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संस्कृत समझ में नहीं आई, बच्चे ने फांसी लगाई
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 14 Oct 2017 08:40 AM IST
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कानपुर घाटमपुर के विकास खंड के उमरी गांव में गुरुवार रात कक्षा आठ के एक छात्र ने बगीचे में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि बच्चा संस्कृत में कमजोर था। इसपर शिक्षक ने बच्चे की डायरी में संस्कृत का काम पूरा न होने और अभिभावक से हस्ताक्षर करवाकर लाने को लिखा था। बच्चे ने यह बात घरवालों से छुपा ली।स्कूल से लौटने पर वह गुमसुम रहने लगा। शुक्रवार को उसका शव गांव के बाहर एक बगीचे में फांसी पर लटका मिला। पुलिस ने जब उसकी डायरी खंगाली तो यह बात पता चली।
उमरी गांव निवासी श्यामकरन ने बताया कि उनका पुत्र चंद्रभान (12) पड़ोसी गांव मुरलीपुर के एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा-8 का छात्र था। परिजनों ने बताया कि वह संस्कृत विषय में काफी कमजोर था। जिसकी स्कूल से कई बार शिकायत आई थी। गुरुवार की शाम चंद्रभान घर से बाहर अचानक चला गया। रात में जब वह नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की गई। शुक्रवार की सुबह 7 बजे उसका शव गांव के बाहर स्थित बगीचे के एक पेड़ पर झूलता मिला। छात्र के गले में नायलॉन की रस्सी बंदी थी। पुलिस ने जब बच्चे का बैग तलाशा तो डायरी मिली। जिसमें स्कूल की ओर से संस्कृत का होमवर्क न करने और अभिभावक के हस्ताक्षर कराने की बात लिखी थी। चंद्रभान दो भाई, दो बहनों में छोटा था। दरोगा नागेंद्र कुमार ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। परिजनों ने शव का यमुना नदी में अंतिम संस्कार कर दिया।
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उमरी गांव निवासी श्यामकरन ने बताया कि उनका पुत्र चंद्रभान (12) पड़ोसी गांव मुरलीपुर के एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा-8 का छात्र था। परिजनों ने बताया कि वह संस्कृत विषय में काफी कमजोर था। जिसकी स्कूल से कई बार शिकायत आई थी। गुरुवार की शाम चंद्रभान घर से बाहर अचानक चला गया। रात में जब वह नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की गई। शुक्रवार की सुबह 7 बजे उसका शव गांव के बाहर स्थित बगीचे के एक पेड़ पर झूलता मिला। छात्र के गले में नायलॉन की रस्सी बंदी थी। पुलिस ने जब बच्चे का बैग तलाशा तो डायरी मिली। जिसमें स्कूल की ओर से संस्कृत का होमवर्क न करने और अभिभावक के हस्ताक्षर कराने की बात लिखी थी। चंद्रभान दो भाई, दो बहनों में छोटा था। दरोगा नागेंद्र कुमार ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। परिजनों ने शव का यमुना नदी में अंतिम संस्कार कर दिया।
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