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Kanpur News: बढ़ती उम्र के साथ घट जाती लार, पाचन तंत्र पड़ता धीमा
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कानपुर। बढ़ती उम्र के साथ लार का स्राव कम हो जाता है जिससे भोजन निगलने में कठिनाई होती है। पेट में एसिड का स्राव घटता है। इससे भोजन का पाचन धीमा पड़ जाता है। आंतों की गतिशीलता कम होने से कब्ज की समस्या आम हो जाती है। लिवर और अग्नाशय की क्रियाशीलता घटने से दवाओं का असर और पाचन दोनों प्रभावित होते हैं।
यह बात इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम में प्रथम वक्ता डॉ. शुभ्रा मिश्रा ने बताई। उन्होंने सलाह दी कि बुजुर्ग व्यक्ति नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं। साथ ही संतुलित आहार, पर्याप्त पानी लें और हल्का व्यायाम अपनी दिनचर्या में शामिल करें। वक्ता डॉ. एसी अग्रवाल ने बताया कि पेट में जलन, भारीपन, गैस, उल्टी, मतली या अपच जैसे लक्षण अक्सर लोग सामान्य एसिडिटी या गैस की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तव में ये शरीर की विभिन्न पाचन प्रणालियों में असंतुलन या किसी गहरी गड़बड़ी का संकेत हो सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने की। सचिव डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि एसोसिएशन के हैडक्वार्टर के निर्देशानुसार आईएमए फिजिशियंस लर्निंग एकेडमी के तहत बैक टू बैक एकेडिमिक्स की शृंखला में सीएमई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के चेयरपर्सन डॉ. मयंक मेहरोत्रा और मॉडरेटर पूर्व सचिव डॉ. विकास मिश्रा रहे।
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यह बात इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम में प्रथम वक्ता डॉ. शुभ्रा मिश्रा ने बताई। उन्होंने सलाह दी कि बुजुर्ग व्यक्ति नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं। साथ ही संतुलित आहार, पर्याप्त पानी लें और हल्का व्यायाम अपनी दिनचर्या में शामिल करें। वक्ता डॉ. एसी अग्रवाल ने बताया कि पेट में जलन, भारीपन, गैस, उल्टी, मतली या अपच जैसे लक्षण अक्सर लोग सामान्य एसिडिटी या गैस की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तव में ये शरीर की विभिन्न पाचन प्रणालियों में असंतुलन या किसी गहरी गड़बड़ी का संकेत हो सकते हैं।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने की। सचिव डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि एसोसिएशन के हैडक्वार्टर के निर्देशानुसार आईएमए फिजिशियंस लर्निंग एकेडमी के तहत बैक टू बैक एकेडिमिक्स की शृंखला में सीएमई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के चेयरपर्सन डॉ. मयंक मेहरोत्रा और मॉडरेटर पूर्व सचिव डॉ. विकास मिश्रा रहे।
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