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मौसम का कहर: महोबा में आंधी से बिजली लाइनों में टूटकर गिरे पेड़, 50 गांवों की बिजली गुल, जन-जीवन अस्त-व्यस्त
Tue, 23 Jun 2026 11:03 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: Shikha Pandey
Updated Tue, 23 Jun 2026 11:03 PM IST
सार
जैतपुर, अजनर व धवर्रा फीडर से जुड़े गांव की बिजली आपूर्ति पांच घंटे ठप रही। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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आंधी से टूटकर गिरा पेड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सोमवार की शाम बूंदाबांदी के बीच तेज आंधी से बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कुलपहाड़-जैतपुर मार्ग पर कई स्थानों पर पेड़ टूटकर बिजली लाइनों में गिर गए। इससे जैतपुर, अजनर और धवर्रा फीडर से जुड़े 50 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। पांच घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। बिजली गुल रहने से मंगलवार की सुबह कई गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही।
तेज आंधी में जैतपुर-कुलपहाड़ मार्ग पर 33 केवी बिजली लाइन व टिलवापुरा जैतपुर में हाईटेंशन लाइन पर पेड़ टूटकर गिर गए। इससे तीन फीडरों की आपूर्ति गुल हो गई। इससे जुड़े बेलाताल, लमौरा, अकौना, खमा, अजनर समेत कस्बे के मोहल्लों की आपूर्ति बाधित हो गई। सूचना पर बिजली निगम के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच पेड़ों की डाल को काटकर अलग लिया। इसके बाद लाइन दुरुस्त करने का काम किया गया। भीषण गर्मी में बिजली गुल रहने से लोग पसीना-पसीना होते रहे।
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तेज आंधी में जैतपुर-कुलपहाड़ मार्ग पर 33 केवी बिजली लाइन व टिलवापुरा जैतपुर में हाईटेंशन लाइन पर पेड़ टूटकर गिर गए। इससे तीन फीडरों की आपूर्ति गुल हो गई। इससे जुड़े बेलाताल, लमौरा, अकौना, खमा, अजनर समेत कस्बे के मोहल्लों की आपूर्ति बाधित हो गई। सूचना पर बिजली निगम के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच पेड़ों की डाल को काटकर अलग लिया। इसके बाद लाइन दुरुस्त करने का काम किया गया। भीषण गर्मी में बिजली गुल रहने से लोग पसीना-पसीना होते रहे।
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आपूर्ति ठप रहने से कई गांवों की टंकियां नहीं भर सकीं। ग्रामीण दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर रहे। बिजली निगम के अवर अभियंता गोपाल सिंह का कहना है कि आंधी से बिजली लाइनों में पेड़ गिरने से आपूर्ति प्रभावित हुई।