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Kanpur News: सचेंडी पुलिस ढूंढती रही आढ़ती, पनकी पुलिस करा चुकी पोस्टमार्टम
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कानपुर। चकरपुर मंडी से लापता आलू आढ़ती देवेश शुक्ला के मामले में पनकी पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सचेंडी पुलिस उन्हें दो जुलाई से तलाश रही है, जबकि बगल की पनकी पुलिस ने 10 जुलाई को ही उनका पोस्टमार्टम करा दिया था। शनिवार को परिजन फॉरेंसिक कार्यालय पहुंचकर आढ़ती की जानकारी जुटाने गए तो उन्हें सच्चाई का पता चला। उन्होंने अधिकारियों को इस लापरवाही की जानकारी दी। डीसीपी ने जांच शुरू कर दी है।
देवेश शुक्ला के भाई विकास ने बताया कि भाई के मामले में आरोपी संजू पाल के केस की शनिवार को सुनवाई थी। उनके भाई मनोज और मुकेश कचहरी गए थे। वहां से लौटते समय दोनों कोतवाली स्थित फील्ड यूनिट पहुंचे और देवेश के बारे में जानकारी ली। फील्ड यूनिट में बताया गया कि दस जुलाई को पनकी पुलिस ने देवेश का अज्ञात में पोस्टमार्टम कराया था। सात जुलाई को उनकी मौत हुई थी। इसके बाद वह सभी पनकी थाने पहुंचे जहां उन्हें बताया गया कि अज्ञात ने सूचना दी थी कि मौरंग मंडी के पास कोई व्यक्ति घायल पड़़ा है। उसके सिर और नाक से खून व मुंह से झाग निकल रहा था। घायल को सीएचसी कल्याणपुर में भर्ती कराया गया। वहां से उन्हें उर्सला रेफर कर दिया गया था। सात जुलाई को उनकी मौत हुई थी। परिजन का आरोप है कि पूरा मामला एसीपी पनकी की जानकारी में था। यदि पनकी पुलिस एसीपी को सूचना दे देती तो शायद समय रहते शिनाख्त हो जाती। परिजन का आरोप है कि पनकी पुलिस की लापरवाही से वह अपने देवेश का अंतिम संस्कार नहीं कर पाए।
यह था मामला
जूही निवासी मनोज कुमार शुक्ला की चकरपुर मंडी में देवेश कुमार योगेश कुमार एंड संस के नाम से आढ़त है। उनके भाई देवेश शुक्ला दो जुलाई को मंडी गए थे, तब से वापस नहीं लौटे। मनोज ने सचेंडी थाने में पांच जुलाई को मंडी व्यापारी संजू पाल, उसके मुनीम टिंकू यादव और ऑटो चालक प्रांशु के खिलाफ अपहरण आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने संजू पाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि टिंकू यादव और ऑटो चालक प्रांशु अब भी फरार हैं।
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पीड़ित परिवार के आरोपों की जांच कराई जाएगी। मामले में एसीपी और पनकी पुलिस से जानकारी जुटाई जाएगी।
- एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिम
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देवेश शुक्ला के भाई विकास ने बताया कि भाई के मामले में आरोपी संजू पाल के केस की शनिवार को सुनवाई थी। उनके भाई मनोज और मुकेश कचहरी गए थे। वहां से लौटते समय दोनों कोतवाली स्थित फील्ड यूनिट पहुंचे और देवेश के बारे में जानकारी ली। फील्ड यूनिट में बताया गया कि दस जुलाई को पनकी पुलिस ने देवेश का अज्ञात में पोस्टमार्टम कराया था। सात जुलाई को उनकी मौत हुई थी। इसके बाद वह सभी पनकी थाने पहुंचे जहां उन्हें बताया गया कि अज्ञात ने सूचना दी थी कि मौरंग मंडी के पास कोई व्यक्ति घायल पड़़ा है। उसके सिर और नाक से खून व मुंह से झाग निकल रहा था। घायल को सीएचसी कल्याणपुर में भर्ती कराया गया। वहां से उन्हें उर्सला रेफर कर दिया गया था। सात जुलाई को उनकी मौत हुई थी। परिजन का आरोप है कि पूरा मामला एसीपी पनकी की जानकारी में था। यदि पनकी पुलिस एसीपी को सूचना दे देती तो शायद समय रहते शिनाख्त हो जाती। परिजन का आरोप है कि पनकी पुलिस की लापरवाही से वह अपने देवेश का अंतिम संस्कार नहीं कर पाए।
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यह था मामला
जूही निवासी मनोज कुमार शुक्ला की चकरपुर मंडी में देवेश कुमार योगेश कुमार एंड संस के नाम से आढ़त है। उनके भाई देवेश शुक्ला दो जुलाई को मंडी गए थे, तब से वापस नहीं लौटे। मनोज ने सचेंडी थाने में पांच जुलाई को मंडी व्यापारी संजू पाल, उसके मुनीम टिंकू यादव और ऑटो चालक प्रांशु के खिलाफ अपहरण आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने संजू पाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि टिंकू यादव और ऑटो चालक प्रांशु अब भी फरार हैं।
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पीड़ित परिवार के आरोपों की जांच कराई जाएगी। मामले में एसीपी और पनकी पुलिस से जानकारी जुटाई जाएगी।
- एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिम