{"_id":"61eefc247cde38497426b0c1","slug":"sp-expressed-confidence-in-two-former-mlas-who-changed-their-party-akbarpur-news-knp677113985","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा ने दल बदलकर आए दो पूर्व विधायकों पर जताया विश्वास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा ने दल बदलकर आए दो पूर्व विधायकों पर जताया विश्वास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर देहात। विधानसभा चुनाव को लेकर सपा ने दावेदारों में चल रहा घमासान खत्म कर दिया है। सोमवार को तीन विधानसभा सीटों में प्रत्याशियों के टिकट फाइनल कर दिए हैं। इसमें दल बदलने वालों को तवज्जो दी गई है। अकबरपुर रनियां व रसूलाबाद के प्रत्याशी पूर्व में बसपा से विधायक रह चुके हैं। दो साल पहले बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए थे। भोगनीपुर प्रत्याशी पूर्व विधायक के बेटे हैं। वर्तमान में पार्टी ने उन्हें भोगनीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाया था, जबकि सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र से पार्टी टिकट फाइनल नहीं कर पाई है। वहीं, अन्य दलों की बात करें तो भाजपा ने अकबरपुर रनियां से निवर्तमान विधायक प्रतिभा शुक्ला को फिर से मैदान में उतारा है। जबकि रसूलाबाद व भोगनीपुर में भाजपा ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। बसपा ने अकबरपुर रनियां से विनोद पाल को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, रसूलाबाद व भोगनीपुर से प्रत्याशी तय नहीं हुए हैं। कांग्रेस ने अभी तक किसी सीट पर प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है।
अकबरपुर-रनियां
अकबरपुर रनियां विधानसभा से सपा ने पूर्व विधायक डॉ. आरपी कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया है। आरपी कुशवाहा मूल रूप से मैथा ब्लॉक के रास्तपुर गांव के रहने वाले हैं। वर्ष 2007 में घाटमपुर विधानसभा बसपा से विधायक बने थे। उनकी पत्नी रीता कुशवाहा 2010 से 2015 तक कानपुर नगर की जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। अक्तूबर 2021 में वह बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए। इसके बाद वह अकबरपुर-रनियां विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हो गए। पार्टी के गोपनीय सर्वे में उनकी मजबूत स्थिति सामने आई है। साथ ही कुशवाहा बिरादरी के वोट को लेकर भी पार्टी ने समीकरण साधे हैं।
भोगनीपुर :
पुखरायां कस्बा के रहने वाले नरेंद्र पाल सिंह मनु को सपा ने भोगनीपुर से प्रत्याशी बनाया है। फिलहाल वो संगठन में जिला उपाध्यक्ष के पद पर हैं। उन्हें भोगनीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी भी बनाया गया था। उनके पिता योगेंद्र पाल सिंह अमरौधा से 30 साल ब्लॉक प्रमुख रहे हैं। योगेंद्र पाल एक बार एमएलसी व 2012 में भोगनीपुर विधानसभा से सपा से ही विधायक थे। पिता की उम्र अधिक होने की वजह से जनता के बीच नरेंद्र पाल मनु हमेशा उपलब्ध रहे। अब पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है। उन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। टिकट फाइनल होने से पहले ही वह क्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय रहे।
विज्ञापन
रसूलाबाद :
बिल्हौर विधानसभा से वर्ष 2007 में बसपा से विधायक रहे कमलेश चंद्र दिवाकर को सपा ने रसूलाबाद से प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी का मानना है कि उन्होंने कोविड के समय क्षेत्र में बहुत काम किया है। मूलरूप से उन्नाव माधापुर के रहने वाले कमलेश चंद्र दिवाकर बांगरमऊ से ब्लॉक प्रमुख भी रहे हैं। 2007 के विधानसभा चुनाव में बिल्हौर में उन्होंने सपा के कद्दावर नेता रहे पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया को हराया था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कमलेश चंद्र दिवाकर चुनाव नहीं लड़े थे। तीन साल पहले वह बसपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे। कोविड की पहली और दूसरी लहर में उन्होंने क्षेत्र में लोगों के बीच जाकर काफी काम किया। इस पर सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रसूलाबाद विधानसभा में सपा की साइकिल चलाने की जिम्मेदारी कमलेश चंद्र दिवाकर को दी। उन पर कल्याणपुर थाने में जानलेवा हमला और रंगदारी का मुकदमा दर्ज है।
विज्ञापन
अकबरपुर-रनियां
अकबरपुर रनियां विधानसभा से सपा ने पूर्व विधायक डॉ. आरपी कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया है। आरपी कुशवाहा मूल रूप से मैथा ब्लॉक के रास्तपुर गांव के रहने वाले हैं। वर्ष 2007 में घाटमपुर विधानसभा बसपा से विधायक बने थे। उनकी पत्नी रीता कुशवाहा 2010 से 2015 तक कानपुर नगर की जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। अक्तूबर 2021 में वह बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए। इसके बाद वह अकबरपुर-रनियां विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हो गए। पार्टी के गोपनीय सर्वे में उनकी मजबूत स्थिति सामने आई है। साथ ही कुशवाहा बिरादरी के वोट को लेकर भी पार्टी ने समीकरण साधे हैं।
विज्ञापन
भोगनीपुर :
पुखरायां कस्बा के रहने वाले नरेंद्र पाल सिंह मनु को सपा ने भोगनीपुर से प्रत्याशी बनाया है। फिलहाल वो संगठन में जिला उपाध्यक्ष के पद पर हैं। उन्हें भोगनीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी भी बनाया गया था। उनके पिता योगेंद्र पाल सिंह अमरौधा से 30 साल ब्लॉक प्रमुख रहे हैं। योगेंद्र पाल एक बार एमएलसी व 2012 में भोगनीपुर विधानसभा से सपा से ही विधायक थे। पिता की उम्र अधिक होने की वजह से जनता के बीच नरेंद्र पाल मनु हमेशा उपलब्ध रहे। अब पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है। उन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। टिकट फाइनल होने से पहले ही वह क्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय रहे।
विज्ञापन
रसूलाबाद :
बिल्हौर विधानसभा से वर्ष 2007 में बसपा से विधायक रहे कमलेश चंद्र दिवाकर को सपा ने रसूलाबाद से प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी का मानना है कि उन्होंने कोविड के समय क्षेत्र में बहुत काम किया है। मूलरूप से उन्नाव माधापुर के रहने वाले कमलेश चंद्र दिवाकर बांगरमऊ से ब्लॉक प्रमुख भी रहे हैं। 2007 के विधानसभा चुनाव में बिल्हौर में उन्होंने सपा के कद्दावर नेता रहे पूर्व मंत्री शिवकुमार बेरिया को हराया था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कमलेश चंद्र दिवाकर चुनाव नहीं लड़े थे। तीन साल पहले वह बसपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे। कोविड की पहली और दूसरी लहर में उन्होंने क्षेत्र में लोगों के बीच जाकर काफी काम किया। इस पर सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रसूलाबाद विधानसभा में सपा की साइकिल चलाने की जिम्मेदारी कमलेश चंद्र दिवाकर को दी। उन पर कल्याणपुर थाने में जानलेवा हमला और रंगदारी का मुकदमा दर्ज है।