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Russia Ukraine war: फतेहपुर के सगे भाइयों समेत तीन युवक यूक्रेन में फंसे, फोन पर सुरक्षा व्यवस्था व वहां के हालात जान रहे परिजन
Fri, 25 Feb 2022 11:33 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 25 Feb 2022 11:33 AM IST
सार
यूक्रेन में फंसे फतेहपुर के छात्रों ने बताया कि यूक्रेन सरकार ने बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है। कई दिनों से कोशिश के बाद शुक्रवार की फ्लाइट मिली थी। अचानक युद्घ के हालात हो जाने से फ्लाइट कैंसिल हो गई।
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यूक्रेन में फंसे फतेहपुर के हर्ष, अंकित और उदय मिश्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले सगे भाइयों समेत तीन युवक यूक्रेन में फंसे हैं। रूस के हमले की खबर से परिवार के लोग घबराए हुए हैं। अपने लाडलों से वीडियो कॉलिंग के जरिये बात कर रहे हैं। हालातों को देखकर एक दूसरे को सिर्फ सब कुछ अच्छा होने का ढांढस बंधा रहे हैं।
फतेहपुर जिले के शादीपुर मोहल्ला निवासी डॉ.महेश मिश्रा नर्सिंग होम संचालक हैं। उनके दो बेटे हर्ष मिश्रा (22) और उदय मिश्रा (18) यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। हर्ष मिश्रा का अंतिम साल है, वहीं उदय का पहला साल है।
डॉक्टर महेश और उनकी पत्नी किरन ने बेटों से गुरुवार शाम को बात की। महेश और किरन की आंखों में आंसू छलक पड़े। महेश ने बताया कि वह सदमे में हैं। बेटों को घरों में कैद कर दिया गया है। यूक्रेन सरकार ने बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है। कई दिनों की कोशिश के बाद शुक्रवार की फ्लाइट मिली थी।
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फतेहपुर जिले के शादीपुर मोहल्ला निवासी डॉ.महेश मिश्रा नर्सिंग होम संचालक हैं। उनके दो बेटे हर्ष मिश्रा (22) और उदय मिश्रा (18) यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। हर्ष मिश्रा का अंतिम साल है, वहीं उदय का पहला साल है।
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डॉक्टर महेश और उनकी पत्नी किरन ने बेटों से गुरुवार शाम को बात की। महेश और किरन की आंखों में आंसू छलक पड़े। महेश ने बताया कि वह सदमे में हैं। बेटों को घरों में कैद कर दिया गया है। यूक्रेन सरकार ने बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है। कई दिनों की कोशिश के बाद शुक्रवार की फ्लाइट मिली थी।
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अचानक युद्ध के हालात हो जाने से फ्लाइट कैंसिल हो गई। छोटा बेटा अक्तूबर माह में गया था। उधर, सिविल लाइन एएसपी बंगले के सामने रहने वाले व्यापारी हरिश्चंद्र मिश्रा का बेटा अंकित मिश्रा भी ढाई माह पहले यूक्रेन एमबीबीएस की पढ़ाई करने गया है। उनकी रात करीब नौ बजे बेटे से मोबाइल पर वीडियो कॉलिंग में बात हुई।
अंकित ने पिता और मां नीलम मिश्रा से बातचीत की। हरिश्चंद्र मिश्रा ने बताया कि बेटा पिछले 15 दिन से भारत आने के लिए फ्लाइट का टिकट बुक कराने की कोशिश में हैं। उसे टिकट नहीं मिल पा रहा है। किसी तरह सरकार फंसे भारतीय लोगों को बुलाए।
अंकित ने पिता और मां नीलम मिश्रा से बातचीत की। हरिश्चंद्र मिश्रा ने बताया कि बेटा पिछले 15 दिन से भारत आने के लिए फ्लाइट का टिकट बुक कराने की कोशिश में हैं। उसे टिकट नहीं मिल पा रहा है। किसी तरह सरकार फंसे भारतीय लोगों को बुलाए।