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अब सीधे राजस्व परिषद में अपील नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Thu, 21 Jan 2016 01:51 AM IST
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राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने माना कि तहसीलों में निचले स्तर पर बहुत भ्रष्टाचार है। बिना लेन-देन के पब्लिक के काम करने में आनाकानी होती है। इसे रोकना चुनौती है।
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अब सीधे कोई भी राजस्व परिषद में अपने मुकदमे की अपील नहीं कर सकेगा। निचली अदालतों के फैसले के बाद ही वह यहां अपील कर सकेगा। जमीन के सभी हिस्सेदारों के अलग-अलग नक्शे तैयार होंगे। नक्शों का डिजिटिलाइजेशन भी हो रहा है। पब्लिक के काम जल्द कराने की मंशा से हर लेखपाल पर अब दो गांव ही होंगे।
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राजस्व संहिता में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। राज्यपाल से इसकी मंजूरी मिल गई है। फरवरी के दूसरे सप्ताह में नई राजस्व संहिता लागू हो जाएगी। राजस्व मुकदमों के निस्तारण की समय सीमा तय कर दी गई है।
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कलक्ट्रेट के मुआयने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अध्यक्ष ने कहा कि लेखपाल-कानूनगो के भ्रष्टाचार के मामले में अभी तक अफसर काम प्रभावित न होने देने की मंशा से कार्रवाई करने में संकोच करते थे। अब लेखपालों और कानूनगो की भर्ती हो गई है। इसलिए दोषी लोगों को दंड जरूर मिलेगा। नई भर्ती में लेखपालों के पदों पर काफी पढ़े-लिखे लोग आए हैं।
इनके हाईटेक होने का फायदा मिलेगा। निचली अदालत में मुकदमा हारने के बाद लोग ऊपरी अदालत और राजस्व परिषद में एक साथ अपील कर देते थे। जहां से उनके पक्ष में फैसला हो जाता था उसका प्रयोग करते थे। अब सीधे राजस्व परिषद में अपील नहीं होगी।
राजस्व संहिता में 35 पुराने प्रावधनों को हटाते हुए 27-28 मौलिक परिवर्तन किए गए हैं। जैसे अब कोई भी एससी/एसटी अपनी जमीन बेच सकेगा। प्रदेश में 60 तहसीलों को विकास के लिए चुना गया था। इसमें कानपुर की घाटमपुर और सदर शामिल हैं। अब अगले साल फिर 60 तहसीलों का विकास होगा।
गेट पर ही लें अर्जी
राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने कलक्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान कहा कि फरियादियों की शिकायतों की अर्जी लेने के लिए गेट पर ही बने पटल को एक्टिव किया जाए। अर्जी मिलते ही उसे स्कैन कर अपलोड कर दिया जाए। इसके बाद निस्तारण का ब्योरा भी अपलोड हो। इससे फरियादियों की भीड़ अंदर नहीं आएगी।
उनकी अर्जी का निस्तारण का हाल भी उन्हें गेट पर ही मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां फर्श ठीक नहीं है वहां पर टाइल्स लगवा लिया जाए। कलक्ट्रेट में कई भवन जर्जर हैं। इन्हें तोड़ने के बजाय उनकी मरम्मत की जाए। इसके बाद जिन कोर्ट के लिए जगह नहीं है उन्हें वहां शिफ्ट कर दिया जाए।
पुरानी अलमारियों को बदल दिया जाए। उन्होंने डीएम से कहा कि काम कराइए। फंड की दिक्कत नहीं होगी। बिजली, प्लंबरिंग और सफाई आउटसोर्सिंग फंड से कराई जाए। अध्यक्ष ने कलक्ट्रेट का हर विभाग देखा।
बाद में तहसील का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, उप भूमि व्यवस्था आयुक्त महेंद्र सिंह, एडीएम सिटी अविनाश सिंह, एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह, एडीएम एलए आशुतोष अग्निहोत्री समेत सभी एसीएम मौजूद रहे।
वकीलों का हंगामा, ज्ञापन दिया
बिल्हौर-घाटमपुर न्यायिक क्षेत्राधिकार वापसी की मांग को लेकर राजस्व परिषद के अध्यक्ष से मिलने पहुंचे वकीलों ने कलक्ट्रेट गेट पर हंगामा किया। नारेबाजी करते पहुंचे वकीलों को सिटी मजिस्ट्रेट अमर पाल सिंह ने गेट पर रोकते हुए शांत कराने का प्रयास किया।
प्रेस वार्ता के दौरान काफी हो-हल्ला होने पर डीएम को बाहर निकलकर वकीलों से बात करनी पड़ी। बाद में प्रेस वार्ता रोकते हुए वकीलों से अध्यक्ष को ज्ञापन दिलाया गया। अध्यक्ष ने वकीलों को इस मामले पर मुख्यमंत्री से बात कर समस्या समाधान का आश्वासन दिया।
इस दौरान बिल्हौर-घाटमपुर न्यायिक क्षेत्राधिकार वापस लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष नत्थूलाल सचान, बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री अविनाश वाजपेयी, नरेश चंद्र त्रिपाठी, लायर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष इंद्रपाल भदौरिया, नदीम रऊफ खान, मो. तौहीद, हरप्रकाश अग्निहोत्री, हाजी मोहम्मद वसीक, शशी सचान, मो. कादिर, श्याम सिंह चंदेल, नाज मदनी, रमा गुप्ता, देशबंधु तिवारी मौजूद रहे।
नरवल तहसील 15 फरवरी से काम करेगी
अध्यक्ष ने अफसरों के साथ बैठक में कहा कि नई नरवल तहसील अस्थायी भवन में ही नरवल में 15 फरवरी से पहले काम करने लगे। नई बिल्डिंग बाद में बनती रहेगी। तहसीलदार की नियुक्ति पहले ही हो गई है।
दो-चार दिन में एसडीएम की तैनाती हो जाएगी। नई तहसील का रिकार्ड भी अलग हो गया है। इसलिए जल्द से जल्द स्थानीय लोगों को सभी सुविधाएं वहीं मिलने लगें।
कमिश्नर के दर्द पर ‘अफसोस’ का मरहम
कानपुर। कमिश्नर के आदेश को हवा में उड़ाने वाले अफसरों पर त्वरित कार्रवाई के लिए राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने भी हाथ खड़े कर दिए। लेकिन उन्होंने शासन को समस्या का हल लिखने की बात कही।
उन्होंने कार्रवाई में कानूनी पेच बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। मंगलवार को कमिश्नर ने बैठक में अपना दर्द जताते हुए आपत्ति जताई थी कि कुछ अफसर उनके आदेश पर समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं।
वार्ता में ‘अमर उजाला’ ने अध्यक्ष को यह बात बताई तो उन्होंने कहा कि कई विभागाध्यक्षों के खिलाफ डीएम या कमिश्नर सीधे कार्रवाई नहीं कर सकते। इसलिए उनके प्रमुख सचिव को कार्रवाई के लिए लिखा जाता है। इस पेच के कारण कुछ अफसर लापरवाही करते हैं। अध्यक्ष ने इस पेच को सीएम से बताने को कहा।
उन्होंने कहा कि वह खुद भी शासन को लिखेंगे। खुशी है कि कमिश्नर और डीएम पब्लिक के लिए इतना सजग तो हैं। अध्यक्ष की बात खत्म होते ही कमिश्नर बोले, तहसील दिवसों में आईं शिकायतों के समाधान का पूरा ब्योरा तलब कर रहा हूं। निस्तारण में लापरवाही करने वाले अफसर बच नहीं सकेंगे।
एक्जाम में अफसर पास
अध्यक्ष के एग्जाम में अफसर पास हो गए। अध्यक्ष ने कहा कि कमिश्नर, डीएम, एडीएम फाइनेंस, एडीएम सिटी सभी ने काफी मेहनत की है। कानपुर में काफी अच्छा काम हो रहा है। अब इसे मेनटेन करने की जरूरत है।