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Kanpur News: दरोगा के बेटे को धमकाकर रुपये वसूलने के आरोप में एसआई लाइन हाजिर
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कानपुर। नौबस्ता थाने की आवास-विकास चौकी के एसआई गौरव सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उन पर किदवईनगर वाई-वन ब्लॉक निवासी दरोगा के बेटे को धमकाकर रुपये वसूलने का आरोप है। पीड़ित ने तत्कालीन चौकी प्रभारी रहे शैलेंद्र राघव पर भी अवैध वसूली का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। शिकायत एडिशनल पुलिस कमिश्नर से की थी।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि किदवईनगर वाई-वन ब्लॉक निवासी दरोगा मनोज गाजियाबाद में तैनात हैं। उनके बेटे शिखर द्विवेदी ने दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया था कि 29 मई की रात बीमार दोस्त को देखने अस्पताल जा रहे थे। आवास विकास पुलिस चौकी के पास कुछ लोगों ने उन्हें रोककर रुपये मांगे। विरोध पर अभद्रता की। शिकायत लेकर चौकी पहुंचे तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार किया। तत्कालीन चौकी प्रभारी शैलेंद्र ने झूठे मुकदमे में फंसाने तथा जेल भेजने की धमकी दी।
आरोप था कि मामले को निपटाने के नाम पर उनसे 10 हजार रुपये लिए गए। रुपये एसआई गौरव सिंह को दिए जिसके बाद उन्हें छोड़ा गया। डीसीपी के अनुसार मामले में शैलेंद्र राघव और गौरव सिंह पर आरोप लगे थे। शैलेंद्र राघव पहले ही एक मामले में निलंबित हैं। आरोपों की जांच के बाद दरोगा गौरव सिंह को लाइन हाजिर किया गया है।
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डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि किदवईनगर वाई-वन ब्लॉक निवासी दरोगा मनोज गाजियाबाद में तैनात हैं। उनके बेटे शिखर द्विवेदी ने दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया था कि 29 मई की रात बीमार दोस्त को देखने अस्पताल जा रहे थे। आवास विकास पुलिस चौकी के पास कुछ लोगों ने उन्हें रोककर रुपये मांगे। विरोध पर अभद्रता की। शिकायत लेकर चौकी पहुंचे तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार किया। तत्कालीन चौकी प्रभारी शैलेंद्र ने झूठे मुकदमे में फंसाने तथा जेल भेजने की धमकी दी।
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आरोप था कि मामले को निपटाने के नाम पर उनसे 10 हजार रुपये लिए गए। रुपये एसआई गौरव सिंह को दिए जिसके बाद उन्हें छोड़ा गया। डीसीपी के अनुसार मामले में शैलेंद्र राघव और गौरव सिंह पर आरोप लगे थे। शैलेंद्र राघव पहले ही एक मामले में निलंबित हैं। आरोपों की जांच के बाद दरोगा गौरव सिंह को लाइन हाजिर किया गया है।
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