Sikh Riots: पांच केसों में एसआईटी ने दाखिल की चार्जशीट, पूर्व सेल टैक्स अफसर समेत सात को भेजा जा चुका है जेल
कानपुर में वर्ष 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों में शहर में 127 सिखों की हत्या की गई थी। इसकी जांच कर रही एसआईटी ने पांच केसों में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
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कानपुर में सिख विरोधी दंगों के मामले में एसआईटी ने पांच केसों में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें पूर्व सेल टैक्स अफसर समेत सात आरोपी शामिल हैं। सात आरोपियों में से दो आरोपी चार केसों में शामिल रहे हैं। दबौली में एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या कर दी गई थी, जिसमें विशाख सिंह, उनकी पत्नी सरनजीत कौर, बेटी गुरुचरन कौर व बेटे जोगिंदर सिंह, गुरुचरन सिंह, छत्रपाल सिंह व गुरुमुख सिंह शामिल थे।
404/84 केस नंबर गोविंद नगर थाने में दर्ज किया गया था, इसमें एसआईटी ने भरत शर्मा, योगेंद्र शर्मा, कैलाश पाल, राम चंदर को जेल भेजा था। इन चारों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है। इसी तरह से पनकी थाने के केस नंबर 188ए/84 में सरदार स्वर्ण सिंह व उनके बेटे सरदार गुरुजेंदर सिंह की हत्या का केस दर्ज था। इसमें पूर्व सेल टैक्स अफसर सीपी सिंह व अनिल को एसआईटी ने जेल भेजा था। साक्ष्य जुटाने के बाद हत्या कर डकैती डालने के आरोप में चार्जशीट लगाई है।
तीन केसों में दो आरोपियों का हाथ
दंगों के दौरान दबौली इलाके में तीन अलग-अलग वारदात हुई थीं, जिसमें कुल पांच सिखों की हत्या की गई थी, जिसमें गोविंद नगर थाने में तीन केस (482/84, 333/84, 613/84) दर्ज किए गए थे। इसमें भगवान सिंह, अमरजीत उर्फ सतपाल व तेज सिंह, जगजीत सिंह व हरचरण सिंह को मारा गया था। इन तीनों केसों में पूर्व पार्षद कैलाश पाल व कमल शामिल थे। दोनों आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। इन सभी में भी चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
पांच केसों में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। एक आरोपी फरार है, उसकी तलाश की जा रही है। जल्द से जल्द सभी की गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ भी चार्जशीट लगाकर कार्रवाई पूरी की जाएगी। -बालेंदु भूषण सिंह, डीआईजी एसआईटी
बयान में आए थे तीन नाम, नहीं हो पा रहा सत्यापन
दबौली में एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या के मामले में एक गवाह ने अपने बयान में तीन नाम बताए थे। दावा किया था कि वारदात के दौरान उन्होंने सुरेंद्र, मुकेश व राजेश का नाम सुना था। जांच में यह नाम शामिल हो गए थे लेकिन एसआईटी की अब तक की जांच में इन नामों का सत्यापन नहीं हो सका है। डीआईजी का कहना है विवेचना अभी भी जारी है। अगर इन तीनों के संबंध में कोई जानकारी मिलती है और उसकी पुष्टि हो जाती है, तो वह उन पर कार्रवाई करेंगे।
अग्रिम जमानत पर सुनवाई शुक्रवार को
दंगो का मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री का भतीजा राघवेंद्र कुशवाहा है। उसने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। बुधवार को उस पर सुनवाई हुई और कोर्ट ने सुनवाई आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार का दिन नियत किया है।