{"_id":"67ace91345bedf0df803ec9f","slug":"raped-a-minor-after-friendship-sentenced-to-10-years-etawa-news-c-216-1-etw1002-121485-2025-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: दोस्ती के बाद नाबालिग से किया दुष्कर्म, 10 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: दोस्ती के बाद नाबालिग से किया दुष्कर्म, 10 साल की सजा
विज्ञापन
इटावा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट यज्ञेश चंद्र पांडे ने चार साल पुराने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर दो हजार रुपया का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला की रहने वाली महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी 16 साल की पुत्री सामान लेने के लिए मोहल्ले की दुकान पर सामान जाती थी। तभी वहां फ्रेंड्स कालोनी का रहने वाला राम जी बाथम मिलता था। इससे उसकी पुत्री की उससे दोस्ती हो गई। वह उसके घर जाने लगा। पांच मार्च 2021 को वह अपने घर पर नहीं थी। पुत्री घर पर अकेली थी, तभी मौका पाकर रामजी उसके घर में घुस आया और उसने उसकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया।
बाद में वह जान माल की धमकी देते हुए फरार हो गया। जब उसे जानकारी हुई तो उसने थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने रामजी के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए।
विज्ञापन
सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट में हई। सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक दशरथ सिंह चौहान ने पैरवी की। उनकी ओर से पेश किए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने राम जी को दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उसे दस साल की सजा सुनाई।
विज्ञापन
फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला की रहने वाली महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी 16 साल की पुत्री सामान लेने के लिए मोहल्ले की दुकान पर सामान जाती थी। तभी वहां फ्रेंड्स कालोनी का रहने वाला राम जी बाथम मिलता था। इससे उसकी पुत्री की उससे दोस्ती हो गई। वह उसके घर जाने लगा। पांच मार्च 2021 को वह अपने घर पर नहीं थी। पुत्री घर पर अकेली थी, तभी मौका पाकर रामजी उसके घर में घुस आया और उसने उसकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
बाद में वह जान माल की धमकी देते हुए फरार हो गया। जब उसे जानकारी हुई तो उसने थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने रामजी के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए।
विज्ञापन
सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट में हई। सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक दशरथ सिंह चौहान ने पैरवी की। उनकी ओर से पेश किए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने राम जी को दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उसे दस साल की सजा सुनाई।