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डीजीक्यूए भर्ती घोटाला: चहेतों को भर्ती कराने के लिए ओवर राइटिंग के भी नहीं काटे नंबर

Mon, 13 Feb 2023 01:13 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 13 Feb 2023 01:13 PM IST
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Recruitment scam in DGQA: Numbers were not cut even for overwriting to recruit loved ones
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
कानपुर में कैंट स्थित डायरेक्टर जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस (डीजीक्यूए) में हुए भर्ती घोटाले की दोबारा जांच के आदेश के साथ ही एंटी करप्शन सीबीआई की लखनऊ कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट पर बिंदुवार सवाल उठाए हैं। इसमें कहा है कि भर्ती परीक्षा बोर्ड के पीठासीन अधिकारी डॉ. संतोष कुमार तिवारी ने पुनर्मूल्यांकन के समय कुछ अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए उत्तर बदलकर नंबर बढ़ा दिए।
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परीक्षा में निर्देश थे कि ओवर राइटिंग करने पर नंबर काटे जाएंगे, जबकि उन्होंने इन नंबरों को भी जोड़ लिया। इसके अतिरिक्त प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया था कि अर्पित सिंह जो कि दिव्यांग श्रेणी में अंतिम रूप से चयनित हुआ था। उसके पास आवश्यक प्रमाण पत्र फार्म भरे जाते समय नहीं थे। इसी अभ्यर्थी के पूर्व में मिले 58 अंकों को 69 अंक कर दिया गया था।
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इसी तरह अभ्यर्थियों विवेक चंद्रा, आरती गुप्ता, प्रतिभा मिश्रा और उत्कर्ष श्रीवास्तव के भी नंबरों को डॉ. संतोष कुमार तिवारी ने बढ़ाए। जांच के दौरान यह भी पता चला था कि जिन अभ्यर्थियों का अंतिम रूप से चयन हुआ, वे सभी किसी न किसी कर्मचारी के रिश्तेदार थे। सभी आधारों पर जांच अधिकारी द्वारा जांच पूरी करके नियमित केस दर्ज किया गया था।

रविकांत पांडेय डीजीक्यूए यूनियन लीडर का भतीजा
न्यायालय ने कहा कि मामले के विवेचक आरएन सिरोटिया द्वारा प्रस्तुत क्लोजर रिपोर्ट में बताया कि चयनित अभ्यर्थी रविकांत पांडेय डीजीक्यूए के यूनियन लीडर एचएन तिवारी का भतीजा था। उसे लिखित परीक्षा में 75 अंक मिले थे। उत्तर पुस्तिका में तीन प्रश्नों के उत्तर में ओवर राइटिंग थी। हालांकि उसे कोई लाभ नहीं पहुंचाया गया। चयनित अभ्यर्थी उत्कर्ष श्रीवास्तव को 76 अंक मिले थे। चार उत्तरों में ओवर राइटिंग थी।

चारों में अंक भी दिए गए थे। उत्कर्ष सुनील श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त ऑफिस सुपरीटेंडेंट, एसक्यूएई (आर्मामेंट) का बेटा है। इसके अलावा आरती गुप्ता को लिखित परीक्षा में 70 अंक मिले थे। तीन उत्तरों में ओवर राइटिंग थी। उसे भी अंक दिए गए। यदि अंक कट जाते तो उसके 68 अंक हो जाते और वो भी मेरिट से बाहर हो सकती थी।

इसके अलावा सीओडी से पैकर ऑफ पद से सेवानिवृत्त ओम प्रकाश मिश्रा की बेटी प्रतिभा मिश्रा को 75 अंक मिले थे। उसके दो उत्तरों में ओवर राइटिंग थी, लेकिन उसे भी दो नंबर दिए गए। नंबर कट जाते थे उसके 73 अंक होते। अर्पित सिंह का चयन दिव्यांग श्रेणी में हुआ था। लिखित परीक्षा में 69 अंक मिले और उसकी उत्तर पुस्तिका में पांच उत्तरों में ओवर राइटिंग थी। उसके नंबर भी कम न करके बढ़ा दिए गए। विवेक चंद्रा को 69 अंक मिले और उसके चार उत्तरों में ओवर राइटिंग थी। उसे भी चार अंक दिए गए। हालांकि उसने चयन होने के बाद भी पदभार ग्रहण नहीं किया था।
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