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नागरिकता कानून पढ़ें, इसमें हिंदुस्तानियों के अधिकारों का हनन नहीं: डॉ. रामशंकर कठेरिया

Sat, 21 Dec 2019 04:07 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 21 Dec 2019 04:07 PM IST
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Ram Shankar Katheria said read the citizenship law, there is no violation of the rights of Indians
डॉ. रामशंकर कठेरिया - फोटो : गूगल
नागरिकता संशोधन कानून देश के किसी भी वर्ग, जाति और समाज के अधिकारों का हनन नहीं होगा। भविष्य में भी हिंदुस्तान के लोगों को वही अधिकारी मिलते रहेंगे जो मिलते आए हैं। किसी के कहे पर न जाएं। संसद में पारित नागरिकता कानून को पढ़ें, खुद ही सब समझ जाएंगे। ये बातें सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया ने इटावा जिले में पत्रकारों से बातचीत में कहीं।
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अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डा. रामशंकर कठेरिया ने सिंचाई विभाग के डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत की शुरुआत लोगों से शांति की अपील के साथ की। उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून पर विपक्षी अशांति फैलाने का काम कर रहे हैं। विपक्ष केवल वोट के लिए लोगों को भड़का रहा है।
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डॉ. कठेरिया ने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून में कहीं भी हिंदुस्तान के मुस्लिमों के अहित की बात नहीं है। उनके अधिकारों कोई हनन नहीं होने जा रहा है। कानून में केवल देश के बाहर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में प्रताड़ित हो रहे अल्पसंख्कों को भारत की नागरिकता देने की बात है। सांसद ने कहा कि इन अल्पसंख्यकों में हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी शामिल हैं।

नागरिकता बिल पर हो रहे बवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों से लगातार शांति की अपील कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। मुख्यमंत्री जैसा कह रहे हैं, उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और आगे की जाएगी।

संवैधानिक अधिकारों का लाभ लेकर दिशा सुधारें 
उप्र सरकार द्वारा धार्मिक अल्पसंख्यकों के रूप में मुस्लिम, सिख, जैन, बौद्ध एवं ईसाई धर्मावलंबियों मान्यता दी गई है। इनके लिए सरकार द्वारा विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुस्लिम समाज को इन संवैधानिक अधिकारों का लाभ लेकर अपने समाज की दशा और दिशा सुधारने की आवश्यकता है। 

ये बातें शुक्रवार को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह ने स्थानीय मदरसा अरबिया कुरानया में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के मौके पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। उन्होंने बताया अंतरराष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मनाया जाता है जो 1992 से अल्पसंख्यकों को अपना हक मांगने, अपनी भाषा का संरक्षण करने, अपनी शिक्षा व अन्य मांगें करने के लिए एक दिन मुकर्रर कर दिया गया है।
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इस्लामिया एजुकेशनल एसोसिएशन के संयुक्त सचिव मसरूर अहमद एडवोकेट ने भाषायी एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों के भारत के नवनिर्माण में योगदान पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।  अल्पसंख्यकों के संबंध में संवैधानिक अधिकार तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में मौलाना सैयद मोहम्मद शाद ने विस्तारपूर्वक समझाया।

इस दौरान मोहम्मद सुफियान असद, प्रबंधक मदरसा अरबिया कुरानिया मसूद फैसल, जनपद के मदरसा अध्यापक व उर्दू टीचर आदि उपस्थित रहे। संचालन मदरसे के प्रधानाचार्य तथा संयोजक मौलाना तारिक शम्सी ने किया।
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