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लेखकों, साहित्यकारों और युवा कलाकारों को एकजुट करने के लिए रेलवे अधिकारी ने बनाया नया मंच
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 16 Nov 2017 06:42 PM IST
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कानपुर सेंट्रल के उप स्टेशन अधीक्षक यशभान सिंह तोमर
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यूपी के कानपुर शहर में रेलवे अधिकारी द्वारा ऐसा विशेष यूट्यूब चैनल बनाया गया है जिसके जरिए नए लेखकों, साहित्यकारों और युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक अलग मंच मिलेगा।
कानपुर सेंट्रल में कार्यरत उप स्टेशन अधीक्षक यशभान सिंह तोमर ने Sahityadhara यूट्यूब चैनल बनाया है। यशभान मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले हैं। कानपुर सेंट्रल उप स्टेशन अधीक्षक के पद पर नवंबर 2013 में कानपुर आये थे। उन्होंने देखा कि इस शहर में कलात्मक गतिविधियां तो हो रही हैं लेकिन बिखराव है।
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कानपुर सेंट्रल में कार्यरत उप स्टेशन अधीक्षक यशभान सिंह तोमर ने Sahityadhara यूट्यूब चैनल बनाया है। यशभान मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले हैं। कानपुर सेंट्रल उप स्टेशन अधीक्षक के पद पर नवंबर 2013 में कानपुर आये थे। उन्होंने देखा कि इस शहर में कलात्मक गतिविधियां तो हो रही हैं लेकिन बिखराव है।
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चैनल से अब तक जुड़े हैं 40 कवि
यशभान मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले हैं
यशभान ने साहित्य धारा फाउंडेशन के नाम से एक संगठन बनाया गया। जिसमें कानपुर के ज्यादातर साहित्यकारों को जोड़ने की कोशिश की। आईआईटी कानपुर में 23 जुलाई 2017 को साहित्य धारा यूट्यूब चैनल स्टार्ट किया। अब तक इस चैनल पर 40 कवियों की कवितायें अपलोड की जा चुकी हैं। लघु कथा लेखकों को भी इस चैनल के जरिए प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। इसके लिए गोविंद नगर में बकायदा एक स्टूडियो बनाया है।
एक हफ्ते में ही पॉपुलर हो गई फिल्म निषिद्ध
शॉर्ट फिल्म निषिद्ध का पोस्टर
यशभान के बेटे कुलिक तोमर और रत्नेश ने एनिमेशन का कोर्स किया था और इन्होंने कानपुर में ही शॉर्ट मूवी मेकिंग की शुरुआत कर दी। पहली फिल्म कानपुर यूनिवर्सिटी बीएड डिपार्टमेंट की प्रोफेसर डॉ. जया राजपूत की कहानी निषिद्ध पर बनाई गई। इस शॉर्ट फिल्म को 29 अक्टूबर को रूमा स्थित एक्सिस कॉलेज में रिलीज किया गया। एक सप्ताह के अंदर फिल्म पॉपुलर हो गई। केवल भारत ही नहीं अमेरिका, रूस कुवैत जैसे देशों में ये फिल्म देखी जा चुकी है। 'गरीब का सपना देखना' फिल्म निषिद्ध का आधार है। इस शॉर्ट फिल्म के माध्यम से गरीबी को अलग अंदाज में दर्शाया गया है। फिल्म निषिद्ध में कानपुर के अविनाश अस्थाना, सुनीति सिंह, आस्था ने भावप्रद अभिनय किया है।
5 लघु फिल्में बनाने की होगी शुरूआत
सामाजिक मुद्दों पर शॉर्ट फिल्म बनाने की होगी शुरुआत
एक मंच मिलने से साहित्यकारों में भी उत्साह पैदा हुआ है। 19 नवंबर को 5 लघु फिल्में बनाने की शुरूआत की जाएगी। यह फिल्में विभिन्न सामाजिक विषयों पर बनेंगी। इसमें कानपुर के लेखक, कवि, संगीतकार, गायकों और अभिनेताओं को अवसर दिया जा रहा है।