फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Satyendra Dubey murder case, CBI interrogates Jalkal GM Neeraj Gaur, case connected with NH projects scam

सत्येंद्र दुबे हत्याकांड: जलकल जीएम नीरज गौड़ से सीबीआई की पूछताछ, कुछ दस्तावेज सहित अन्य सामान सील

Sun, 03 Apr 2022 04:06 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 03 Apr 2022 04:06 PM IST
सार

नेशनल हाईवे के तीन बड़े प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये का घपला हुआ, जो काम नहीं हुआ, उसका भी भुगतान करा दिया गया। इसी घोटाले में फंसे वर्तमान में जलकल जीएम, कानपुर नीरज गौड़ की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दरअसल, एनएचएआई के परियोजना निदेशक रहे सत्येंद्र दुबे हत्याकांड के मामला भी उनसे जुड़ गया है। इस हत्याकांड में साक्ष्य जुटाने के लिए सीबीआई ने नीरज गौड़ से पूछताछ की।

विज्ञापन
Satyendra Dubey murder case, CBI interrogates Jalkal GM Neeraj Gaur, case connected with NH projects scam
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एनएचएआई के परियोजना निदेशक रहे सत्येंद्र दुबे हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने साक्ष्य जुटाने के लिए जलकल विभाग के महाप्रबंधक नीरज गौड़ से पूछताछ की। नीरज गौड़ 2008 से 2013 तक एनएचएआई के वाराणसी -गया सेक्शन में तैनात थे। टोल में ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के मामले की जांच की भी चर्चा है।

विज्ञापन

जीएम के बंगले में कुछ दस्तावेज, नगदी भी सील की गई। बिहार के सिवान जिले में जन्मे सत्येंद्र कुमार दुबे स्थानीय आईआईटी (आईआईटी कानपुर) से पढ़ाई करने के बाद एनएचएआई में परियोजना निदेशक बने थे। भारतीय इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी सत्येंद्र दुबे स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना में व्याप्त भ्रष्टाचार को जनता के सामने लाए थे।
विज्ञापन

एनएचएआई के कुछ बड़े अधिकारियों पर ठेकेदारों का फेवर लेने का भी आरोप लगाया था। 27 नवंबर 2003 को गया रेलवे स्टेशन के पास सत्येंद्र दुबे की हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

हत्यारों के नक्सली कनेक्शन की बात भी सामने आई थी। सीबीआई जांच में भी मामला दबता देख आईआईटी के एक पूर्व छात्र ने आरटीआई के तहत इस संबंध में सवाल पूछा था, जिसके जवाब और पैरवी होने पर पुन: जांच तेज हुई। चर्चा है कि नीरज गौड़ छह साल तक एनएचएआई के बनारस-गया सेक्शन में तैनात रहे।

इसलिए वहां के काकस के संबंध में जानकारी होगी, जिसके संबंध में पूछताछ की गई। यह भी चर्चा है कि सीबीआई ने नीरज गौड़ की एनएचएआई में तैनाती के इदौरान उक्त सेक्शन के टोल में ठेकेदार को करीब 30 करोड़ का लाभ पहुंचाने के मामले में पूछताछ की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed