉक मिलान में ही 20 से ज्यादा अफसर लगे हैं। बताया जाता है कि जीएसटी के बाद फर्म में टैक्स चोरी और बढ़ी है। बिना ई-वे बिल के माल डीलरों को सप्लाई किया गया है। स्टेट जीएसटी के अफसर अब डीलरों पर भी शिकंजा सकेंगे। समाचार लिखे जाने तक जांच जारी थी।
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स्टेट जीएसटी के अफसरों को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि रिमझिम इस्पात में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के जरिये माल सप्लाई हो रहा है। इस पर स्टेट जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने सक्रियता दिखाई। मंगलवार को एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 भानुप्रकाश मिश्रा के निर्देश पर वरिष्ठ अफसरों की 12 टीमें बनाई गईं। इनकी अगुवाई ज्वाइंट कमिश्नर सुशील कुमार सिंह, डीपी सिंह, डिप्टी कमिश्नर विकास बहादुर, धर्मेंद्र बहादुर, सुरेंद्र सिंह, एपी सिंह आदि ने की।
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आठ टीमें भरुआ सुमेरपुर रवाना की गईं। यहां रिमझिम इस्पात के नाम से सरिया बनाने वाली फैक्ट्री और जूही एलॉय के नाम से लोहे के अन्य आइटम बनाने वाली फैक्ट्री की जांच शुरू की गई। चार टीमों में एक विष्णुपुरी और तीन टीमें फजलगंज स्थित कार्यालय में जांच पड़ताल के लिए लगाई गईं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि फैक्ट्रियों में आठ से 10 करोड़ रुपये का अघोषित स्टॉक मिला है। स्टॉक इतना ज्यादा है कि मिलान में 24 घंटे से अधिक का समय लग सकता है।
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फैक्ट्रियों में स्टॉक मिलान में ही 20 से ज्यादा अफसर लगे हैं। बताया जाता है कि जीएसटी के बाद फर्म में टैक्स चोरी और बढ़ी है। बिना ई-वे बिल के माल डीलरों को सप्लाई किया गया है। स्टेट जीएसटी के अफसर अब डीलरों पर भी शिकंजा सकेंगे। समाचार लिखे जाने तक जांच जारी थी।