सभी के जीवन में विपरीत परिस्थितियां आती हैं। ऐसे मुश्किल समय में जो लोग कमजोर होते हैं, वो बिखर जाते हैं और मजबूत लोग निखर जाते हैं। ये कहना है देश के टॉप बिजनेसमैन सहाराश्री सुब्रत राय का।
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कानपुर पहुंचे सहाराश्री सुब्रत राय
सहारा इंडिया परिवार वर्ष 2018 को संकल्प वर्ष के रूप में मनाएगा। इसी सिलसिले में सहारा इंडिया परिवार के मुखिया सुब्रत राय सहारा देश के 18 शहरों की ‘सहारा मिलन यात्रा’ पर निकले हैं। गुरुवार को वह कानपुर शहर आए और बृजेंद्र स्वरूप पार्क में कानपुर और झांसी मंडलों के करीब तीन हजार शुभचिंतकों, कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों से मिले।
मीटिंग के दौरान सुब्रत राय ने कहा कि उन्होंने खुशी जताई कि विपरीत परिस्थितियों में सहारा इंडिया परिवार और निखर कर सामने आया है। वे विश्व के विशालतम परिवार के 14 लाख से ज़्यादा सदस्यों का मुख्य अभिभावक होने पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि एक फरवरी 2018 को कंपनी की 40वीं वर्षगांठ है। सहारा कंपनी वर्ष 1978 में तीन कार्यकर्ताओं व दो हजार रुपयों से ‘परिवार’ के अनूठे सिद्धांत तथा ‘सामूहिक विकास व निरंतर प्रगति’ की शपथ के साथ शुरू की थी।
उनकी परिसंपत्तियों का कुल बाजार मूल्य लगभग दो लाख करोड़ रुपये है। उनकी कंपनी से लगभग 10 करोड़ ग्राहक जुड़े हैं। यह भारतीय रेलवे के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी संस्था है। उन्होंने बताया कि सहारा के वकील ने उच्चतम न्यायालय में अपना पक्ष रखा है।
इसमें कहा गया है कि वर्ष 2012 से सहारा, सहारा-सेबी खाते में न्यायालय के निर्देशानुसार लगातार धन जमा कराता रहा है। वर्तमान में सेबी के पास सहारा के लगभग 19 हजार करोड़ (अर्जित ब्याज सहित) रुपये जमा हैं। जबकि विगत 60 महीनों में सेबी ने निवेशकों को 64 करोड़ रुपये ही लौटाए हैं।