Kanpur: बिजली टैरिफ की जनसुनवाई में आरोपों की झड़ी, बिजली चोरी रोकने के लिए बनी विंग…अधिकारी ही कर रहे घूसखोरी
Kanpur News: बिजली टैरिफ की जनसुनवाई में विद्युत नियामक आयोग के सामने लोगों ने आरोपों की झड़ी लगा दी। उपभोक्ता बोले कि अधिकारी बिल, कनेक्शन, मीटर के लिए चक्कर लगवाते हैं। कार्यालय में बैठे-बैठे ही छापेमारी हो रही है।
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सर, केस्को की ओर से कभी भी जनसुविधाओं की जानकारी नहीं दी जाती है। बिजली के दाम में वृद्धि होती है, लेकिन कई घंटे सप्लाई बाधित होने पर बिल में छूट का कोई प्रावधान नहीं है। केस्को की इनफोर्समेंट विंग बिजली चोरी रोकने के लिए बनी है, जबकि इनके अधिकारी ही उत्पीड़न और घूसखोरी कर रहे हैं। कार्यालय में बैठे-बैठे ही छापेमारी की जा रही है।
ये आरोप अजय प्रताप सिंह ने सोमवार को द स्पोर्ट्स हब में बिजली टैरिफ को लेकर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश विद्युत आयोग के पदाधिकारियों के सामने लगाए। उन्होंने ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की विजिलेंस जांच कराने की मांग की। कई अन्य उपभोक्ताओं ने भी कनेक्शन, बिल संशोधन, मीटर लगवाने के नाम पर कार्यालयों में चक्कर लगाने की बात कही।
बिजली टैरिफ संबंधी आपत्ति या सुझाव की जगह विद्युत नियामक आयोग को समस्याएं बताई गईं। आयोग के सदस्यों ने उन समस्याओं को दूर कराने का आश्वासन दिया। उन्हें अपनी शिकायत देने के लिए कहा। कई मांग पत्र केस्को एमडी सैमुअल पॉल एन को दिए गए। जनसुनवाई के लिए टीएसएच में विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन अरविंद कुमार, सचिव शैलेंद्र गौर, निदेशक डॉ. अमित भार्गव, सदस्य संजय कुमार सिंह मौजूद रहे।
पीएम सूर्य घर योजना को औद्योगिक क्षेत्रों में भी लागू कराने की मांग
आईआईए के अध्यक्ष दिनेश बरासिया ने उपभोक्ताओं के बिजली के गलत बिल आने की बात उठाई। उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना को औद्योगिक क्षेत्रों में भी लागू कराने की मांग की। फीटा उद्योग संघ के महासचिव उमंग अग्रवाल ने कहा की स्काडा सिस्टम औद्योगिक क्षेत्रों में लागू करने करना चाहिए, जिससे ट्रिपिंग और फॉल्ट होने पर दूसरे फीडर से सप्लाई जोड़ी जो सके।
2018 से क्षेत्र में तीन पोल लगवाने के लिए भटक रहे हैं
सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा केस्को के ऊपर लगाए गए जुर्माने को टैरिफ की गणना से बाहर करना चाहिए। इसका भार उपभोक्ताओं पर न आए। औद्योगिक क्षेत्र की सारी लाइनों को भूमिगत किया जाए, जिससे फॉल्ट की समस्या दूर हो सके। सनिगवां से आए राधारमण ने कहा कि 2018 से क्षेत्र में तीन पोल लगवाने के लिए भटक रहे हैं। माननीयों के पास भी गए, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
अनुमति पत्र लाने के लिए परेशान कर रहे हैं अधिकारी
जरौली फेज दो से आए सुमित कुमार ने कनेक्शन न मिलने की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि सरस्वती सोसाइटी में 130 घर हैं। लोगों ने राशि एकत्रित कर विद्युतीकरण कराया। अब कनेक्शन की मांग की जा रही है, तो एसडीओ और अन्य अधिकारी सोसाइटी के पदाधिकारियों का अनुमति पत्र लाने के लिए परेशान कर रहे हैं। आयोग के पदाधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लेने के लिए कहा।
छह महीने से कनेक्शन के लिए दौड़ा रहे हैं
हरविंदर सिंह ने छह महीने से मीटर के लिए चक्कर लगाने, काकादेव के धीरज शुक्ला ने केस्को के ठेकेदारों पर उत्पीड़न करने, कोयलानगर के संदीप कुमार ने छह महीने से कनेक्शन के लिए दौड़ाने और जाजमऊ के मो. जमशेद ने बिल में पावर फैक्टर अंकित न होने का आरोप लगाया। शिव कुमार गुप्ता, देव दुग्गल, आलोक अग्रवाल, संदीप अवस्थी आदि उपभोक्ता मौजूद रहे।
उपभोक्ता के लिए मुआवजे का प्रावधान भी रहे
विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन अरविंद कुमार ने कहा कि नई दरों के लिए बिजली कंपनियां अपने खर्चों का प्रस्ताव रखती हैं। इस पर उपभोक्ताओं की ओर से आपत्तियां आती हैं। आयोग इसकी सुनवाई करके नई दरों पर सहमति देता है। उपभोक्ताओं को समय पर बिल जमा करना चाहिए। अब तो डिजिटल प्लेटफार्म है। कंपनियों को बिलिंग, ट्रिपिंग की समस्या पर ध्यान देना होगा। उपभोक्ताओं के लिए मुआवजे का प्रावधान रखा जाए।