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अंबेडकर प्रतिमा के अपमान पर बवाल, पथराव और लाठीचार्ज
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 25 Sep 2017 10:54 AM IST
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जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के काशीखेड़ा गांव में अंबेडकर प्रतिमा के अपमान पर जमकर बवाल हुआ। आक्रोशित भीड़ ने मौके पर डीएम को बुलाने की मांग कर पुलिस पर पथराव कर दिया। जवाब में पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया। दोनों पक्षों में करीब 30 मिनट तक जमकर संघर्ष हुआ। जिसमें सीओ कालपी सुबोध गौतम कोतवाल, दरोगा और 15 ग्रामीण घायल हो गए। संघर्ष की सूचना पर कई थानों को फोर्स मौके पर पहुंचा और भीड़ को खदेड़कर बवाल शांत कराया।
एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से तहरीर के आधार पर कोटेदार को रिश्तेदार समेत गिरफ्तार किया है। जबकि पुलिस पर पथराव करने वालों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। पथराव करने के आरोप में 15-20 ग्रामीणों को हिरासत में लिया गया है। गांव में तनाव के चलते फोर्स तैनात की गई है।
रविवार सुबह गांव स्थित रोड के किनारे लगी अंबेडकर प्रतिमा पर कंडों और जूतों की माला देख ग्रामीण भड़क उठे। खबर फैलते ही प्रतिमा के आसपास ग्रामीणों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। इसमें महिलाएं भी शामिल थीं। कुछ देर बाद सूचना पाकर कोतवाल संजय गुप्ता भी पहुंच गए। भीड़ ने गांव के ही कोटेदार कल्लू यादव और उनके रिश्तेदार मनीष व एक अन्य पर प्रतिमा को अपमानित करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इस पर कोतवाल ने ग्रामीणों से तहरीर लेकर प्रतिमा पर पड़ी माला हटाने को कहा, लेकिन कोतवाल की बात से असंतुष्ट ग्रामीण डीएम डॉ. मन्नान अख्तर को मौके पर बुलाने की मांग कर हंगामा करने लगे।
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कोतवाल की सूचना पर थोड़ी ही देर में सीओ सुबोध गौतम और एसडीएम सतीश चंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इस बीच कुछ सिपाहियों ने प्रतिमा पर पड़ी माला उतारने का प्रयास किया तो महिलाएं उनसे भिड़ गईं। महिलाओं के साथ पुलिस की धक्कामुक्की देख ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया।
इससे अफरातफरी मच गई और बचाव में पुलिस ने भी ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर ना शुरू कर दिया। दोनों पक्षों के बीच करीब आधे घंटे तक संघर्ष जारी रहा। संघर्ष के दौरान सीओ के पैर में लोहे की राड लग गई। जबकि कोतवाल के हाथ में चोट आई।
कालपी कोतवाली के एसआई जगत नारायण यादव का सिर फट गया। दीवान शंभु सिंह और कांस्टेबल कौशल चौधरी भी घायल हो गए। ग्रामीणों की ओर से सुशीला, रंजीता, सोनी, पिंकी, सुषमा, राजकुमारी, गुड्डी, रोशनी, जनक, ज्ञानवती, रेखा, कमला समेत 15 लोग घायल हुए। सभी को नजदीक स्थित सामुदायिक केंद्र लाया गया। तब तक आसपास के आटा, कदौरा, उरई आदि थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गयी।
इस बीच भीड़ ने गांव से लगे कदौरा हाईवे मार्ग पर जाम लगा दिया। जिससे दोनों तरफ का आवागमन ठप हो गया। पुलिस ने बल पूर्वक जाम लगाए लोगों को हटाया। फोर्स के तेवर देख ग्रामीण भाग खड़े हुए। इसके बाद प्रतिमा स्थल को छावनी में तब्दील कर पड़ी मालाएं हटा दी गईं।
एएसपी का कहना है कि गांव के रविंद्र कुमार समेत 20-25 लोगों के हस्ताक्षरयुक्त तहरीर पर आरोपी कोटेदार व उनके रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा पुलिस की ओर से ग्रामीणों के खिलाफ मारपीट, पथराव, सरकारी कार्य में बाधा समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। 10-15 ग्रामीणों को मौके से हिरासत में लिया गया है। घटनास्थल की वीडियो रिकार्डिंग भी की गई है। इससे उपद्रवियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से तहरीर के आधार पर कोटेदार को रिश्तेदार समेत गिरफ्तार किया है। जबकि पुलिस पर पथराव करने वालों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। पथराव करने के आरोप में 15-20 ग्रामीणों को हिरासत में लिया गया है। गांव में तनाव के चलते फोर्स तैनात की गई है।
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रविवार सुबह गांव स्थित रोड के किनारे लगी अंबेडकर प्रतिमा पर कंडों और जूतों की माला देख ग्रामीण भड़क उठे। खबर फैलते ही प्रतिमा के आसपास ग्रामीणों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। इसमें महिलाएं भी शामिल थीं। कुछ देर बाद सूचना पाकर कोतवाल संजय गुप्ता भी पहुंच गए। भीड़ ने गांव के ही कोटेदार कल्लू यादव और उनके रिश्तेदार मनीष व एक अन्य पर प्रतिमा को अपमानित करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इस पर कोतवाल ने ग्रामीणों से तहरीर लेकर प्रतिमा पर पड़ी माला हटाने को कहा, लेकिन कोतवाल की बात से असंतुष्ट ग्रामीण डीएम डॉ. मन्नान अख्तर को मौके पर बुलाने की मांग कर हंगामा करने लगे।
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कोतवाल की सूचना पर थोड़ी ही देर में सीओ सुबोध गौतम और एसडीएम सतीश चंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इस बीच कुछ सिपाहियों ने प्रतिमा पर पड़ी माला उतारने का प्रयास किया तो महिलाएं उनसे भिड़ गईं। महिलाओं के साथ पुलिस की धक्कामुक्की देख ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया।
इससे अफरातफरी मच गई और बचाव में पुलिस ने भी ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर ना शुरू कर दिया। दोनों पक्षों के बीच करीब आधे घंटे तक संघर्ष जारी रहा। संघर्ष के दौरान सीओ के पैर में लोहे की राड लग गई। जबकि कोतवाल के हाथ में चोट आई।
कालपी कोतवाली के एसआई जगत नारायण यादव का सिर फट गया। दीवान शंभु सिंह और कांस्टेबल कौशल चौधरी भी घायल हो गए। ग्रामीणों की ओर से सुशीला, रंजीता, सोनी, पिंकी, सुषमा, राजकुमारी, गुड्डी, रोशनी, जनक, ज्ञानवती, रेखा, कमला समेत 15 लोग घायल हुए। सभी को नजदीक स्थित सामुदायिक केंद्र लाया गया। तब तक आसपास के आटा, कदौरा, उरई आदि थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गयी।
इस बीच भीड़ ने गांव से लगे कदौरा हाईवे मार्ग पर जाम लगा दिया। जिससे दोनों तरफ का आवागमन ठप हो गया। पुलिस ने बल पूर्वक जाम लगाए लोगों को हटाया। फोर्स के तेवर देख ग्रामीण भाग खड़े हुए। इसके बाद प्रतिमा स्थल को छावनी में तब्दील कर पड़ी मालाएं हटा दी गईं।
एएसपी का कहना है कि गांव के रविंद्र कुमार समेत 20-25 लोगों के हस्ताक्षरयुक्त तहरीर पर आरोपी कोटेदार व उनके रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा पुलिस की ओर से ग्रामीणों के खिलाफ मारपीट, पथराव, सरकारी कार्य में बाधा समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। 10-15 ग्रामीणों को मौके से हिरासत में लिया गया है। घटनास्थल की वीडियो रिकार्डिंग भी की गई है। इससे उपद्रवियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।