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बिना डॉक्टर व कागज चल रहा प्राइवेट अस्पताल व दो क्लीनिक बंद

Wed, 06 Oct 2021 12:39 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 12:39 AM IST
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Private hospital and two clinics closed without doctors and papers
सिकंदरा स्थित क्लीनिक में ताला लगवाते एसीएमओ डॉ.एसएल वर्मा। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। जिले में डेंगू व बुखार लगातार कहर बरपा रहा है। सरकारी अस्पतालों में भीड़ के चलते लोग इलाज व जांच कराने प्राइवेट अस्पताल व लैब का रुख कर रहे हैं। इसका फायदा संचालक उठा रहे हैं। एसीएमओ के निरीक्षण में एक प्राइवेट अस्पताल व दो क्लीनिक बिना डॉक्टर व मानकों के चलते मिले। जिसपर उन्हें तत्काल बंद कराते हुए नोटिस जारी किया गया है।
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मंगलवार को एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा, डॉ. आशीष बाजपेयी ने टीम के साथ सिकंदरा के मुगल रोड पर श्रीनारायण क्लीनिक मेें छापा मारा। वहां चार तख्त पड़े मिले। जिसपर मरीजों को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था। पंजीकरण संबंधी कागज भी नहीं पाए गए। एसीएमओ ने तत्काल बंद कराया। इसके बाद सिकंदरा में ही भारतीय लाइफ लाइन का निरीक्षण किया। यह एक युवक मिला। मरीजों को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था। युवक ने बताया कि डॉक्टर चित्रकूट गए हैं। जिसपर क्लीनिक पर ताला लगवाया गया। राजपुर के राधा-कृष्ण हॉस्पिटल का निरीक्षण करने पर कोई भी डॉक्टर व प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मी नहीं मिला। जिसे बंद करने के निर्देश दिए गए। वहीं, सिकंदरा के पटेल चौक के पास सागर डायग्नोस्टिक का निरीक्षण करने पर संचालक मौके पर पंजीकरण संबंधी कोई कागज नहीं दिखा सके। उन्हें नोटिस देते हुए तीन दिन का समय दिया गया।
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एसीएमओ ने बताया कि कार्रवाई के दौरान एक प्राइवेट अस्पताल व दो क्लीनिक बंद कराए गए हैं। सभी को नोटिस जारी किया गया है। जवाब न देने पर लाइसेंस निरस्तीकरण संबंधी कार्रवाई की जाएगी।
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चार बार बंद हुआ प्राइवेट अस्पताल फिर भी चालू
एसीएमओ के निरीक्षण मेें बिना डॉक्टर व पैरामेडिकल कर्मियों के चलते मिला राजपुर का राधा-कृष्ण हॉस्पिटल पूर्व मेें भी खामियों पर चार बार बंद हो चुका है। इसके बावजूद संचालक बेरोकटोक मानकों को ताक पर रखकर चलाते मिले। विभागीय सूत्रों की मानें तो इसमें स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की भी मिलीभगत रही है। इसी तरह जिले के अन्य क्षेत्रों में भी प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक व पैथालॉजी मनमाने तरीके से चल रही हैं। एसीएमओ ने कहा कि राधा-कृष्ण अस्पताल चार बार बंद होने पर भी कैसे चालू किया गया। इसकी छानबीन कराई जाएगी।
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