डियर तापमान.. सरम आवत है तुम पे.. छी..!! कितना गिर गए हौ तुम..!! दोस्तों आज काल भयंकर ठंड पड़ रही है मच्छर भी आय के कहि रहे हैं भईया काटब नाहीं थोड़ी देर रजाई में घुस लेन देव.. अउर हमरा आज का विचार ई है कि पानी मा भिगिहौ तो कपड़ा बदल लेहो..
अउर पसीना मा भिगिहौ तो किस्मत बदल लेहो.. वइसे ससुरी दुई दिना से रात मा हमका कुछ जादा ही ठंड लग रही है.. हम एका कारन पता लगावा तो पता चला कि हमरी रजाई अभीन तलक आधार कार्ड से लिंक नहीं भई.. तो भईया आपन आपन रजाई आधार कार्ड से लिंक करवाओ अउर सरदी से बचौ..
वइसे भी आजकाल रात मा सोवे के टाइम दस से पंद्रह मिनट तो खाली रजाई गरम करे मा लग जात हैं.. अउर अइसे मा जइसेहे आप रजाई गरम करि के सोवे वाले होत हौ.. वइसेहे आवाज आत है कि जरा देखौ तो दरवज्जे पे को आय .. कसम से जी करत है दरवज्जा खटखटावे वाले का आत्मघाती हमले से उड़ा देई.. अभीन आजै की बात सुनौ..
आज हमरे घर मा सब लोग हाल मा बइठे रहे.. तबहीं हमसे गलती से छत वाले पंखे केर बटन दब गवा.. हमरा पूरा परिवार हमका अईस घूर के देखत रहा जइसे हम कौनो आतंकवादी होंय.. दोस्तों सर्दी का मौसम यानी सादी ब्याह का मौसम.. वैसे केहू केहू के लिए ई मौसम बड़ा बेदर्द भी होत है.. एक सादी में हमका कृष्णा नगर के बच्ची यादव मिले.. थोड़ा उदास रहे.. हम कहा का हुवा में?..
तो हमरे साथ गजोधर रहे.. उई हमका बताईन कि ई जौने लड़की केर सादी का फंक्शन होय.. ई बच्ची यादव ओसे मुहब्बत करत रहें.. यही मारे उदास हैं.. बच्ची यादव कहिन नहीं अईस बात नहीं ना.. हम अईस दुखी हन कि हमरे खाय से पहिलेहे गाजर का हलवा खत्म हुई गवा.. हम कहा ये बात..!! इसक मुहब्बत एक तरफ.. गाजर का हलवा एक तरफ.. वइसे दुखी मत होओ..