फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Remove the provision against Shariah from the triple talaq bill, said by Ulema Ahle Sunnah

यूपी: उलेमा अहले सुन्नत के सम्मेलन में कहा गया तीन तलाक बिल से शरीयत के खिलाफ प्रावधान हटाएं

Thu, 19 Sep 2019 11:15 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 19 Sep 2019 11:15 PM IST
विज्ञापन
Remove the provision against Shariah from the triple talaq bill, said by Ulema Ahle Sunnah
उलेमा अहले सुन्नत के सम्मेलन में तीन प्रस्ताव पास - फोटो : अमर उजाला
उलेमा अहले सुन्नत के सम्मेलन में साफ तौर पर कहा गया है कि गुस्सा, नादानी और जिहालत में भी एक साथ दिया गया तीन तलाक तीन ही माना जाएगा। बेहतर है कि तीन बार तलाक देेने के बजाय इस मामले में शरीयत का तरीका अपनाया जाए। कहा कि तीन तलाक बिल में कई प्रावधान शरीयत के खिलाफ जाते हैं, जैसे तीन तलाक के बाद शौहर को बीवी को खर्च देना पड़ेगा, जेल से आने के बाद बीवी के साथ रहना पड़ेगा आदि को बिल से हटाया जाए।
विज्ञापन


इस मौके पर उलेमा ने तीन तलाक के अलावा भीड़ हिंसा, वसीम रिजवी की फिल्म आयशा के खिलाफ प्रस्ताव पास किए। बांसमंडी स्थित गरीब नवाज हॉल में सम्मेलन हुआ। इसमें उलेमा, दरगाहों के सज्जादानशीं, मस्जिदों के पेश इमाम आदि ने शिरकत की। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी नौबत ही न आने पाए कि व्यक्ति तलाक दे। लोग समझदारी से खुद अपने परिवार स्तर पर ही मामले सुलझा लिया करें।
विज्ञापन


 

उलेमा अहले सुन्नत के सम्मेलन में तीन प्रस्ताव पास

तीन तलाक बिल के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इस पर राष्ट्रपति को ज्ञापन देने की भी बात कही गई। यह भी कहा गया कि एकजुटता की कमी से जमात अहले सुन्नत के अभियान फेल हो जाते हैं। अभियानों को चलाए जाने के लिए फंड की कमी की भी बात की गई। भीड़ हिंसा से संबंधित प्रस्ताव में केंद्र सरकार से मांग की गई कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाए।

भीड़ हिंसा के शिकार व्यक्ति के वारिस को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। एक अन्य प्रस्ताव यूपी शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के खिलाफ पास किया गया। सम्मेलन की सरपरस्ती फफूंद के सैयद अख्तर मियां चिश्ती और अध्यक्षता शहर काजी मौलाना मो. आलम रजा खां नूरी ने की। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक मुफ्ती अनफासुल हसन चिश्ती, मौलाना मो. हाशिम अशरफी, मौलाना यासीन अख्तर आदि ने विचार व्यक्त किए।

 

बेदारी मुहिम चलाएं ताकि तलाक की नौबत न आए

वसीम रिजवी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
यूपी शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के खिलाफ उलेमा अहले सुन्नत ने कार्रवाई की मांग की है। उलेमा ने कहा कि रिजवी ने पैगंबर-ए-इस्लाम की पत्नी हजरत आयशा रजिल्लाहोतालाअन्हा के ताल्लुक से फिल्म बनाई है, जिससे सुन्नी मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।

इस्लाम की सही शिक्षाएं सभी तक पहुंचना जरूरी
मिस्र की अल-अजहर यूनिवर्सिटी से पढ़े और मदरसा समदिया के नायब प्रिंसिपल मौलाना गुलाम महबूब सुबहानी का कहना है कि इस्लाम की सही शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचना जरूरी है। मुसलमान खुद भी इन्हें जानें और दूसरों को बताएं, जिससे भ्रांतियां दूर हों। युवाओं को दीनी तालीम के साथ माडर्न शिक्षा देनी चाहिए, जिससे वे समाज की मुख्य धारा में आएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed