कानपुर: 70 साल की उम्र में पहुंचे ड्राइविंग लाइसेंस की परीक्षा देने, बोले- कुछ करने की ठानें, तो उम्र बाधा नहीं बनती
जवाहर नगर के एके बाजपेई ने 24 साल कपड़ा मंत्रालय में नौकरी की है। अब वो अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए हैं और कुछ करना चाहते हैं। इसलिए आरटीओ अपना लाइसेंस बनवाने पहुंचे, तब लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जब सीखने की चाह हो, तो उम्र की कोई पाबंदियां नहीं होती। इस बात को दुनिया में कई लोगों ने साबित भी करके दिखाया है। उन्होंने उस उम्र में सीखना शुरू किया था, जब लोग रिटायर हो जो हैं। कुछ ऐसी ही प्रेरणा दे रहे हैं, कानपुर के एके बाजपेई।
जवाहर नगर के रहने वाले 70 वर्षीय एके बाजपेई शनिवार को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए एआरटीओ ऑफिस पहुंचे। उन्होंने लर्निंग लाइसेंस बनवाने का टेस्ट दिया। बताया कि वे परिवार में अकेले हैं और कहीं नौकरी करना चाहते हैं। आने जाने के लिए दोपहिया वाहन की जरूरत पड़ेगी।
एके बाजपेई ने बताया कि वे कपड़ा मंत्रालय में नौकरी करते थे। नौकरी के दौरान हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई। इसके चलते देश में उनका कई जगह तबादला भी हुआ। हालांकि वे इससे परेशान नहीं हुए, लेकिन दो बेटियों की पढ़ाई और फिर उनकी शादी के लिए उन्होंने 2012 में नौकरी छोड़ दी। अब बेटियों की शादी के बाद वे जिम्मेदारी से मुक्त हैं। घर में अकेले हैं, इस वजह से कुछ करना चाहते हैं।
उनका मानना है कि यदि कोई अपने जीवन में कुछ करने की ठान ले, तो उम्र उसके कार्य में बाधा नहीं बनती। शरीर की ऊर्जा उसके कार्य में कोई रुकावट नहीं डालती, क्योंकि उसका निश्चय मन से होता है। किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए उम्र का कोई बधन नहीं होता, जरूरत होती है इच्छा शक्ति की।