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Kanpur News: यूजीसी, एआईसीटीई जैसे संस्थानों को एक छाते के नीचे लाने की तैयारी
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कानपुर। अब यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीटीई जैसे संस्थानों को एक छाते के नीचे लाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान का बिल तैयार हो गया है और वर्तमान में यह संसद की हाई-पावर कमेटी में विचाराधीन है। यह जानकारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के चेयरमैन और यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन प्रो. प्रदीप कुमार जोशी ने दी।
उन्होंने बताया कि एनटीए जल्द ही एक नया नियम भी ला सकता है, जिसके तहत यदि कोई छात्र गैर जिले के परीक्षा केंद्र का आवेदन करता है तो उसे उसका कारण स्पष्ट करना होगा। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए प्रो. प्रदीप कुमार ने विवि व महाविद्यालय से जुड़ी यादों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि 2047 में विकसित भारत के निर्माण के लिए नई शिक्षा नीति नींव रखने का काम कर रही है। इसके तहत शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, पुरातन वैभव की समझ और दो रोटी कमाने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है। छात्रों के आत्महत्या के मामले पर कहा कि विद्यार्थी को मानसिक रूप से मजबूत रहना चाहिए, जीवन को नियमित ढंग से बिताना चाहिए, फास्ट फूड से परहेज करना चाहिए और स्वस्थ मन से जीवन जीना चाहिए। उनका जीवन राष्ट्र की संपत्ति है।
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उन्होंने बताया कि एनटीए जल्द ही एक नया नियम भी ला सकता है, जिसके तहत यदि कोई छात्र गैर जिले के परीक्षा केंद्र का आवेदन करता है तो उसे उसका कारण स्पष्ट करना होगा। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए प्रो. प्रदीप कुमार ने विवि व महाविद्यालय से जुड़ी यादों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि 2047 में विकसित भारत के निर्माण के लिए नई शिक्षा नीति नींव रखने का काम कर रही है। इसके तहत शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, पुरातन वैभव की समझ और दो रोटी कमाने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है। छात्रों के आत्महत्या के मामले पर कहा कि विद्यार्थी को मानसिक रूप से मजबूत रहना चाहिए, जीवन को नियमित ढंग से बिताना चाहिए, फास्ट फूड से परहेज करना चाहिए और स्वस्थ मन से जीवन जीना चाहिए। उनका जीवन राष्ट्र की संपत्ति है।
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