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Auraiya : औरैया से पहले भी आई हैं ऐसी बदहाल तस्वीरेंं, पर नहीं बदली व्यवस्था...वही ढाक के तीन पात

Thu, 09 Nov 2023 07:18 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 09 Nov 2023 07:18 AM IST
सार

Auraiya News: इस अमानवीय दृश्य ने काफी कुछ सवाल खड़े किए थे। सुधार की ओर इशारा भी किया, लेकिन कुछ भी नहीं किया गया। जिले भर में आज भी महज दो शव वाहन व्यवस्था बनी हुई है।

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shocking scenes keep coming, government system remains as it is, bad pictures have come before also in Auraiya
बाइक पर मृत बहन को पीठ पर बांध दूसरी बहन को पीछे बैठा घर के लिए जाता आयुष - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

औरैया जिले में बिधूना सीएचसी में मृतक बहन को बाइक पर पीठ पर बांधकर घर ले जाने का दृश्य सामने आने के बाद शासन सत्ता से लेकर स्वास्थ्य विभाग सजग दिखाई देने के प्रयास में जुटा है। असलियत में व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास होना चाहिए।

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पूर्व में भी कई बार बदहाल व्यवस्था के दृश्य सामने आ चुके है। किरकिरी होने के बाद भी ढर्रा नहीं बदला जा रहा है। वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान 16 मई को चिरूहली समीप हाईवे पर सुबह-सुबह ट्राला व डीसीएम की भिड़ंत में 26 लोगों की जान चली गई थी।

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इतने बड़े हादसे के बाद सरकारी व्यवस्था का अमानवीय व गैर जिम्मेदार दृश्य सामने आया था। हादसे में छत्तीसगढ़, झारखंड व बिहार के कई लोगों की जान चली गई थी। जिनके शवों को घर भेजने के लिए आनन-फानन व्यवस्था की गई। इस दौरान डीसीएम में शवों के साथ जिंदा लोगों को भी भेज दिया था।

अमानवीय दृश्य ने काफी कुछ सवाल खड़े किए
इस अमानवीय दृश्य ने काफी कुछ सवाल खड़े किए थे। सुधार की ओर इशारा भी किया, लेकिन कुछ भी नहीं किया गया। जिले भर में आज भी महज दो शव वाहन व्यवस्था बनी हुई है। बिधूना के दृश्य ने तीन साल बाद फिर से उस मंजर को सामने लाकर खड़ा कर दिया।

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कोई कुछ कहने को नहीं है तैयार
यह दृश्य तीन साल बाद फिर से झकझोर गया है। काश, की सरकारी व्यवस्था के तानेबाने में मजबूती की जाती। घर जाते शवों की यात्रा पीठ पर समेटते हुए न होती। कार्रवाई से कहीं ज्यादा शव वाहनों की संख्या पर ध्यान देने की जरूरत है। इस पर कोई कुछ कहने को तैयार नहीं।

विपक्ष ने बदहाल तस्वीर से घेरा, तो डिप्टी सीएम ने कसा शिकंजा
बहन के शव को पीठ पर बांधकर सीएचसी से ले जाने की घटना को लेकर बुधवार को पूरे दिन ट्वीट वार सिलसिला चलता रहा। विपक्ष ने जहां बदहाल तस्वीर के जरिए सत्ता को घेरा, वहीं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

योगी सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं का निकला जनाजा
बुधवार तड़के समाजवादी पार्टी के संरक्षक अखिलेश यादव ने बाइक सवार युवक, मृतक बहन के साथ दूसरी बहन की फोटो को ट्वीट किया। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के आधिकारिक एक्स (ट्वीटर हैंडल) से फोटो के अलावा प्रतिक्रिया भी पोस्ट की गई। लिखा गया कि योगी सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं का निकला जनाजा, बहन के शव को बाइक से घर ले गया भाई।

\डॉक्टरों को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए तत्काल हटाया गया
वहीं, घटना को बेहद दुखद एवं इंसानियत को शर्मसार करने वाला बताया गया। भाजपा सरकार के विकास के दावों की आलोचना करते हुए लिखा गया कि स्वास्थ्य विभाग एक एम्बुलेंस का इंतजाम न कर सका। इस ट्वीट के बाद मामला बिगड़ता देख डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का ट्वीट आया। लिखा कि सीएचसी अधीक्षक व प्रकरण में संबंधित डॉक्टरों को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए तत्काल हटाया जाए।

कई तरह की बातचीत से चर्चाओं का बाजार गर्म रहा
दूसरे ट्वीट में सीएचसी व पीएचसी में एम्बुलेंस सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सीएमओ को कहा गया। इस घटना को लेकर बुधवार को पूरे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे नजर आए। कोई कुछ भी बताने से किनारा करता रहा। कई तरह की बातचीत से चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

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