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Kanpur News: व्यावसायिक सिलिंडर के दाम बढ़ने से रेहड़ी दुकानदारों पर असर
Sun, 03 May 2026 01:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 03 May 2026 01:59 AM IST
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कानपुर देहात। व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की कीमत में एकमुश्त 993 रुपये की बढ़ोतरी ने होटल संचालकों व जिले के 10 हजार से अधिक रेहड़ी कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। एक महीने में ही दूसरी बार कीमत बढ़ने का असर सीधे होटल, रेस्टोरेंट व छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा। इसके चलते कारोबारी खाद्य सामग्री के दाम बढ़ाने के लिए मजबूर हैं।
कारोबारियों के मुताबिक लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की किल्लत के बीच कीमतों में उछाल अब कारोबार पर भारी पड़ सकता है। छह मार्च को कीमतों में 119 रुपये की वृद्धि के बाद व्यावसायिक सिलिंडर करीब 2130 रुपये में मिल रहा था। अब 993 रुपये की एकमुश्त बढ़त के बाद इसकी कीमत करीब 3122 रुपये हो गई है। इससे होटल आदि में भोजन बनाने की लागत में इजाफा होगा। जल्द ही यह मेन्यू के दाम बढ़ने की वजह बनेगा। ग्राहक कहीं और न जाएं इसके लिए होटल व रेस्टोरेंट कारोबारियों को कीमतों से समझौता करना पड़ सकता है।
दूसरी ओर छोटे कारोबारियों के लिए मुनाफा बचा पाना अब किसी चुनौती से कम नहीं रहेगा। व्यावसायिक सिलिंडरों के दाम बढ़ने से घरेलू उपभोक्ता भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे। बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थ, पैकेज्ड आइटम, फास्ट फूड आदि महंगे हो सकते हैं। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित रेहड़ी दुकानदार हो रहे हैं।
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अकबरपुर में नमस्ते चौराहे के पास चाय-समोसे की दुकान चलाने वाले राजेश ने कहा कि पहले ही गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते दुकानदारी पर असर पड़ा है। कुछ दिन पहले ही सिलिंडर मिलना शुरू हुए हैं। अब सिलिंडर महंगा हो गया है। अब अगर वह समोसे या चाय का दाम बढ़ाता है तो ग्राहक कम हो सकते हैं और अगर उसी रेट में बेचे तो बचत तो दूर माल तैयार करने में होने वाला खर्च निकालना भी मुश्किल होगा। वहीं नगर के कुछ रेहड़ी दुकानदारों ने चाऊमीन, बर्गर, मोमोज, समोसा में पांच से 10 रुपये बढ़ा दिए हैं। चाय, पकौड़ी के साथ छोला, भटूरा बेचने वालों ने भी दाम बढ़ाए हैं। अभी तक रेहड़ी दुकानों पर 50 रुपये के दो कुलचे-भटूरे मिल रहे थे। शनिवार से कुछ दुकानदारों ने इनके दाम 60 रुपये कर दिए हैं। वहीं, कुछ छोटे होटल 60 रुपये में भरपेट खाना खिला रहे थे, उन्होंने भी थाली के दाम 10 से 15 रुपये तक बढ़ाए हैं।
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घरेलू सिलिंडर की कीमत के करीब पहुंचा छोटू सिलिंडर
कानपुर देहात। युद्ध की वजह से सरकारी तेल कंपनियों ने जहां व्यावसायिक सिलिंडरों के दाम में 993 रुपये की वृद्धि की है। वहीं प्रवासी मजदूरों व बाहर से आकर जिले में पढ़ाई कर रहे छात्रों की सुविधा के लिए मिलने वाले छोटू सिलिंडर की कीमत में भी करीब 300 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इससे पांच किलो सिलिंडर की कीमत अब घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के सिलिंडर की 913 रुपये की दर से थोड़ी कम रह गई है। इस छोटे सिलिंडर के दाम बढ़ने का सीधा असर श्रमिक तबके, अकेले रह रहे छात्रों पर पड़ेगा। अकबरपुर इंडेन गैस एजेंसी के संचालक विमल कुमार तिवारी ने बताया कि पांच किलो वाले सिलिंडर की कीमत में करीब 300 रुपये का इजाफा हुआ है। इससे यह 556 रुपये से बढ़कर 856 रुपये में बिक्री की जा रही है। (संवाद)
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बोले कारोबारी-
आइटम के बढ़ेंगे दाम या फिर सामग्री होगी कम
व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत में एक महीने में दूसरी बार इजाफा हुआ है। ऐसे में या तो खाने के दाम बढ़ाने पड़ेंगे या फिर सामग्री में कटौती करना पड़ेगी। उसी कीमत में सभी आइटम देने में मुश्किल होगी। ग्राहक पहले ही महंगाई से परेशान है। ऐसे में दाम बढ़ाने पर उनकी संख्या घट सकती है। इससे पहले भी सामग्री के दाम बढ़ाए जा चुके हैं। - राजू कोहली, होटल संचालक, रनियां
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कीमतें बढ़ने पर घटेगी ग्राहकों की संख्या
व्यावसायिक सिलिंडर के दाम में बढ़ोतरी के साथ कोयला 50-55 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। वहीं, लकड़ी भी 15 से 20 रुपये प्रति किलो मिल रही है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था भी आसान नहीं हैं। होटल संचालन के लिए गैस अनिवार्य है, इससे लागत का बोझ बढ़ना तय है। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा। कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो ग्राहकों की संख्या घटेगी। - पवन यादव, होटल कारोबारी, रनियां
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वर्जन.......
जिले में 403 व्यावसायिक सिलिंडर के उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें इंडेन के 55 व भारत गैस कंपनी के 348 उपभोक्ता हैं। इन्हें सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडर के दामों में कंपनियों से बढ़ोतरी की गई है, जिससे एजेंसी संचालक बढ़े दामों के अनुसार बिक्री कर रहे हैं। कंपनी से मांग के अनुसार सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। - अभिषेक कुरील, जिला पूर्ति अधिकारी
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कारोबारियों के मुताबिक लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की किल्लत के बीच कीमतों में उछाल अब कारोबार पर भारी पड़ सकता है। छह मार्च को कीमतों में 119 रुपये की वृद्धि के बाद व्यावसायिक सिलिंडर करीब 2130 रुपये में मिल रहा था। अब 993 रुपये की एकमुश्त बढ़त के बाद इसकी कीमत करीब 3122 रुपये हो गई है। इससे होटल आदि में भोजन बनाने की लागत में इजाफा होगा। जल्द ही यह मेन्यू के दाम बढ़ने की वजह बनेगा। ग्राहक कहीं और न जाएं इसके लिए होटल व रेस्टोरेंट कारोबारियों को कीमतों से समझौता करना पड़ सकता है।
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दूसरी ओर छोटे कारोबारियों के लिए मुनाफा बचा पाना अब किसी चुनौती से कम नहीं रहेगा। व्यावसायिक सिलिंडरों के दाम बढ़ने से घरेलू उपभोक्ता भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे। बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थ, पैकेज्ड आइटम, फास्ट फूड आदि महंगे हो सकते हैं। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित रेहड़ी दुकानदार हो रहे हैं।
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अकबरपुर में नमस्ते चौराहे के पास चाय-समोसे की दुकान चलाने वाले राजेश ने कहा कि पहले ही गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते दुकानदारी पर असर पड़ा है। कुछ दिन पहले ही सिलिंडर मिलना शुरू हुए हैं। अब सिलिंडर महंगा हो गया है। अब अगर वह समोसे या चाय का दाम बढ़ाता है तो ग्राहक कम हो सकते हैं और अगर उसी रेट में बेचे तो बचत तो दूर माल तैयार करने में होने वाला खर्च निकालना भी मुश्किल होगा। वहीं नगर के कुछ रेहड़ी दुकानदारों ने चाऊमीन, बर्गर, मोमोज, समोसा में पांच से 10 रुपये बढ़ा दिए हैं। चाय, पकौड़ी के साथ छोला, भटूरा बेचने वालों ने भी दाम बढ़ाए हैं। अभी तक रेहड़ी दुकानों पर 50 रुपये के दो कुलचे-भटूरे मिल रहे थे। शनिवार से कुछ दुकानदारों ने इनके दाम 60 रुपये कर दिए हैं। वहीं, कुछ छोटे होटल 60 रुपये में भरपेट खाना खिला रहे थे, उन्होंने भी थाली के दाम 10 से 15 रुपये तक बढ़ाए हैं।
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घरेलू सिलिंडर की कीमत के करीब पहुंचा छोटू सिलिंडर
कानपुर देहात। युद्ध की वजह से सरकारी तेल कंपनियों ने जहां व्यावसायिक सिलिंडरों के दाम में 993 रुपये की वृद्धि की है। वहीं प्रवासी मजदूरों व बाहर से आकर जिले में पढ़ाई कर रहे छात्रों की सुविधा के लिए मिलने वाले छोटू सिलिंडर की कीमत में भी करीब 300 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इससे पांच किलो सिलिंडर की कीमत अब घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के सिलिंडर की 913 रुपये की दर से थोड़ी कम रह गई है। इस छोटे सिलिंडर के दाम बढ़ने का सीधा असर श्रमिक तबके, अकेले रह रहे छात्रों पर पड़ेगा। अकबरपुर इंडेन गैस एजेंसी के संचालक विमल कुमार तिवारी ने बताया कि पांच किलो वाले सिलिंडर की कीमत में करीब 300 रुपये का इजाफा हुआ है। इससे यह 556 रुपये से बढ़कर 856 रुपये में बिक्री की जा रही है। (संवाद)
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बोले कारोबारी-
आइटम के बढ़ेंगे दाम या फिर सामग्री होगी कम
व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत में एक महीने में दूसरी बार इजाफा हुआ है। ऐसे में या तो खाने के दाम बढ़ाने पड़ेंगे या फिर सामग्री में कटौती करना पड़ेगी। उसी कीमत में सभी आइटम देने में मुश्किल होगी। ग्राहक पहले ही महंगाई से परेशान है। ऐसे में दाम बढ़ाने पर उनकी संख्या घट सकती है। इससे पहले भी सामग्री के दाम बढ़ाए जा चुके हैं। - राजू कोहली, होटल संचालक, रनियां
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कीमतें बढ़ने पर घटेगी ग्राहकों की संख्या
व्यावसायिक सिलिंडर के दाम में बढ़ोतरी के साथ कोयला 50-55 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। वहीं, लकड़ी भी 15 से 20 रुपये प्रति किलो मिल रही है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था भी आसान नहीं हैं। होटल संचालन के लिए गैस अनिवार्य है, इससे लागत का बोझ बढ़ना तय है। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा। कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो ग्राहकों की संख्या घटेगी। - पवन यादव, होटल कारोबारी, रनियां
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वर्जन.......
जिले में 403 व्यावसायिक सिलिंडर के उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें इंडेन के 55 व भारत गैस कंपनी के 348 उपभोक्ता हैं। इन्हें सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडर के दामों में कंपनियों से बढ़ोतरी की गई है, जिससे एजेंसी संचालक बढ़े दामों के अनुसार बिक्री कर रहे हैं। कंपनी से मांग के अनुसार सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। - अभिषेक कुरील, जिला पूर्ति अधिकारी