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Kanpur News: कागजों पर चल रहा सेफ फ्यूचर अभियान, सड़कों पर नियम तोड़ दौड़ रहे स्कूली वाहन

Sun, 12 Jul 2026 01:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sun, 12 Jul 2026 01:35 AM IST
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'Safe Future' campaign exists only on paper; school vehicles flout rules on the roads.
कानपुर देहात। परिवहन विभाग 15 जुलाई तक सेफ फ्यूचर अभियान चला रहा है। जनप्रतिनिधि भी स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारों को वाहनों की जांच कर नियम विरुद्ध संचालित होने पर कार्रवाई करने के निर्देश दे रहे हैं। इसके बाद भी इसका असर नहीं हैं जिम्मेदार भी सिर्फ कागजों पर आदेश का पालन कर खानापूर्ति कर रहे हैं।
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स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चलाया जा रहा अभियान नाकाफी साबित हो रहा है। परिवहन विभाग की टीम ने कार्रवाई शुरू की तो कुछ संचालकों ने वाहनों में बाहर से दिखने पर मानक को पूरे करा लिए हैं, लेकिन अंदर क्षमता से अधिक बच्चों को बैठा रहे हैं जो कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। खास बात यह है कि वाहन चालक सुबह छोड़ने व दोपहर को छुट्टी होने पर लेने के लिए जाते हैं तो स्कूलों से ही बच्चों को बैठाते और उतारते हैं।
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स्कूल प्रबंधन इन सबसे अंजान बना रहता है। जबकि स्कूल प्रबंधन जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति के सदस्य होते हैं और उनकी यह जिम्मेदारी होती है कि छुट्टी होने पर बच्चे सुरक्षित घर पहुंचे। शनिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने पड़ताल की तो कई स्कूली वाहनों में बाहर से दिखने में मानक पूरे नजर आए। अंदर बच्चे ठसा-ठस भरे हुए थे। किसी में 10 से 12 तो किसी में इससे भी अधिक बच्चे बैठे नजर आए जबकि एक वाहन में आठ बच्चों के लेकर चलने का मानक है।
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पुखरायां, समय दोपहर 12:15 बजे
पुखराया मुख्य मार्ग पर पहुंचने पर एक चालक निजी वाहन में स्कूली बच्चों को बैठाकर जाता नजर आया। वह थोड़ा आगे जाकर सिद्धेश्वर मंदिर वाली गली में मुड़ गया। वाहन न ही पीले रंग से पेंट था और न ही उसमें सुरक्षा के लिहाज से खिड़कियों पर जाली लगी हुई थी। जबकि अंदर बच्चों को ठूंस कर बैठा गया था। करीब 14 बच्चे बैठे थे। जिम्मेदार ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा जरूर करते हैं, लेकिन यह हकीकत बयां करने के लिए काफी है।
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अकबरपुर, समय दोपहर 12:45 बजे
अकबरपुर से कानपुर की तरफ जाने वाले हाईवे पर पहुंचने पर एक निजी स्कूल के बाहर वाहन खड़ा नजर आया। चालक ने नियमानुसार स्कूली वाहन होने के तौर पर सभी मानक पूरे कर रखे थे। तभी वैन के अंदर देखने पर उसमें करीब 12 बच्चे बैठे हुए थे। जबकि इन वाहनों में सीट क्षमता के अनुसार आठ बच्चों को बैठाने का नियम है। यह वाहन अकबरपुर अंडरपास से होते हुए निकल गया, लेकिन चौराहों पर तैनात जिम्मेदारों के यह नजर नहीं आया।

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बयान......
स्कूली वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। नियमों के विरुद्ध संचालित पाए जाने पर चालान व सीज किया जाता है। इसके बाद भी इनमें सुधार नहीं हो रहा है। इसके अलावा स्कूल प्रबंधकों को भी नोटिस जारी कर ऐसे वाहनों के संचालन पर रोक लगाने को कहा गया है। अब इनके खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। - प्रशांत तिवारी, एआरटीओ, प्रशासन
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