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दुष्कर्म पीड़िता की मौत का मामला: गिरफ्तारी के 36 घंटे बाद आखिरकार निलंबित किया गया आरोपी लेखपाल
Thu, 16 Dec 2021 09:57 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 16 Dec 2021 09:57 PM IST
सार
कानपुर के ककवन निवासी एक 15 साल की सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की मंगलवार को अस्पताल में डिलीवरी के दौरान मौत हो गई थी। दो माह पहले दर्ज इस केस में आरोपी लेखपाल से सांठगांठ कर पुलिस उसे बचाने में जुटी थी।
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आरोपी लेखपाल रंजीत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी लेखपाल रंजीत वरबार आखिरकार गुरुवार शाम निलंबित कर दिया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद जिस तरह से पुलिस लेखपाल पर मेहरबान थी उसी तरह प्रशासन भी उसको बचाने में जुटा हुआ था। यही वजह है कि उसको निलंबित नहीं किया गया।
यहां तक कि गिरफ्तारी के 36 घंटे बाद का समय बीतने के बाद उस पर कार्रवाई की गई। लेखपाल रंजीत पर 11 अक्तूबर को सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो, धमकी देने की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ था। तब से वह लगातार नौकरी कर रहा था। पुलिस के रिकॉर्ड में वह फरार था। गंभीर मुकदमा दर्ज होने के बावजूद विभागीय कार्रवाई उस पर नहीं की गई।
जब मंगलवार को पीड़िता की मौत हो गई। तब हड़कंप मचा। उसी रात करीब 12 बजे आउटर पुलिस ने उसको गिरफ्तार किया। बुधवार को उसे जेल भेजा। तब भी उस पर विभागीय कार्रवाई नहीं की गई। गुरुवार शाम को उसे निलंबित किया गया। जब हर तरफ संबंधित विभाग व अफसरों की भद्द पिट गई। अफसर कई तरह के नियम कानून का हवाला देकर आरोपी का पक्ष लेने में जुटे रहे।
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यहां तक कि गिरफ्तारी के 36 घंटे बाद का समय बीतने के बाद उस पर कार्रवाई की गई। लेखपाल रंजीत पर 11 अक्तूबर को सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो, धमकी देने की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ था। तब से वह लगातार नौकरी कर रहा था। पुलिस के रिकॉर्ड में वह फरार था। गंभीर मुकदमा दर्ज होने के बावजूद विभागीय कार्रवाई उस पर नहीं की गई।
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जब मंगलवार को पीड़िता की मौत हो गई। तब हड़कंप मचा। उसी रात करीब 12 बजे आउटर पुलिस ने उसको गिरफ्तार किया। बुधवार को उसे जेल भेजा। तब भी उस पर विभागीय कार्रवाई नहीं की गई। गुरुवार शाम को उसे निलंबित किया गया। जब हर तरफ संबंधित विभाग व अफसरों की भद्द पिट गई। अफसर कई तरह के नियम कानून का हवाला देकर आरोपी का पक्ष लेने में जुटे रहे।
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कानपुर हैलट के जच्चाबच्चा अस्पताल में मंगलवार को प्रसव के दौरान सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता किशोरी की मौत हो गई थी। आठ माह की गर्भवती किशोरी के गर्भ में बच्चा ही मर गया था। उसे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने आरोपी लेखपाल पर किशोरी को बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया था।
दो माह पहले दर्ज इस केस में आरोपी लेखपाल से सांठगांठ कर पुलिस उसे बचाने में जुटी थी। अक्तूबर में किशोरी ने पेट दर्द की शिकायत की। परिवार वालों ने जब जांच कराई तो पता चला कि वह गर्भवती है। तब उसके पिता ने 11 अक्तूबर को ककवन थाने में लेखपाल रंजीत बरबार, करन उर्फ बड़ऊ और दो अज्ञात के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, धमकी देने व एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था।
सोमवार रात अचानक पीड़िता की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी ले गए। वहां से उसे हैलट रेफर किया गया। हैलट के जच्चाबच्चा अस्पताल में मंगलवार को प्रसव हुआ। इस दौरान किशोरी की मौत हो गई, बच्चा मरा पैदा हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे की मौत गर्भ में ही हो गई थी।
दो माह पहले दर्ज इस केस में आरोपी लेखपाल से सांठगांठ कर पुलिस उसे बचाने में जुटी थी। अक्तूबर में किशोरी ने पेट दर्द की शिकायत की। परिवार वालों ने जब जांच कराई तो पता चला कि वह गर्भवती है। तब उसके पिता ने 11 अक्तूबर को ककवन थाने में लेखपाल रंजीत बरबार, करन उर्फ बड़ऊ और दो अज्ञात के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, धमकी देने व एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था।
सोमवार रात अचानक पीड़िता की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी ले गए। वहां से उसे हैलट रेफर किया गया। हैलट के जच्चाबच्चा अस्पताल में मंगलवार को प्रसव हुआ। इस दौरान किशोरी की मौत हो गई, बच्चा मरा पैदा हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे की मौत गर्भ में ही हो गई थी।