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प्रियंका हत्याकांडः कानपुर जीआरपी करेगी मामले की जांच
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 23 Sep 2017 04:27 PM IST
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पटना राजधानी एक्सप्रेस से सफर कर रही किशोरी प्रियंका की हत्या मामले में जांच कानपुर जीआरपी इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। इस मामले में जीआरपी पटना में दर्ज रिपोर्ट को कानपुर ट्रांसफर कर दिया गया है। जांच के लिए दो टीमें दिल्ली और पटना रवाना हुई हैं। जीआरपी कानपुर के इंस्पेक्टर राममोहन राय जांच करने दिल्ली गए हैं। वहां वह उसके रहने की जगह, पढ़ने वाले स्कूल और पड़ोसियों से पूछताछ करेंगे।
कानपुर सेंट्रल पर किशोरी उतरी या नहीं, इसका खुलासा सीसीटीवी फुटेज से होगा। प्रियंका के अमित (25) ने बताया वह 18 सितंबर की रात दिल्ली-पटना राजधानी एक्सप्रेस से बहन को लेकर घर जा रहा था। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उतर कर बहन बाथरूम गई थी। वह समझा कि बहन कोच में आकर सो गई होगी। वह भी सो गया। जब उठा तब देखा कि बहन सीट पर नहीं थी। फिर ट्रेन के पटना पहुंचने पर उसने जीआरपी में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
दूसरी ओर खागा कोतवाली क्षेत्र के सतनरैनी स्टेशन से पूरब की ओर रेलवे ट्रैक पर 19 सितंबर मंगलवार सुबह को किशोरी का शव मिला था। 21 सितंबर को शव की पहचान बिहार के जमुई जिले के सोनो थाना क्षेत्र के छप्परढीह निवासी भुवनेश प्रसाद महतो की बेटी प्रियंका (17) के रूप में की गई। वह कक्षा 11 की छात्रा थी। किशोरी की उम्र और तहरीर पर खड़े हो रहे सवाल किशोरी की उम्र को लेकर भी भ्रम की स्थिति है। आधार कार्ड में प्रियंका की उम्र 15 वर्ष है।
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कानपुर सेंट्रल पर किशोरी उतरी या नहीं, इसका खुलासा सीसीटीवी फुटेज से होगा। प्रियंका के अमित (25) ने बताया वह 18 सितंबर की रात दिल्ली-पटना राजधानी एक्सप्रेस से बहन को लेकर घर जा रहा था। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उतर कर बहन बाथरूम गई थी। वह समझा कि बहन कोच में आकर सो गई होगी। वह भी सो गया। जब उठा तब देखा कि बहन सीट पर नहीं थी। फिर ट्रेन के पटना पहुंचने पर उसने जीआरपी में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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दूसरी ओर खागा कोतवाली क्षेत्र के सतनरैनी स्टेशन से पूरब की ओर रेलवे ट्रैक पर 19 सितंबर मंगलवार सुबह को किशोरी का शव मिला था। 21 सितंबर को शव की पहचान बिहार के जमुई जिले के सोनो थाना क्षेत्र के छप्परढीह निवासी भुवनेश प्रसाद महतो की बेटी प्रियंका (17) के रूप में की गई। वह कक्षा 11 की छात्रा थी। किशोरी की उम्र और तहरीर पर खड़े हो रहे सवाल किशोरी की उम्र को लेकर भी भ्रम की स्थिति है। आधार कार्ड में प्रियंका की उम्र 15 वर्ष है।
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उसके भाई अमित ने पटना जीआरपी में जो तहरीर दी है, उसमें उसकी उम्र 18 वर्ष है। जबकि जीआरपी खागा ने उसकी उम्र 17 वर्ष बताई है। ऐसे में उसकी उम्र को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। जीआरपी पटना ने अपने बचाव में कई तरह के खेल तहरीर में किये हैं। भाई अमित से फोन पर पूछताछ कानपुर के सीओ राजेश द्विवेदी ने की है। अमित ने बताया कि उसकी बहन ट्रेन में चढ़ी थी लेकिन जीआरपी पटना ने कहा कि तहरीर में कानपुर के बाद ट्रेन में बहन के न चढ़ने की बात लिखवाई है।
यह सवाल भी है कि जीआरपी स्कवॉयड ने बयान दिया है कि उसके भाई ने ट्रेन में किशोरी के गायब होने की बात बताई थी। अगर ऐसा था तो पटना से पहले ट्रेन रुकने के स्थान पर उसने तहरीर क्यों नहीं दी।
ट्रेन से फेंकी गई होती तो इस तरह न कटता शव
अगर मान भी लें कि किशोरी ट्रेन से कूदी या किसी ने उसे धक्का दे दिया फिर भी वह अप लाइन पर इस तरह न गिरती। वजह थी कि राजधानी 100 किमी प्रति घंटा की तेज रफ्तार से वहां से गुजरी। ऐसे में अप लाइन के बीचोबीच इस तरह से शव के कटन का कोई सवाल नहीं उठता है।इस बात की आशंका है कि युवती को हत्या कर ट्रैक पर फेंका गया है, जिससे कि वह आत्महत्या लगे।
यह भी हो सकता है कि ट्रेन में उसके साथ कोई अन्य भी व्यक्ति था। जिसके बारे में या तो उसका भाई अमित नहीं जानता था या फिर छिपा रहा है। क्योंकि उसके बयानों में पुलिस को पहले ही भिन्नता लगी है। उसने बताया कि चार महीने पहले ही वह उसे दिल्ली पढ़ाने ले गया था। स्कूलों में कोई छुट्टी नहीं थी और सत्र पूरा किये बगैर वह घर क्यों जा रहा था। ऐसे में दिवाली, छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के लिए इतने पहले घर जाने की संभावना भी नहीं है।
यह सवाल भी है कि जीआरपी स्कवॉयड ने बयान दिया है कि उसके भाई ने ट्रेन में किशोरी के गायब होने की बात बताई थी। अगर ऐसा था तो पटना से पहले ट्रेन रुकने के स्थान पर उसने तहरीर क्यों नहीं दी।
ट्रेन से फेंकी गई होती तो इस तरह न कटता शव
अगर मान भी लें कि किशोरी ट्रेन से कूदी या किसी ने उसे धक्का दे दिया फिर भी वह अप लाइन पर इस तरह न गिरती। वजह थी कि राजधानी 100 किमी प्रति घंटा की तेज रफ्तार से वहां से गुजरी। ऐसे में अप लाइन के बीचोबीच इस तरह से शव के कटन का कोई सवाल नहीं उठता है।इस बात की आशंका है कि युवती को हत्या कर ट्रैक पर फेंका गया है, जिससे कि वह आत्महत्या लगे।
यह भी हो सकता है कि ट्रेन में उसके साथ कोई अन्य भी व्यक्ति था। जिसके बारे में या तो उसका भाई अमित नहीं जानता था या फिर छिपा रहा है। क्योंकि उसके बयानों में पुलिस को पहले ही भिन्नता लगी है। उसने बताया कि चार महीने पहले ही वह उसे दिल्ली पढ़ाने ले गया था। स्कूलों में कोई छुट्टी नहीं थी और सत्र पूरा किये बगैर वह घर क्यों जा रहा था। ऐसे में दिवाली, छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के लिए इतने पहले घर जाने की संभावना भी नहीं है।