Kanpur Crime: व्यापारी को बंधक बनाकर मांगी थी फिरौती, CDR से गिरोह का पता लगा रही पुलिस, जानें पूरा मामला
Kanpur News: नौबस्ता से एक व्यापारी को बदमाशों ने झांसा देकर अलवर बुलाया और बंधक बना लिया था। कानपुर पुलिस ने अलवर पुलिस की मदद से पीडि़त को बंधन मुक्त कराया था। मामले में पुलिस सीडीआर की मदद से गिरोह का पता लगा रही है।
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कानपुर से व्यापार के सिलसिले में अलवर बुलाकर नौबस्ता के कारोबारी का अपहरण और फिरौती के मामले में पुलिस गिरोह तक पहुंचने के लिए सीडीआर का सहारा ले रही है। नंबर की सीडीआर खंगाली जा रही है। आवास विकास, हंसपुरम निवासी बारदाना कारोबारी गोपाल मोहन गुप्ता के मोबाइल पर एक सप्ताह पूर्व कॉल आई थी।
कॉलर ने खुद को राजस्थान के अलवर का बताते हुए पैकिंग मैटेरियल आधे दामों पर उपलब्ध कराने का झांसा देकर वहीं बुला लिया था। गोपाल मोहन मंगलवार सुबह अलवर पहुंचे तो कुछ लोगों ने उनका कार में अपहरण कर लिया। चाकू और तमंचा लगाकर जेब में पड़े रुपये ले लिए। उनके मोबाइल से 1.30 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए थे।
फोन से घर वालों से रुपये मंगवाए, जिसके बाद डेढ़ लाख रुपये भाई ने ट्रांसफर कर दिए। पुलिस फिरौती के लिए प्रयोग किए गए नंबरों की सीडीआर निकलवा रही है। एसीपी नौबस्ता अभिषेक पांडेय ने बताया कि पुलिस सीडआर निकलवाने के साथ गिरोह के बारे में पता लगा रही है।
सस्ता माल देने का झांसा देकर बुलाया था अलवर बुलाया
बता दें कि नौबस्ता के एक कारोबारी को बदमाशों ने झांसा देकर राजस्थान के अलवर बुलाया। इसके बाद उन्हें बंधक बना खाते से 1.30 लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद परिजनों को कॉल कर फिरौती मांगी। मामला संज्ञान में आने के बाद नौबस्ता पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अलवर पुलिस के साथ मिलकर छापा मारा।
व्यापारी करता है बोरे का कारोबार
यहां बदमाश व्यापारी को छोड़कर भाग निकले। नौबस्ता के हंसपुरम आवास विकास निवासी गोविंद मोहन गुप्ता ने बताया कि उनके भाई गोपाल मोहन गुप्ता बोरे का कारोबार करते हैं। उन्होंने ऑनलाइन देखा, तो अलवर राजस्थान में आधी कीमत पर उन्हें माल मिल रहा था।
पत्नी को बताया था कि मीटिंग होनी है
इसके बाद उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल की। इसके बाद मीटिंग करने के लिए तीन अप्रैल को ट्रेन से अलवर निकल गए। सुबह उन्होंने अलवर पहुंचकर पत्नी को कॉल कर बताया कि उन्हें कुछ लोग लेने आ रहे हैं। इसके बाद बड़े व्यापारी के साथ उनकी मीटिंग होनी है।
नजदीकियों से कहा...खाते में पैसे डालो
इस कॉल के कुछ देर बाद ही उनके खाते से 1.30 लाख रुपये निकल गए। इतना ही नहीं बदमाशों ने उन्हें बंधक बनाने के बाद गोपाल मोहन ने भाई, भतीजे और अपने नजदीकियों को फोन करके किसी से एक लाख, तो किसी से दो लाख रुपये खाते में डालने को कहा।
पुलिस की सर्तकता से सकुशल बरामद
परिवार के लोगों ने संदेह होने पर चार अप्रैल को नौबस्ता थाने में अपहरण कर फिरौती मांगने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई । इसके बाद नौस्ता पुलिस ने अलवर पुलिस की मदद से उसके सकुलश बरामद कर लिया। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी फरार हो गए थे।