ये कैसा औद्योगिक क्षेत्र: हफ्तों नहीं आते सफाई कर्मी, जर्जर सड़कों पर कूड़े के अंबार, मालिकों ने बयां की पीड़ा
Kanpur News: साइट नंबर तीन औद्योगिक क्षेत्र सवा एकड़ में फैला है। यहां कुल 400 फैक्टरियां है, इनमें से 25 प्रतिशत बंद पड़ी हैं। यहां करीब छह माह से स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। रात के समय अंधेरा पसरा रहता है। कोहरे में वाहन चलाने में डर लगा रहता है।
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कानपुर में हर साल करीब साढ़े तीन करोड़ का टैक्स देने के बाद भी पनकी साइट नंबर-3 के फैक्टरी मालिकों को सुविधाएं नहीं मिल रही है। क्षतिग्रस्त सड़कों व नालियों की सफाई न होने से उद्यमी परेशान हैं। सफाईकर्मी हफ्तों तक नहीं आते, जिससे जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा रहता है। फैक्टरी मालिकों ने बताया कि काफी कोशिशों के बाद पिछले दिनों कुछ सड़कें बनवाई गईं, लेकिन कई अभी भी क्षतिग्रस्त हैं।
ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर पैदल चलना मुश्किल है। फैक्टरियों के बाहर गंदगी जमा रहती है। नालियां बजबजाती रहती हैं और गंदे पानी की निकासी नहीं हो पाती। शिकायतों के बाद भी नगर निगमकर्मी नहीं सुनते। बारिश के समय तो अधिकतर गलियों में जलभराव हो जाता है। साइट नंबर तीन औद्योगिक क्षेत्र सवा एकड़ में फैला है। यहां कुल 400 फैक्टरियां है, इनमें से 25 प्रतिशत बंद पड़ी हैं।
स्ट्रीट लाइटें खराब, गार्डन के नाम पर अतिक्रमण
करीब छह माह से स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। रात के समय अंधेरा पसरा रहता है। कोहरे में वाहन चलाने में डर लगा रहता है। क्षेत्र में कुछ फैक्टरी संचालकों की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाती है। फैक्टरियों के बाहर गार्डन बनाने के नाम पर जगह घेरकर सामान रखा जा रहा है। इससे नालियों की ठीक से सफाई नहीं हो पाती। हाल में बैंक ऑफ बड़ौदा से रोटोमैक तक इंटरलॉकिंग का कार्य होना था लेकिन अतिक्रमण की वजह से नहीं हो सका। नगरनिगम के अधिकारी भी अतिक्रमण नहीं हटवाते।
- सफाईकर्मी कूड़ा उठाने हर दिन नहीं आते। कई-कई दिन बाद सफाई होती है। अतिक्रमण के कारण नालियों की सफाई न होने से अधिकतर जाम हैं। -नयन अग्रवाल
- एम ब्लॉक में नाली व सड़क 1990 के समय की बनी हैं। नालियां कम चौड़ी हैं, इससे सफाई नहीं हो पाती। नाली चौड़ी कर नाला भी बनना चाहिए। -राहुल दत्ता
- कुछ सड़कें इतनी बदहाल हैं कि निकलना तक दूभर होता है। ऊपर से स्ट्रीट लाइटें भी नहीं जलतीं, जिससे चोरी की वारदातें होती हैं। -प्रमोद शर्मा
जहां-जहां शिकायतें आती हैं, वहां कार्य कराया जाता है। पूर्व में औद्योगिक क्षेत्र में 90 करोड़ से काम कराया गया था। आगे भी फंड आने पर काम कराया जाएगा। अतिक्रमण हटाने का अभियान भी चलेगा। -एसएएफ जैदी, मुख्य अभियंता, नगर निगम