{"_id":"5bbf82dabdec2250575d1366","slug":"rickshaw-driver-murder-in-unnao","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"उन्नाव में रिक्शा चालक की हत्या, नहर के किनारे शव मिलने से फैल गई सनसनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उन्नाव में रिक्शा चालक की हत्या, नहर के किनारे शव मिलने से फैल गई सनसनी
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 11 Oct 2018 10:35 PM IST
विज्ञापन
घटनास्थल पर जांच करते एसआई व सर्विलांस टीम के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के उन्नाव में रिक्शा चालक की हत्या कर शव लखनऊ-कानपुर हाईवे से कुछ दूर नहर किनारे फेंक दिया गया। गुरवार सुबह लोगों ने शव देखा तो सूचना पुलिस को दी। कोतवाल ने फील्ड यूनिट के साथ मौके पर जांच की। तलाशी में उसकी जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई। मृतक मूल रूप से सीतापुर जिले के मिश्रिख का रहना वाला था। वह मोहल्ला कब्बाखेड़ा स्थित एक रिक्शा कंपनी से रिक्शा लेकर चालाता था। उसका रिक्शा भी गायब है। देर शाम कोतवाली में भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला कसने के साथ ही उसके सिर और चेहरे पर वजनी हथियार से वार भी किए गए हैं। उसे जहर भी खिलाया गया है। शव के पास जहर की डिब्बी भी मिली है।
सीतापुर जिले के थाना मछरेटा मिश्रिख के गांव मुुसौली निवासी रामेंद्र पासवान (40) पुत्र गोकरन शहर के मोहल्ला कब्बाखेड़ा स्थित आरके रिक्शा कंपनी से किराए पर रिक्शा लेकर चलाता था। वह करीब सात साल से यहां रह रहा था। एक-दो महीने में वह अपने घर भी जाता था। बुधवार सुबह करीब सात बजे वह रिक्शा लेकर निकला लेकिन गुरुवार सुबह तक नहीं लौटा। रिक्शा कंपनी में काम करने वाले मिस्त्री हरदोई के बेनीगंज निवासी भारत ने ई-रिक्शा से उसकी कई जगह तलाश की लेकिन पता नहीं चला। बुधवार रात में ही मिस्त्री ने चालक के रिक्शा सहित लापता होने की जानकारी पुलिस को दी थी।
गुरुवार सुबह लखनऊ-कानपुर हाईवे से कुछ दूर हुसैन नगर गांव के पास नहर किनारे युवक का शव पड़ा होने की सूचना मिली। कोतवाल अरुण द्विवेदी, ललऊखेड़ा चौकी इंचार्ज जितेंद्र यादव डाग स्क्वाएड और सर्विलांस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को मृतक के गले में गमछा लिपटा मिला इससे उसका गला घोटने की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीतापुर जिले के थाना मछरेटा मिश्रिख के गांव मुुसौली निवासी रामेंद्र पासवान (40) पुत्र गोकरन शहर के मोहल्ला कब्बाखेड़ा स्थित आरके रिक्शा कंपनी से किराए पर रिक्शा लेकर चलाता था। वह करीब सात साल से यहां रह रहा था। एक-दो महीने में वह अपने घर भी जाता था। बुधवार सुबह करीब सात बजे वह रिक्शा लेकर निकला लेकिन गुरुवार सुबह तक नहीं लौटा। रिक्शा कंपनी में काम करने वाले मिस्त्री हरदोई के बेनीगंज निवासी भारत ने ई-रिक्शा से उसकी कई जगह तलाश की लेकिन पता नहीं चला। बुधवार रात में ही मिस्त्री ने चालक के रिक्शा सहित लापता होने की जानकारी पुलिस को दी थी।
विज्ञापन
गुरुवार सुबह लखनऊ-कानपुर हाईवे से कुछ दूर हुसैन नगर गांव के पास नहर किनारे युवक का शव पड़ा होने की सूचना मिली। कोतवाल अरुण द्विवेदी, ललऊखेड़ा चौकी इंचार्ज जितेंद्र यादव डाग स्क्वाएड और सर्विलांस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को मृतक के गले में गमछा लिपटा मिला इससे उसका गला घोटने की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
सात दिन पहले ही घर से आया था
शव के पास ही जहर की एक शीशी भी पड़ी थे जिसमें तीन गोली हैं। मृतक का रिक्शा अभी नहीं मिला है। पुलिस को तलाशी के दौरान रिक्शा चालक की जेब से 710 रुपये और आधार कार्ड मिला। पुलिस ने रात में रिक्शा चालक के लापता होने की सूचना देने वाले रिक्शा कंपनी के मिस्त्री को बुलवाया तो उसने भी पहचान की। कोतवाली प्रभारी अरुण द्विवेदी ने मृतक के घर वालों को सूचना देकर बुलवाया। देर शाम मृतक का भाई सोहनलाल व परिवार के कई लोग कोतवाली पहुंचे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि घटना की तफ्तीश की जा रही है। जल्द ही खुलासा कर लिया जाएगा।
भतीजे राधेश्याम ने बताया कि चाचा रामेंद्र सात सालों से रिक्शा कंपनी में काम करते थे। वह नशेबाजी नहीं करते थे। चार अक्टूबर को वह गांव से आए थे। मृतक की पत्नी के अलावा पांच बच्चों में रोहित, पारुल, निशू, पार्वती व प्रिंशू हैं।
रुपये मिलने से पुलिस नहीं मान रही लूट
रामेंद्र के जेब में जामा तलाशी के दौरान पुलिस को 710 रुपये मिले हैं। जेब में रुपये मिलने से पुलिस लूट नहीं मान रही है। हत्या के पीछे पुलिस आशनाई को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फिलहाल जांच में यह बिंदु भी शामिल किया गया है।
भतीजे राधेश्याम ने बताया कि चाचा रामेंद्र सात सालों से रिक्शा कंपनी में काम करते थे। वह नशेबाजी नहीं करते थे। चार अक्टूबर को वह गांव से आए थे। मृतक की पत्नी के अलावा पांच बच्चों में रोहित, पारुल, निशू, पार्वती व प्रिंशू हैं।
रुपये मिलने से पुलिस नहीं मान रही लूट
रामेंद्र के जेब में जामा तलाशी के दौरान पुलिस को 710 रुपये मिले हैं। जेब में रुपये मिलने से पुलिस लूट नहीं मान रही है। हत्या के पीछे पुलिस आशनाई को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फिलहाल जांच में यह बिंदु भी शामिल किया गया है।